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असम में 9वीं-12वीं के छात्रों के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम, शिक्षा मंत्री रनोज पेगू का ऐलान

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असम में 9वीं-12वीं के छात्रों के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम, शिक्षा मंत्री रनोज पेगू का ऐलान

सारांश

असम सरकार ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री रनोज पेगू के अनुसार, शिक्षकों को पहले ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि डिजिटल टूल्स को क्लासरूम में प्रभावी ढंग से अपनाया जा सके।

मुख्य बातें

असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने 4 सितंबर 2026 को कक्षा 9 से 12 के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम लागू करने की घोषणा की।
पहल का लक्ष्य हायर सेकेंडरी छात्रों को डिजिटल लर्निंग रिसोर्स और रिकॉर्डेड पाठ उपलब्ध कराना है।
सिस्टम लागू होने से पहले शिक्षकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम से गुज़रना होगा।
राज्य सरकार शिक्षकों की डिजिटल क्षमता-निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि तकनीक का उपयोग प्रभावी हो।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के डिजिटल शिक्षण एकीकरण के लक्ष्य के अनुरूप है।

असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने 4 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में घोषणा की कि राज्य सरकार कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम लागू करेगी। यह पहल तकनीक के माध्यम से क्लासरूम शिक्षण को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की असम सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा है।

पहल का उद्देश्य और स्वरूप

इस कार्यक्रम के तहत हायर सेकेंडरी स्तर के छात्रों को डिजिटल लर्निंग रिसोर्स और रिकॉर्डेड पाठ उपलब्ध कराए जाएँगे, जिससे वे नियमित कक्षा के बाहर भी विषयों को दोहरा सकें और अपनी समझ को मज़बूत कर सकें। शिक्षा मंत्री के अनुसार, इस प्रणाली का मुख्य लक्ष्य सीखने की प्रक्रिया को एकसमान और सुव्यवस्थित बनाना तथा छात्रों एवं शिक्षकों दोनों को अतिरिक्त अकादमिक सहयोग प्रदान करना है।

गौरतलब है कि कक्षा 9 से 12 का चरण छात्रों की शैक्षणिक यात्रा का एक निर्णायक पड़ाव होता है — यहाँ पाठ्यक्रम की जटिलता और परीक्षा का दबाव दोनों बढ़ते हैं। ऐसे में रिकॉर्डेड सामग्री की उपलब्धता पारंपरिक कक्षा शिक्षण की पूरक भूमिका निभा सकती है।

शिक्षकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण

मंत्री पेगू ने स्पष्ट किया कि सिस्टम के क्रियान्वयन से पहले शिक्षकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम से गुज़रना होगा। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाएगा और यह सिखाया जाएगा कि डिजिटल लर्निंग टूल्स को नियमित कक्षा अभ्यास में प्रभावी ढंग से कैसे शामिल किया जाए।

राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि तकनीक केवल एक अतिरिक्त संसाधन न रहे, बल्कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक सुनियोजित अंग बने। इसी उद्देश्य से शिक्षकों की डिजिटल क्षमता-निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देशभर में राज्य सरकारें और शिक्षण संस्थाएँ स्कूलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक-आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने में जुटी हैं। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी डिजिटल शिक्षण के एकीकरण पर बल देती है, और असम की यह पहल उसी दिशा में एक राज्य-स्तरीय कदम के रूप में देखी जा सकती है।

यह ऐसी पहली बार नहीं है जब असम ने शिक्षा क्षेत्र में तकनीक-आधारित सुधार की कोशिश की हो — राज्य पहले भी विभिन्न ई-लर्निंग कार्यक्रमों से जुड़ा रहा है। हालाँकि, हायर सेकेंडरी स्तर पर रिकॉर्डेड टीचिंग को संस्थागत रूप देना एक नई दिशा है।

छात्रों और शिक्षकों पर संभावित असर

रिकॉर्डेड पाठों की उपलब्धता से छात्रों को नियमित कक्षा समय के बाहर भी पाठ दोहराने और कठिन अवधारणाओं को समझने का अवसर मिलेगा। वहीं, शिक्षकों को क्लासरूम में पढ़ाए गए विषयों को और सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त डिजिटल टूल उपलब्ध होंगे।

असम सरकार को उम्मीद है कि इस प्रणाली से राज्यभर के विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता अधिक एकसमान होगी — विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सीमित है। आगे यह देखना होगा कि सरकार इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समयसीमा और मूल्यांकन ढाँचे को किस रूप में सामने रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है। देशभर में कई राज्यों ने डिजिटल शिक्षण पहलें शुरू की हैं, पर बुनियादी ढाँचे की कमी और शिक्षकों की तैयारी न होने से नतीजे अक्सर अपेक्षाओं से कम रहे हैं। असम के ग्रामीण और दूरदराज़ के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्ट डिवाइस की उपलब्धता एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब अभी नहीं दिया गया। शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने की योजना सराहनीय है, लेकिन बिना स्पष्ट समयसीमा, मूल्यांकन तंत्र और बजट आवंटन के यह पहल भी उन कई घोषणाओं की तरह कागज़ तक सिमट सकती है जो कभी ज़मीन पर नहीं उतरीं।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम क्या है?
यह असम सरकार की एक नई शिक्षा पहल है जिसके तहत कक्षा 9 से 12 के छात्रों को रिकॉर्डेड पाठ और डिजिटल लर्निंग रिसोर्स उपलब्ध कराए जाएँगे। इसका उद्देश्य पारंपरिक क्लासरूम शिक्षण को तकनीक के ज़रिए और अधिक व्यवस्थित बनाना है।
इस पहल की घोषणा किसने और कब की?
असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने 4 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में इस पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह राज्य सरकार की तकनीक-आधारित शिक्षा सुधार योजना का हिस्सा है।
शिक्षकों को इस सिस्टम के लिए कैसे तैयार किया जाएगा?
शिक्षकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम के ज़रिए रिकॉर्डेड टीचिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली सिखाई जाएगी। यह प्रशिक्षण सिस्टम लागू होने से पहले पूरा किया जाएगा ताकि शिक्षक डिजिटल टूल्स को कक्षा में प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
इस पहल से छात्रों को क्या फायदा होगा?
रिकॉर्डेड पाठों की उपलब्धता से कक्षा 9-12 के छात्र नियमित कक्षा समय के बाहर भी विषयों को दोहरा सकेंगे और कठिन अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। विशेषकर उन क्षेत्रों के छात्रों को लाभ होगा जहाँ विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सीमित है।
क्या यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़ी है?
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस लक्ष्य के अनुरूप है जो स्कूलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने पर जोर देती है। असम की यह योजना उसी राष्ट्रीय दिशा में एक राज्य-स्तरीय कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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