11 अगस्त 2026
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गौतम अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप खारिज, अमेरिकी अदालत के फैसले का किया स्वागत

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गौतम अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप खारिज, अमेरिकी अदालत के फैसले का किया स्वागत

सारांश

न्यूयॉर्क की संघीय अदालत ने गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन के खिलाफ सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से खारिज कर दिए। SEC के साथ 1.8 करोड़ डॉलर के नागरिक समझौते के साथ यह अध्याय बंद हुआ। गौतम अदाणी ने कहा — देश के लिए निर्माण जारी रहेगा।

मुख्य बातें

न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने गौतम अदाणी , सागर अदाणी और विनीत जैन के खिलाफ सिक्योरिटीज फ्रॉड व वायर फ्रॉड के सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से खारिज किए।
अदाणी समूह और SEC के बीच नागरिक समझौते को अंतिम रूप दिया गया; अदाणी पक्ष 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) का भुगतान करेगा।
अमेरिकी न्याय विभाग ने स्वयं माना था कि इस मामले में निवेशकों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ, जो आरोप खारिज करने का आधार बना।
मामले से जुड़े चार नोट्स में से दो का भुगतान पूरा हो चुका है; शेष दो नियमित रूप से जारी हैं।
गौतम अदाणी ने एक्स पर कहा — 'अपने देश के लिए निर्माण करना' समूह की प्रतिबद्धता बनी रहेगी।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 11 अगस्त 2026 को अमेरिकी न्यायालय द्वारा उनके, सागर अदाणी और सहयोगी विनीत जैन के विरुद्ध दर्ज सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से खारिज किए जाने के बाद इस निर्णय का खुलकर स्वागत किया। न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की संघीय अदालत के न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से जुड़े सभी आरोप समाप्त कर दिए। गौतम अदाणी ने कहा कि इस पूरे कठिन दौर में सच, निष्पक्षता और कानून के शासन में उनका विश्वास अडिग रहा।

अदालत का फैसला और उसकी पृष्ठभूमि

न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की जिला अदालत के न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने सोमवार को अदाणी समूह के विरुद्ध दर्ज सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से संबंधित सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया। यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी समूह के शीर्ष अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।

गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने स्वयं अदालत में दाखिल एक दस्तावेज में स्वीकार किया था कि इस मामले से जुड़े निवेशकों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। विभाग ने तर्क दिया था कि निवेशकों को नुकसान न होने का यह तथ्य अभियोजन पक्ष के मामले को कमज़ोर करता है और आपराधिक आरोप हटाने के निर्णय को मज़बूत बनाता है।

गौतम अदाणी की प्रतिक्रिया

फैसले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम अदाणी ने कहा, 'हम विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ इस फैसले का स्वागत करते हैं। इस चुनौतीपूर्ण अवधि के दौरान सच, निष्पक्षता और कानून के शासन में हमारा विश्वास अडिग रहा।'

उन्होंने उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस पूरे मामले के दौरान उन पर और न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा। उनके शब्दों में, 'मैं उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने हम पर, न्याय व्यवस्था पर और न्याय दिलाने की भारत की क्षमता पर अपना विश्वास बनाए रखा।'

SEC के साथ नागरिक समझौता

आपराधिक आरोप खारिज होने के साथ-साथ अदालत ने अदाणी समूह और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) के बीच हुए नागरिक समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया। इस समझौते के तहत अदाणी पक्ष अमेरिकी सरकार को 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) का भुगतान करेगा, जिससे नागरिक प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़े मामले का निपटारा हो जाएगा।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, मामले में शामिल चार नोट्स में से दो का भुगतान पूरी तरह किया जा चुका है, जबकि शेष दो के भुगतान नियमित रूप से जारी हैं और भविष्य में किसी बदलाव के संकेत नहीं हैं।

अदाणी समूह की आगे की राह

गौतम अदाणी ने स्पष्ट किया कि यह फैसला समूह की प्राथमिकताओं को नहीं बदलेगा। उन्होंने लिखा, 'हम वही करते रहेंगे जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है — अपने देश के लिए निर्माण करना, ऐसा मूल्य सृजित करना जो हमारे बाद भी कायम रहे और अपने से बड़े उद्देश्य की सेवा करना। यही हमारी प्रतिबद्धता है।'

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला अदाणी समूह के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत है, जिससे समूह की वैश्विक कारोबारी छवि और निवेशकों के विश्वास को मज़बूती मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब अदाणी समूह ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बुनियादी ढाँचे और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 1.8 करोड़ डॉलर के SEC नागरिक समझौते को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — बिना किसी गलती को स्वीकार किए भुगतान करना कॉर्पोरेट कानून में एक परिचित रणनीति है, जो सवाल उठाती है। यह ऐसे समय में आया है जब अदाणी समूह वैश्विक निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने की कोशिश कर रहा है और हरित ऊर्जा समेत कई बड़े क्षेत्रों में पूँजी जुटाने की दौड़ में है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि अमेरिकी न्याय विभाग का 'निवेशकों को नुकसान नहीं' वाला तर्क भारतीय बाज़ार नियामकों के लिए एक अलग मानक तय करता है — जहाँ यही मामला अभी भी जाँच के दायरे में हो सकता है। असली परीक्षा अब भारत के भीतर शासन-पारदर्शिता की होगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी अदालत ने गौतम अदाणी के खिलाफ आरोप क्यों खारिज किए?
न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की संघीय अदालत के न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से खारिज कर दिए। अमेरिकी न्याय विभाग ने स्वयं अदालत को बताया था कि मामले से जुड़े किसी भी निवेशक को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ, जिसे अभियोजन पक्ष की सबसे बड़ी कमज़ोरी माना गया।
अदाणी और SEC के बीच क्या समझौता हुआ?
अदाणी समूह और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) के बीच नागरिक समझौते को अदालत ने अंतिम रूप दे दिया, जिसके तहत अदाणी पक्ष 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) का भुगतान करेगा। इस समझौते से नागरिक प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़े मामले का निपटारा हो गया है।
इस फैसले से अदाणी ग्रुप के कारोबार पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला अदाणी समूह की वैश्विक कारोबारी छवि और निवेशकों के विश्वास को मज़बूती देगा। समूह ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बुनियादी ढाँचे और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में बड़े निवेश कार्यक्रम चला रहा है, जिनके लिए वैश्विक पूँजी जुटाना अब आसान हो सकता है।
सागर अदाणी और विनीत जैन पर क्या आरोप थे?
सागर अदाणी और विनीत जैन पर गौतम अदाणी के साथ सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड के आपराधिक आरोप लगाए गए थे। न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने इन तीनों के खिलाफ सभी आरोप स्थायी रूप से खारिज कर दिए हैं।
गौतम अदाणी ने फैसले के बाद क्या कहा?
गौतम अदाणी ने एक्स पर लिखा कि वे न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ इस फैसले का स्वागत करते हैं और सच व कानून के शासन में उनका विश्वास अडिग रहा। उन्होंने यह भी कहा कि समूह 'अपने देश के लिए निर्माण करना' जारी रखेगा और यही उनकी प्रतिबद्धता है।
राष्ट्र प्रेस
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