अमेरिकी आरोप खारिज होने के बाद गौतम अदाणी का शुक्रिया — 'कठिन दौर में साथ देने वालों का दिल से आभार'
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मंगलवार, 11 अगस्त को उन सभी लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया जो मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहे और उन पर विश्वास बनाए रखा। इस अवसर पर उन्होंने भगवान और अपने माता-पिता का आशीर्वाद भी लिया। यह भावनात्मक संदेश तब आया जब अमेरिकी अदालत ने उनके खिलाफ सभी आपराधिक आरोप खारिज कर दिए।
एक्स पर आया भावनात्मक संदेश
अदाणी ग्रुप की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक पोस्ट में कहा गया कि गौतम अदाणी ने भगवान और अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेते हुए उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जो कठिन दौर में भी उनके साथ डटे रहे और उन पर भरोसा बनाए रखा।
अदाणी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'इस मुश्किल दौर में भी सच्चाई, निष्पक्षता और कानून में हमारा भरोसा अटूट रहा।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं उन सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने हम पर, सिस्टम पर और न्याय दिलाने की भारत की क्षमता पर कभी भरोसा नहीं खोया।'
अमेरिकी अदालत ने खारिज किए सभी आपराधिक आरोप
अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी, उनके भतीजे सागर अदाणी और सहयोगी विनीत जैन के खिलाफ दायर सभी आपराधिक आरोप अमेरिकी अदालत ने खारिज कर दिए। इस फैसले का स्वागत करते हुए गौतम अदाणी ने 'विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान' के साथ प्रतिक्रिया दी।
गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने एक फेडरल कोर्ट को बताया था कि इस मामले के केंद्र में मौजूद सिक्योरिटीज में निवेशकों को कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। विभाग ने अदालत को बताया, 'जिन सिक्योरिटीज की बात हो रही है, उनमें एक भी पैसा कभी नहीं डूबा।' न्याय विभाग के अनुसार, निवेशकों को नुकसान न होने से सरकार का अपना ही केस कमज़ोर पड़ गया, जिससे आपराधिक आरोप हटाने का निर्णय और अधिक तर्कसंगत हो गया।
SEC के साथ सिविल समझौता
आपराधिक मामले की समाप्ति के साथ-साथ अदालत ने अदाणी ग्रुप और यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के बीच एक सिविल समझौते को भी मंजूरी दे दी। इस समझौते के तहत अदाणी ग्रुप अमेरिकी सरकार को 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) का भुगतान करेगा और अपने ऊपर लगे सिविल सिक्योरिटीज फ्रॉड के आरोपों को औपचारिक रूप से निपटाएगा।
आगे की राह
आपराधिक आरोपों की समाप्ति और SEC के साथ सिविल समझौते के बाद अदाणी ग्रुप के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण मोड़ है। समूह अब अपने व्यावसायिक विस्तार और निवेशकों का भरोसा पुनः मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। गौतम अदाणी के इस सार्वजनिक संदेश को समूह की पुनर्स्थापना की दिशा में एक सुचिंतित कदम के रूप में देखा जा रहा है।