ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी: 'हमारी एकता सबसे बड़ी ताकत, हर हमले का जवाब पिछले युद्धों से भी भारी होगा'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि किसी भी आक्रामक सैन्य कार्रवाई का जवाब 'पहले और दूसरे थोपे गए युद्धों से भी ज़्यादा भारी और निर्णायक' होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के हमले में पहली बार दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी हवाई हमलों की घोषणा की है।
मेजर जनरल अब्दुल्लाही की चेतावनी
ईरान के सेंट्रल खातम अल-अंबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने रविवार को कहा कि अमेरिका की ओर से किसी भी प्रकार की लालच, दबाव, विस्तारवादी नीति या हिंसक कार्रवाई का सामना ईरान की तरफ से ऐसे निर्णायक और नुकसानदेह जवाब से किया जाएगा, जिसकी कीमत 'दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों से भी ज़्यादा भारी होगी।' ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार यह बयान दिया गया।
अब्दुल्लाही ने आरोप लगाया कि कई बार सैन्य नाकामी के बाद अब दुश्मन ईरान के लोगों और अधिकारियों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, ईरान की आंतरिक एकता ही इस 'शैतानी साजिश' को विफल करने की सबसे बड़ी ताकत है।
अमेरिकी जवाबी हमले और नए मोर्चे
अमेरिकी सेना ने शनिवार को घोषणा की कि उसने ईरान के हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में नए हवाई हमले शुरू किए हैं। अमेरिका के अनुसार इस अभियान में ईरान की तटीय निगरानी प्रणालियों, वायु रक्षा ठिकानों, समुद्री सैन्य क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमज़ोर करना था।
आईआरएनए ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि रविवार सुबह स्थानीय समयानुसार बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं।
ईरान की रक्षा क्षमता और राष्ट्रीय एकता का दावा
अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरान की रक्षा क्षमता पूरे देश की सुरक्षा की गारंटी है और यही ताकत अधिकारियों को ईरानी नागरिकों की भलाई के लिए निर्भीकता से काम करने का भरोसा देती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने नेता के मार्गदर्शन और लोगों की ऐतिहासिक एकजुटता से पैदा हुई इस एकता की रक्षा करता रहेगा।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों पक्षों की ओर से सैन्य कार्रवाइयाँ जारी हैं। गौरतलब है कि यह पहला मौका है जब ईरान के किसी हमले में अमेरिकी सैनिकों की जान गई हो, जिससे संघर्ष एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों के अनुसार दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है। अमेरिका की ओर से हमलों की तीव्रता और ईरान की जवाबी चेतावनियों को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।