ईरान-अमेरिका संघर्ष: अमेरिकी हमलों में 18 की मौत, 108 घायल; तेहरान का जवाबी हमलों का दावा, संयुक्त राष्ट्र ने माँगा संयम
सारांश
मुख्य बातें
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव 3 सितंबर 2026 को और गहरा गया, जब अमेरिकी हमलों में 18 लोगों की मौत और 108 अन्य के घायल होने की पुष्टि हुई। यह जानकारी ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद रेजा जफरगांदी के बयान के हवाले से सामने आई। दोनों देशों के बीच रातभर चले हमलों और जवाबी हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक अलग बयान में अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार ने मंगलवार रात एक बार फिर ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया। मंत्रालय के अनुसार, कई नागरिक इलाकों और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े ढाँचों को निशाना बनाया गया, जिससे जनहानि के साथ-साथ सरकारी और निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुँचा।
बुधवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि उसकी सेनाओं ने 'ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक सफल शृंखला पूरी की है।' सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के विरुद्ध इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से किए गए हमलों के जवाब में की गई।
ईरान के जवाबी हमलों के दावे
ईरान ने इसके जवाब में जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। आईआरजीसी ने कहा कि उसने कुवैत में स्थित अली अल-सलेम अमेरिकी बेस में अमेरिकी कमांडर के आवास और कमांड पोस्ट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अली अल-सलेम बेस के विरुद्ध जारी अभियान का हिस्सा है। इसके अलावा, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में अकाबा की खाड़ी के निकट स्थित अमेरिकी मरीन बेस कैंप टिटियन पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया।
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने इराक के एरबिल में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे की सर्विलांस बैलून नियंत्रण प्रणाली नष्ट की, तथा एरबिल में एक रखरखाव केंद्र और तकनीकी उपकरणों के गोदामों को भी ध्वस्त किया। संगठन ने दावा किया कि इन हमलों में कई अमेरिकी कर्मियों की मौत हुई और ईंधन भंडारण सुविधाओं में आग लग गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
सिरिक शादी समारोह पर हमले का संदर्भ
आईआरजीसी ने कहा कि जॉर्डन स्थित कैंप टिटियन पर हमला सिरिक में एक शादी समारोह पर हुए कथित अमेरिकी हमले के प्रतिशोध में किया गया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पुष्टि की कि गुटेरेस उस हमले से विशेष रूप से चिंतित हैं, जिसमें कथित तौर पर एक शादी समारोह को निशाना बनाया गया। यह घटना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन के आरोपों को और गंभीर बनाती है।
संयुक्त राष्ट्र की अपील
दुजारिक ने बुधवार को कहा, 'महासचिव अमेरिका और ईरान के बीच रातभर हुए नए हमलों और जवाबी हमलों से बेहद चिंतित हैं।' उन्होंने कहा कि गुटेरेस नागरिकों पर होने वाले सभी हमलों की निंदा करते हैं और सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए — जिसमें नागरिकों और सैन्य लक्ष्यों के बीच अंतर बनाए रखना और कार्रवाई में संतुलन रखना शामिल है।
गुटेरेस ने तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की और सभी पक्षों से संयम बरतने तथा ऐसे कदमों व बयानों से बचने का आग्रह किया जो पहले से बढ़े हुए तनाव को और भड़का सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट में वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है और क्षेत्र में किसी भी व्यवधान का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर तत्काल असर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिकी हमलों का जवाब देना जारी रखेगा। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी बेचैनी है। क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सहयोगी देशों — विशेष रूप से जॉर्डन, कुवैत और बहरीन — पर भी दबाव बढ़ रहा है। कूटनीतिक हस्तक्षेप की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत के कोई संकेत नहीं हैं।