भाजपा का इंडी गठबंधन पर हमला: 'विपक्ष के पास न नेता, न ठोस योजना, बस ईवीएम का बहाना'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन वरिष्ठ नेताओं ने 22 अक्टूबर 2026 को इंडी गठबंधन की वर्चुअल बैठक पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्षी खेमे के पास देश के भविष्य को लेकर कोई ठोस रोडमैप नहीं है। BJP सांसद गुलाम अली खटाना, सांसद रघुनंदन राव और पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने गठबंधन की एकजुटता, नेतृत्व और नीतिगत दिशा — तीनों पर एक साथ सवाल खड़े किए। नेताओं ने यह भी दोहराया कि विपक्ष चुनाव में हार होने पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को कटघरे में खड़ा करता है, जबकि जीत मिलने पर उसी EVM को सही बताता है।
ईवीएम विरोधाभास पर खटाना का तर्क
BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता हताशा में हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर का हवाला देते हुए कहा कि पहले वहाँ 5,000–10,000 वोटों पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद जीतते थे। खटाना के अनुसार जम्मू-कश्मीर में केवल दो चुनाव ही निष्पक्ष तरीके से हुए हैं — एक मोरारजी देसाई के कार्यकाल में 1970 में और दूसरा नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान, जिसमें उमर अब्दुल्ला जीते। उन्होंने विपक्ष पर चुनिंदा EVM आलोचना का आरोप लगाया — 'जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना में जीते तो EVM सही, और हारे तो EVM गलत।'
रघुनंदन राव: 'चाय पीकर चले जाते हैं, आगे कुछ नहीं'
BJP सांसद रघुनंदन राव ने इंडी गठबंधन की बैठकों को महज औपचारिकता करार दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेता 'बैठते हैं, चाय पीते हैं और फिर चले जाते हैं।' राव के अनुसार गठबंधन के पास कोई भविष्य की रणनीति नहीं है और बैठक में जो भी 'बेतुके विचार' मन में आते हैं, उन्हीं के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश होती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वहाँ कोई ऐसा नेता नहीं है जो देश के हित में सोचे — हर नेता केवल अपने निजी स्वार्थ के लिए उपस्थित होता है।
प्रतुल शाहदेव: नेतृत्व को लेकर सीधा सवाल
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इंडी गठबंधन के भावी प्रधानमंत्री उम्मीदवार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और ममता बनर्जी राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानते। शाहदेव का आरोप था कि जब ममता बनर्जी के पास खुद सत्ता नहीं है, तभी उन्हें कांग्रेस की याद आती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गठबंधन की बैठक में केवल 'गलत जानकारी फैलाने और लोगों को गुमराह करने' की रणनीति पर चर्चा होती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब इंडी गठबंधन ने अपनी आंतरिक समन्वय बनाए रखने के लिए वर्चुअल बैठक बुलाई थी। गौरतलब है कि गठबंधन के घटक दलों के बीच नेतृत्व और सीट-बँटवारे को लेकर कई मौकों पर मतभेद सामने आ चुके हैं। BJP के इस हमले को विश्लेषक विपक्षी एकजुटता की कोशिशों को प्रतिकार देने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
आगे क्या
इंडी गठबंधन की ओर से BJP के आरोपों पर तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच यह वाकयुद्ध आगामी राज्य चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्म करेगा।