6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सऊदी अरब के एयरबेस पर ईरान के हमले में अमेरिकी 'अवाक्स' और रिफ्यूलिंग विमानों को क्षति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सऊदी अरब के एयरबेस पर ईरान के हमले में अमेरिकी 'अवाक्स' और रिफ्यूलिंग विमानों को क्षति

सारांश

ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमले के दौरान अमेरिकी विमान 'ई-3 सेंट्री अवाक्स' के क्षतिग्रस्त होने का दावा किया है। यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करती है।

मुख्य बातें

ईरान ने अमेरिकी विमान 'ई-3 सेंट्री अवाक्स' को नुकसान पहुँचाया।
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला हुआ।
आईआरजीसी ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की चेतावनी दी।
सोशल मीडिया पर अमेरिकी कमांड ने हमले की पुष्टि की।
यह घटना मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा सकती है।

नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने रविवार को अपने हमलों में अमेरिकी विमान 'ई-3 सेंट्री अवाक्स' को नुकसान पहुँचाने का दावा किया है। ईरान ने अमेरिकी विमानों को निशाना बनाते हुए सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला किया।

इस्लामी गणतंत्र ईरान प्रसारण (आईआरआईबी) के अनुसार, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर खड़े एक ई-3 सेंट्री अवाक्स को ईरान के हमले में नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा कई रिफ्यूलिंग विमान (केसी-135) भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह विमान अमेरिका की क्षेत्रीय हवाई निगरानी और कमांड क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह विमान युद्ध के मैदान में आंख और दिमाग का काम करता है।

इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक अमेरिकी एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाने का दावा किया। ईरान के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे विमानों और ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने निष्क्रिय कर दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी स्वीकार किया है कि उसका एफ-16 फाइटिंग फाल्कन निशाना बनाया गया था।

अपने आधिकारिक समाचार माध्यम से सेपाह न्यूज पर जारी बयान में आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी फाइटर जेट और ड्रोन को उसकी नौसेना और एयरोस्पेस डिवीजन द्वारा संयुक्त जवाबी मिसाइल और ड्रोन अभियानों के दौरान निशाना बनाया गया। ये अभियान अमेरिका और इजरायल से संबंधित भारी उद्योगों के खिलाफ चलाए गए थे।

इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमले की कड़ी चेतावनी जारी की है। दरअसल, ईरानी सरकार ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजरायल जानबूझकर ईरान के विश्वविद्यालयों और स्कूलों को टारगेट कर रहे हैं। ऐसे में अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी।

आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिका और इजरायली हमलों में ईरान की दो यूनिवर्सिटी तबाह हो गई हैं। ईरानी मीडिया की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, “अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि इस इलाके में उसके विश्वविद्यालय बदले की कार्रवाई से बचे रहे तो उसे 30 मार्च को तेहरान टाइम के हिसाब से दोपहर 12 बजे तक आधिकारिक बयान में ईरानी यूनिवर्सिटी पर बमबारी की निंदा करनी चाहिए।”

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती है। इस संदर्भ में, हमें सावधानी से घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने किस अमेरिकी विमान को निशाना बनाया?
ईरान ने अमेरिकी विमान 'ई-3 सेंट्री अवाक्स' को निशाना बनाया।
ईरान का क्या दावा है?
ईरान का दावा है कि उसने कई अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया है।
क्या अमेरिकी कमांड ने इस हमले की पुष्टि की है?
हाँ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी इस हमले की पुष्टि की है।
आईआरजीसी ने क्या चेतावनी दी है?
आईआरजीसी ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले