20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश का IMD रेड अलर्ट, 20 जुलाई को कक्षा 1-12 तक सभी स्कूल बंद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश का IMD रेड अलर्ट, 20 जुलाई को कक्षा 1-12 तक सभी स्कूल बंद

सारांश

IMD के रेड अलर्ट के बाद टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने 20 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया। उल्लंघन पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मुख्य बातें

IMD ने टिहरी गढ़वाल में 20 जुलाई 2026 के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी व निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में 20 जुलाई को अवकाश घोषित किया।
आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रधानाचार्य/प्रबंधक पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने टिहरी गढ़वाल जिले में 20 जुलाई 2026 के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाते हुए जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। यह आदेश 19 जुलाई 2026 को जारी किया गया।

अवकाश का आदेश और दायरा

जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल, नितिका खण्डेलवाल ने आदेश जारी कर जनपद के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों — कक्षा 1 से 12 तक — तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 20 जुलाई 2026 को पूर्णतः बंद रखने का निर्देश दिया है। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधनों एवं प्रधानाचार्यों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा इन निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है और किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य/प्रबंधक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की सुसंगत धाराओं के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह प्रावधान प्रशासन की गंभीरता को रेखांकित करता है।

आम जनता के लिए प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से वर्षा के दौरान नदी-नालों के किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड में मानसून के दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएँ आम हैं, जिससे यह सावधानी अत्यंत आवश्यक है।

उत्तराखंड में मानसून का संदर्भ

गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में हर वर्ष मानसून के दौरान भारी वर्षा जनजीवन को प्रभावित करती है। टिहरी गढ़वाल जैसे पर्वतीय जिलों में रेड अलर्ट की स्थिति में स्कूल बंद करना और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत देना जिला आपदा प्रबंधन की मानक प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा आदेश के क्रियान्वयन की है — विशेषकर दूरस्थ पहाड़ी गाँवों में जहाँ सूचना पहुँचने में देरी होती है। उत्तराखंड में हर मानसून में ऐसे अलर्ट जारी होते हैं, परंतु भूस्खलन और अचानक बाढ़ से होने वाली जनहानि फिर भी रुकती नहीं। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी सराहनीय है, किंतु दीर्घकालिक समाधान के लिए पहाड़ी जिलों में पूर्व-चेतावनी तंत्र और आपातकालीन संचार को और मज़बूत करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टिहरी गढ़वाल में 20 जुलाई को स्कूल क्यों बंद हैं?
IMD द्वारा टिहरी गढ़वाल में 20 जुलाई 2026 के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनज़र सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
टिहरी गढ़वाल स्कूल बंद आदेश में कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं?
आदेश के अंतर्गत जनपद के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालय — कक्षा 1 से 12 तक — तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्र 20 जुलाई 2026 को पूर्णतः बंद रहेंगे।
आदेश का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
यदि कोई विद्यालय आदेश का उल्लंघन करता है और कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य या प्रबंधक के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और वर्षा के दौरान नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
उत्तराखंड में मानसून के दौरान रेड अलर्ट का क्या मतलब होता है?
IMD का रेड अलर्ट अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी है, जिसमें भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा अधिक होता है। इस स्थिति में प्रशासन को तत्काल एहतियाती कदम उठाने और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत देने का अधिकार होता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले