मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस का 'सांकेतिक अर्थी' प्रदर्शन, यूसीसी विधेयक और किसान मुद्दों पर BJP सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन, 22 जुलाई 2025 को, कांग्रेस विधायकों ने भोपाल स्थित विधानसभा परिसर में एक 'सांकेतिक अर्थी' लेकर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार किसानों, बेरोज़गार युवाओं और आम जनता के ज्वलंत मुद्दों की अनदेखी कर विवादास्पद विषयों को प्राथमिकता दे रही है। यह प्रदर्शन उस दिन हुआ जब सदन में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सहित कुल आठ विधेयकों पर चर्चा निर्धारित थी।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस विधायक पोस्टर और 'सांकेतिक अर्थी' लेकर विधानसभा परिसर में पहुँचे और सरकार पर किसानों की अनदेखी तथा नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। विधायकों का कहना था कि राज्य में किसान, बेरोज़गार युवा और आम जनता विभिन्न संकटों से जूझ रही है, जबकि सरकार समाज को विभाजित करने वाले मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
यूसीसी विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन के भीतर तीखी नोकझोंक देखी गई। कांग्रेस विधायकों ने विधेयक का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सदन का विधायी एजेंडा
मानसून सत्र के इस दिन वित्त विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाना निर्धारित था। इसके साथ ही याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, अधीनस्थ विधान समिति, लोक उपक्रम समिति, शासकीय आश्वासन समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति, कृषि विकास समिति तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति सहित कई समितियों की रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी जानी थीं।
इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, एमएसएमई, उच्च शिक्षा और पर्यटन विभागों के मंत्री अपने-अपने विभागों की वार्षिक रिपोर्ट और अधिसूचनाएँ सदन में प्रस्तुत करने वाले थे। 'ध्यानाकर्षण' प्रस्ताव के तहत दो महत्त्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए जाने की संभावना जताई गई।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने यूसीसी सहित अपने विधायी एजेंडे का बचाव करते हुए इसे समानता और सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम बताया। सत्ता पक्ष का तर्क है कि यह विधेयक सभी नागरिकों को एक समान कानूनी ढाँचे के अंतर्गत लाने का प्रयास है।
कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि BJP सरकार आम लोगों की समस्याओं — विशेष रूप से किसानों की आर्थिक तंगी और युवाओं की बेरोज़गारी — से मुँह मोड़कर विवादित मुद्दों पर राजनीति कर रही है। आलोचकों का कहना है कि यूसीसी जैसे विधेयकों को प्राथमिकता देना जनहित के बजाय चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति है।
क्या होगा आगे
मध्य प्रदेश विधानसभा के इस मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक और अनुपूरक बजट पर आने वाले दिनों में और गहन बहस की संभावना है। सत्र के राजनीतिक और नीतिगत प्रभावों पर सभी पक्षों की नज़र बनी हुई है।