ईरान-अमेरिका तनाव: जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिक शहीद, ईरान ने समझौते की जिम्मेदारियाँ रोकीं
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपविदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने 19 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ईरान ने अमेरिका के साथ हुए शांति समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियाँ निभाना बंद कर दिया है, क्योंकि वाशिंगटन ने पहले अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया। यह घोषणा ऐसे समय में आई जब जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 1 लापता है।
गरीबाबादी का बयान: समझौता टूटा, बचाव प्राथमिकता
सरकारी आईआरआईबी टीवी को दिए साक्षात्कार में गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने समझौते के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताएँ व्यावहारिक रूप से तोड़ दी हैं या रद्द कर दी हैं। उन्होंने कहा, 'अभी हमारे सामने देश का मजबूती से बचाव करने की चुनौती है। इस बार भी, अमेरिकियों को पहले ही जवाब मिल चुका है कि इन आक्रामक कार्रवाइयों से कुछ नहीं होगा। अगर वे समझदार हैं, तो उन्हें दूसरे तरीके चुनने चाहिए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी नई बातचीत की कोई संभावना नहीं है।
जॉर्डन में हमला और अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि 17 जुलाई को जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान 2 अमेरिकी सेवा सदस्य मारे गए, जबकि 1 सेवा सदस्य अभी लापता है। 4 अन्य सैनिकों को जॉर्डन के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिन्हें बाद में छुट्टी दे दी गई। कुछ अन्य को मामूली चोटें आईं और वे ड्यूटी पर लौट आए। सेंट्रल कमांड के अनुसार, मार्च के बाद ईरानी कार्रवाई में अमेरिकी सैनिक की यह पहली मौत है।
अमेरिका का जवाबी हमला और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने शनिवार शाम 6 बजे (अमेरिकी समयानुसार) कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर ईरान के खिलाफ नए एयरस्ट्राइक शुरू किए। इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजरानी को खतरा पहुँचाने की ईरान की क्षमता को कम करना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की सेना को दंडित करना बताया गया। उधर, IRGC ने जॉर्डन के अल-अजराक में अमेरिकी बेस पर हमले की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि हमले में कई एयरक्राफ्ट पूरी तरह नष्ट हो गए।
नेताओं की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शहीद सैनिकों पर दुख जताते हुए कहा, 'हमें ऐसा होते देखना अच्छा नहीं लग रहा। हमारे देश की सेवा करते हुए वो शहीद हुए।' रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक्स पर लिखा, 'भगवान आपका भला करे, हीरो। उनकी कुर्बानी हमारे इरादे को और मजबूत करती है।' गौरतलब है कि अमेरिका ने पिछले हफ्ते भी ईरान के दक्षिणी प्रांतों में सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए थे।
आगे क्या होगा
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई खाड़ी देशों और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है। दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है और किसी नई बातचीत के संकेत फिलहाल नहीं हैं। शहीद सैनिकों की पहचान उनके परिवारों को सूचित किए जाने के 24 घंटे बाद सार्वजनिक की जाएगी।