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लाल सागर में हूती हमला: दो सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइल-ड्रोन से हमले का दावा

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लाल सागर में हूती हमला: दो सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइल-ड्रोन से हमले का दावा

सारांश

हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है। यह हमला उनके नए समुद्री प्रतिबंधों की घोषणा के महज दो दिन बाद हुआ। UKMTO ने भी एक टैंकर में आग की पुष्टि की है, जिससे वैश्विक शिपिंग मार्गों पर नया संकट मंडरा रहा है।

मुख्य बातें

हूती प्रवक्ता याह्या सरेआ ने दावा किया कि लाल सागर में ENCELIA और LAYLA नामक दो सऊदी तेल टैंकरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया।
हूती का आरोप है कि इन जहाजों ने सऊदी बंदरगाहों पर लागू उनके नए समुद्री प्रतिबंधों का उल्लंघन किया।
UKMTO ने अल शुकाइक से लगभग 70 नॉटिकल मील दूर एक टैंकर में अज्ञात प्रोजेक्टाइल से आग लगने की पुष्टि की।
हमले में हताहत या नुकसान का कोई स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है; सऊदी अरब की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई।
यह घटना हूती के नए समुद्री प्रतिबंधों की घोषणा के दो दिन बाद हुई और 2022 के संघर्षविराम के बाद बढ़ते तनाव की ओर संकेत करती है।

यमन के हूती समूह ने गुरुवार, 23 जुलाई को दावा किया कि उसने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरोंENCELIA और LAYLA — पर सैन्य अभियान चलाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरेआ के अनुसार, इन जहाजों ने समूह द्वारा हाल ही में घोषित समुद्री प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था, जिसके जवाब में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

हमले का ब्यौरा

हूती के अल-मसीरा टेलीविज़न पर प्रसारित बयान में सरेआ ने कहा कि दोनों टैंकरों में आग लग गई और अभियान अपने लक्ष्य में सफल रहा। हालाँकि, बयान में घटनास्थल की सटीक जानकारी नहीं दी गई, नुकसान का कोई प्रमाण नहीं दिया गया और यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि कोई हताहत हुआ है या नहीं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और सऊदी अरब के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यूकेएमटीओ की चेतावनी

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की कि उसे सऊदी अरब के अल शुकाइक बंदरगाह से लगभग 70 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में एक टैंकर से जुड़ी घटना की सूचना मिली है। UKMTO ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपनी चेतावनी में बताया कि जहाज के कप्तान ने किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की सूचना दी, जिससे जहाज में आग लग गई और चालक दल आग बुझाने में जुटा था।

हूती के नए समुद्री प्रतिबंध

यह हमला उन घटनाक्रमों के ठीक दो दिन बाद हुआ, जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बंदरगाहों से व्यापार करने वाले जहाजों पर समुद्री प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने की घोषणा की थी। हूती का कहना है कि यह कदम सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लगातार बंद रखने के विरोध में उठाया गया है, क्योंकि उनके अनुसार सऊदी अरब हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में हवाई यातायात पर प्रतिबंधों का समर्थन कर रहा है।

व्यापक संदर्भ और क्षेत्रीय प्रभाव

गौरतलब है कि हूती समूह गाजा युद्ध के दौरान भी इज़रायल और अमेरिका से कथित संबंध का आरोप लगाकर कई जहाजों पर हमले कर चुका है। इन हमलों के कारण कई प्रमुख शिपिंग कंपनियाँ अपने जहाजों का मार्ग लाल सागर से बदलने पर मजबूर हुई हैं — जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यमन 2014 के अंत से संघर्ष में उलझा हुआ है, जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। 2015 में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया था। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद जो सापेक्षिक स्थिरता आई थी, ये ताज़ा घटनाएँ उस पर फिर से सवाल खड़े कर रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच, इस नए घटनाक्रम से क्षेत्र में वाणिज्यिक नौपरिवहन के लिए खतरा और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे वैश्विक बीमा दरें बढ़ीं और कई कंपनियाँ केप ऑफ गुड होप का लंबा रास्ता अपनाने को मजबूर हुईं। अब सऊदी बंदरगाहों को सीधे निशाना बनाकर हूती यमन युद्ध की कीमत रियाद को चुकाने पर आमादा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव भी चरम पर है, जो इस क्षेत्र में किसी भी गलत अनुमान को बेहद खतरनाक बना देता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में किन जहाजों पर हमले का दावा किया?
हूती प्रवक्ता याह्या सरेआ के अनुसार, ENCELIA और LAYLA नामक दो सऊदी तेल टैंकरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया। दावा है कि दोनों जहाजों में आग लग गई।
UKMTO ने इस घटना के बारे में क्या कहा?
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की कि सऊदी अरब के अल शुकाइक से लगभग 70 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में एक टैंकर में अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले के बाद आग लग गई। जहाज का चालक दल आग बुझाने में जुटा था।
हूती ने ये हमले क्यों किए?
हूती का कहना है कि इन जहाजों ने सऊदी बंदरगाहों पर व्यापार करने वाले जहाजों के खिलाफ उनके नए समुद्री प्रतिबंधों का उल्लंघन किया। उनका यह भी आरोप है कि सऊदी अरब, हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद रखने में सहयोग कर रहा है।
क्या इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
अभी तक इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हूती के बयान में घटनास्थल, नुकसान का प्रमाण या हताहतों की जानकारी नहीं दी गई। सऊदी अरब के अधिकारियों की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लाल सागर में हूती हमलों का वैश्विक शिपिंग पर क्या असर पड़ रहा है?
हूती के पिछले हमलों के कारण कई प्रमुख शिपिंग कंपनियाँ पहले ही लाल सागर मार्ग छोड़ चुकी हैं। यह मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नए हमलों से बीमा लागत और मार्ग परिवर्तन का दबाव और बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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