ईवीएम पर मनोज झा का तीखा सवाल: 'दुनिया का कोई विकसित देश EVM से चुनाव नहीं कराता'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पटना में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मुद्दों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ईवीएम, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), दिल्ली के व्यापारियों के पत्र प्रकरण और अन्य मसलों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की।
ईवीएम पर उठाया बड़ा सवाल
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मुद्दे पर मनोज झा ने बैलट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की। उन्होंने कहा, "कोई तो वजह रही होगी कि दुनिया का कोई भी विकसित देश ईवीएम से चुनाव नहीं कराता। जिन्होंने ईवीएम का आविष्कार किया, वह भी इससे चुनाव नहीं कराते हैं।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लंबे समय से ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं।
यूसीसी पर अमित शाह के बयान की आलोचना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उत्तर प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के बयान पर झा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "गृह मंत्री के पास इसके अलावा और कौन से मुद्दे हैं? न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश और बिहार के सामने भी सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। युवा निराश हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के बयान असली मुद्दों — रोजगार, महंगाई और सामाजिक सद्भाव — से जनता का ध्यान भटकाते हैं।
झा ने गृह मंत्री पर 'डॉग व्हिसल पॉलिटिक्स' का आरोप लगाते हुए कहा, "अगर आपने रोजगार, नौकरियों, सामाजिक सद्भाव, महंगाई पर काबू पाने और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के कामकाज में सुधार लाने के बारे में बात की होती, तो देश के गृह मंत्री के रूप में आपकी भूमिका कहीं अधिक स्पष्ट होती।" गौरतलब है कि उन्होंने अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच कथित मतभेदों का भी परोक्ष रूप से उल्लेख किया।
दिल्ली व्यापारियों के पत्र पर तीखी टिप्पणी
दिल्ली के व्यापारियों द्वारा कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखे जाने के मामले पर मनोज झा ने कहा कि इस व्यापारी संगठन के बारे में पहले कभी नहीं सुना गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन व्यापारियों को यह पत्र लिखने पर मजबूर किया जा रहा है क्योंकि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या आयकर विभाग की कार्रवाई का भय है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब गांधी मैदान में लाखों लोग आते हैं तो वे खरीदारी करते हुए जाते हैं, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को फायदा होता है। उन्होंने इस तर्क को साक्ष्य आधारित बताते हुए इसे झुठलाने की कोशिश करने वालों की आलोचना की।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मनोज झा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। ईवीएम पर विपक्ष की आपत्तियाँ नई नहीं हैं, लेकिन इस बार यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय तुलना के साथ उठाया गया है, जो इसे एक नया आयाम देता है। UCC पर BJP के आक्रामक रुख को विपक्ष चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति के रूप में देख रहा है।
आगे क्या होगा
आलोचकों का कहना है कि ईवीएम और UCC जैसे मुद्दे आने वाले विधानसभा चुनावों में विपक्ष के प्रमुख हथियार बन सकते हैं। RJD ने संकेत दिया है कि वह इन मुद्दों को संसद और सड़क दोनों स्तरों पर उठाता रहेगा। सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से अभी तक मनोज झा के बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।