बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले तेज़, जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेना ने 19 जुलाई 2026 को ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह और केशम द्वीप पर नए हवाई हमले किए, जो जॉर्डन में ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हैं। यह पहला मौका है जब ईरान के हमले में अमेरिकी सैनिकों की जान गई है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव का यह नया दौर शुरू हुआ है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाज़रानी को धमकाने की ईरान की क्षमता को कमज़ोर करने के लिए किए गए हैं। सेंटकॉम ने कहा, 'ये हमले उन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) बलों को तत्काल जवाब देने के लिए किए गए हैं, जिन्होंने कल रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था।' एक अलग बयान में सेंटकॉम ने पुष्टि की कि ये हमले कमांडर-इन-चीफ के सीधे निर्देश पर शुरू किए गए।
हताहतों की स्थिति
सेंटकॉम के अनुसार, जॉर्डन में ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक अन्य सैनिक लापता है। दूसरी ओर, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले दिन हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 12 लोग मारे गए, जिससे इस संघर्ष के नए दौर में कुल मृतक संख्या 50 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने बताया कि 27 जून से अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 500 लोग घायल हुए हैं और मृतकों में पाँच महिलाएँ और दो बच्चे भी शामिल हैं।
बंदर अब्बास और केशम द्वीप में विस्फोट
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया कि स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। तस्नीम समाचार एजेंसी ने केशम द्वीप के निवासियों के हवाले से बताया कि द्वीप के कई हिस्सों में धमाके हुए और हाल के दिनों में अमेरिकी विमानों ने कई बार इस द्वीप को निशाना बनाया है, जिससे वहाँ के कुछ हिस्सों और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा है।
रणनीतिक महत्व
गौरतलब है कि बंदर अब्बास और केशम द्वीप दोनों होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित हैं, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यह ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच 27 जून से सैन्य कार्रवाई का नया दौर जारी है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों की मौत ने इस संघर्ष को एक नई और अधिक खतरनाक स्थिति में पहुँचा दिया है।
आगे क्या होगा
अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद वाशिंगटन की ओर से और कड़ी प्रतिक्रिया की आशंका जताई जा रही है। ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सैन्य प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज़रानी पर असर को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ती जा रही है।