ईरान का सुरक्षा ढांचे का प्रस्ताव: युद्ध समाप्त करने के लिए शर्तें दोहराई

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ईरान का सुरक्षा ढांचे का प्रस्ताव: युद्ध समाप्त करने के लिए शर्तें दोहराई

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नया ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों को रोकने की शर्तें भी रखी हैं।

Key Takeaways

  • ईरान का सुरक्षा ढांचा: क्षेत्रीय शांति के लिए प्रस्तावित किया गया है।
  • युद्ध समाप्ति की शर्तें: अमेरिका और इजरायल के हमलों को रोकना आवश्यक है।
  • क्षेत्रीय स्थिरता: पीएम मोदी ने भी तनाव पर चिंता व्यक्त की।

तेहरान, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पश्चिम एशिया में बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के शांति, सुरक्षा और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र के देशों के बीच एक सुरक्षा ढांचा बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही उन्होंने चल रहे युद्ध को समाप्त करने की शर्तें पुनः पेश कीं।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, सिन्हुआ ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक फोन वार्ता में यह मुद्दा उठाया, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों के साथ-साथ अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद उत्पन्न हुए नए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पेजेश्कियन ने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की पहली शर्त है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों को तुरंत रोका जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह के हमले नहीं होंगे।

उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, बड़े सैन्य कमांडरों और आम नागरिकों की हत्या तथा देश के सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की।

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि युद्ध का उद्देश्य देश को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना है। हालांकि, पेजेश्कियन ने ट्रंप के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के पूर्व नेता परमाणु हथियार बनाने के खिलाफ थे और उन्होंने इस दिशा में किसी भी प्रयास को रोकने के लिए आवश्यक आदेश दिए थे।

इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की, इलाके के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले की कड़ी निंदा की और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा तथा खाड़ी में नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर मिलकर हमले किए, जिसमें अली खामेनेई के साथ-साथ वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडर और आम लोग मारे गए। ईरान ने जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी, जिससे इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों तथा संपत्तियों को निशाना बनाया गया।

Point of View

वह एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इसे अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के संदर्भ में देखना जरूरी है। यह स्थिति न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डाल सकती है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने सुरक्षा ढांचे का प्रस्ताव क्यों दिया?
ईरान का यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है, ताकि क्षेत्र में विदेशी हस्तक्षेप कम हो सके।
युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की शर्तें क्या हैं?
ईरान की पहली शर्त है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों को तुरंत रोका जाए और भविष्य में ऐसे हमलों की गारंटी दी जाए।
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