मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस का 'मुर्दा' विरोध प्रदर्शन, उमंग सिंघार बोले — भाजपा सरकार असली मुद्दों पर सोई है
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार, 21 जुलाई को भोपाल में कांग्रेस विधायकों ने एक तीखा सांकेतिक प्रदर्शन किया, जिसमें कुछ विधायक विधानसभा परिसर में जमीन पर लेट गए और उनके ऊपर सफेद कपड़ा डाल दिया गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य सरकार को सीधे तौर पर 'मुर्दों की सरकार' करार दिया।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी करते हुए सरकार पर जनता के बुनियादी मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। इसके बाद कुछ विधायक प्रतीकात्मक रूप से जमीन पर लेट गए और उनके ऊपर सफेद कपड़ा ओढ़ाया गया — यह सरकार को 'मुर्दा' बताने का सांकेतिक प्रदर्शन था। यह नाटकीय विरोध उस समय हुआ जब राज्य सरकार ने सत्र के पहले ही दिन समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश किया था और मंगलवार को उस पर चर्चा प्रस्तावित थी।
सिंघार के आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि BJP सरकार किसानों को खाद की उपलब्धता, युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी अधिकार, OBC आरक्षण और कथित घोटालों जैसे गंभीर मसलों पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हिंदू-मुस्लिम विवाद, UCC और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर तो सक्रिय हो जाती है, लेकिन जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर 'सोई' रहती है। सिंघार ने कहा, 'भाजपा असली मुद्दों पर सो रही है — यह मुर्दों की सरकार है।'
सत्र की पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार, 21 जुलाई से आरंभ हुआ है और यह शुक्रवार, 24 जुलाई तक चलेगा। इस पाँच दिवसीय सत्र में महत्वपूर्ण शासकीय कार्य संपादित किए जाने हैं। UCC विधेयक की प्रस्तुति इस सत्र का सबसे विवादास्पद पहलू बनकर उभरी है, जिसे लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव पहले दिन से ही स्पष्ट है।
आगे क्या होगा
UCC विधेयक पर मंगलवार को विधानसभा में चर्चा होनी थी, जिसे देखते हुए कांग्रेस का यह प्रदर्शन सत्र के बाकी दिनों में विपक्ष की आक्रामक रणनीति का संकेत देता है। सत्र 24 जुलाई तक चलेगा और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस की संभावना बनी हुई है।