23 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उमंग सिंघार का BJP पर हमला: ईवीएम, एसआईआर प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' बताना लोकतंत्र का अपमान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उमंग सिंघार का BJP पर हमला: ईवीएम, एसआईआर प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' बताना लोकतंत्र का अपमान

सारांश

मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP को कई मोर्चों पर घेरा — ईवीएम, एसआईआर, 25 लाख बेरोजगार युवा, खोखले निवेश दावे और नगरीय भ्रष्टाचार। प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' कहने पर उन्होंने सरकार से सीधा जवाब माँगा।

मुख्य बातें

उमंग सिंघार ने 23 अक्टूबर 2026 को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP और राज्य सरकार पर कई सवाल उठाए।
ईवीएम के विकल्प के रूप में बैलेट पेपर की माँग और एसआईआर में कथित अनियमितताओं पर सरकार की चुप्पी को निशाना बनाया।
प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' बताने पर भाजपा से जवाब माँगा; कहा — नागरिकों को लोकतंत्र की रक्षा का हक है।
सरकारी पोर्टलों पर पंजीकृत 25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार न मिलने पर सरकार से स्पष्टीकरण माँगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की विदेश यात्राओं के बाद घोषित निवेश प्रस्तावों के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल।
नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और मास्टर प्लान में पारदर्शिता की माँग।

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 23 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राज्य सरकार पर कई मोर्चों पर तीखे सवाल दागे। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध हो रहे प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने सरकार की चुप्पी को निशाने पर लिया।

ईवीएम और एसआईआर पर उठाए सवाल

सिंघार ने पूछा कि जब बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग जोर पकड़ रही है, तो सरकार इस पर कोई स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रही। उन्होंने यह भी सवाल किया कि एसआईआर में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सड़क पर उतरे नागरिकों को भाजपा 'भीड़' क्यों कह रही है।

सिंघार ने कहा, 'नागरिकों को अपने अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने का पूरा हक है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) आम लोगों की इसी आवाज का प्रतिनिधित्व करती है।

निवेश के दावों की हकीकत पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने मध्य प्रदेश सरकार के निवेश संबंधी दावों को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की विदेश एवं अन्य यात्राओं के बाद जिन लाखों करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों की घोषणा की जाती है, उनमें से वास्तव में कितने प्रस्ताव धरातल पर उतरे हैं।

उन्होंने सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का विशेष उल्लेख करते हुए पूछा कि ये परियोजनाएँ कब शुरू होंगी और इनसे कितने लोगों को रोजगार मिलेगा। सिंघार ने कहा, 'मुख्यमंत्री के दौरों के बाद बड़े निवेश के दावे किए जाते हैं, लेकिन यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जमीन पर कितना निवेश वास्तव में आया है।'

युवा बेरोजगारी और रोजगार पंजीकरण का मुद्दा

सिंघार ने राज्य सरकार से यह भी जवाब माँगा कि सरकारी पोर्टलों पर पंजीकृत 25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और उन्हें नौकरी कब मिलेगी। यह मुद्दा ऐसे समय में उठाया गया है जब मध्य प्रदेश में युवा बेरोजगारी को लेकर लगातार असंतोष व्यक्त किया जा रहा है।

मास्टर प्लान और शहरी नियोजन में अनियमितता के आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने शहरी क्षेत्रों के मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन योजनाओं को बनाने में अनियमितताएँ हुई हैं और नागरिकों को आपत्तियाँ व सुझाव देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

सिंघार ने माँग की कि किसानों, व्यापारियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को अपनी राय रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए और अंतिम रूप देने से पहले खुली चर्चा की जाए। उन्होंने कहा, 'मास्टर प्लान जनता की राय को ध्यान में रखकर बनाए जाने चाहिए और लोगों को आपत्ति एवं सुझाव दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।'

नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार का आरोप

सिंघार ने नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि भाजपा सरकार इस पर अंकुश लगाने में विफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीधे पूछा कि क्या कथित भ्रष्टाचार उनके संरक्षण में हो रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने अंत में कहा कि सरकार को इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखनी चाहिए। आने वाले दिनों में कांग्रेस इन मुद्दों को और अधिक तीव्रता से उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुसंगत विपक्षी रणनीति के हिस्से हैं — ईवीएम से लेकर मास्टर प्लान तक, हर मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही को केंद्र में लाना। लेकिन असली परीक्षा यह है कि कांग्रेस इन सवालों को विधानसभा या जन-आंदोलन में कितनी प्रभावी रूप से आगे बढ़ा पाती है। प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' कहने का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, क्योंकि यह लोकतांत्रिक विमर्श की भाषा पर ही सवाल उठाता है। 25 लाख बेरोजगार युवाओं का आँकड़ा, यदि सत्यापन योग्य हो, तो यह सबसे धारदार मुद्दा बन सकता है — बशर्ते विपक्ष इसे ठोस प्रमाण के साथ पेश करे।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमंग सिंघार ने ईवीएम और एसआईआर पर क्या सवाल उठाए?
सिंघार ने पूछा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग पर सरकार जवाब क्यों नहीं दे रही और एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को भाजपा 'भीड़' क्यों कह रही है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है।
एसआईआर क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, एक चुनावी प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा की जाती है। कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष इसका विरोध कर रहा है और सिंघार ने इन्हीं आरोपों के आधार पर सरकार से जवाब माँगा है।
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर क्या आरोप लगाए?
सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की विदेश और अन्य यात्राओं के बाद घोषित लाखों करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार उनके संरक्षण में तो नहीं हो रहा।
मध्य प्रदेश में 25 लाख पंजीकृत बेरोजगार युवाओं का मुद्दा क्या है?
सिंघार ने दावा किया कि सरकारी पोर्टलों पर 25 लाख से अधिक युवा रोजगार के लिए पंजीकृत हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें नौकरी देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने सरकार से माँग की कि वह स्पष्ट करे कि इन युवाओं को रोजगार कब मिलेगा।
मास्टर प्लान पर कांग्रेस की क्या माँगें हैं?
कांग्रेस नेता सिंघार ने माँग की कि शहरी क्षेत्रों के मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने से पहले किसानों, व्यापारियों और नागरिक समाज को आपत्तियाँ एवं सुझाव देने का पर्याप्त अवसर मिले। उनका आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया में अनियमितताएँ हुई हैं और पारदर्शिता का अभाव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले