तमिलनाडु में QR कोड आधारित ई-याचिका सिस्टम लॉन्च, मंत्री राजमोहन ने शुरू की डिजिटल शिकायत प्रणाली
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने 25 जून 2026 को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए क्यूआर कोड आधारित इलेक्ट्रॉनिक याचिका (ई-याचिका) प्रणाली की शुरुआत की। राज्य के स्कूल शिक्षा, तमिल विकास और सूचना एवं प्रचार मंत्री राजमोहन ने चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में अपने कार्यालय से इस प्रणाली का उद्घाटन किया। इस पहल के ज़रिये आम नागरिक अब बिना कागजी झंझट के अपनी शिकायतें सीधे मंत्री कार्यालय तक डिजिटल माध्यम से पहुँचा सकेंगे।
कैसे काम करती है यह प्रणाली
मंत्री के कार्यालय के बाहर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते ही नागरिक एक ऑनलाइन पोर्टल पर पहुँच जाते हैं, जहाँ वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज कर याचिका की डिजिटल प्रति अपलोड कर सकते हैं। जिन नागरिकों के पास कागजी दस्तावेज़ हैं, वे उन्हें स्कैन करके भी इसी पोर्टल पर जमा कर सकते हैं — यानी डिजिटल और कागजी, दोनों प्रकार की याचिकाओं को एक ही मंच पर संसाधित किया जाएगा।
पोर्टल पर याचिकाकर्ताओं को शिकायत का संक्षिप्त विवरण लिखने या वॉयस रिकॉर्डिंग अपलोड करने का अतिरिक्त विकल्प भी मिलता है। अधिकारियों के अनुसार, ये सुविधाएँ वैकल्पिक हैं और इनका उद्देश्य आवेदकों को अपनी बात अधिक स्पष्ट रूप से रखने में सहायता करना है।
टोकन प्रणाली से भीड़ पर नियंत्रण
ई-याचिका प्रणाली के साथ-साथ मंत्री ने टोकन-आधारित विज़िटर मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू किया है। ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने वाले नागरिकों को मंत्री की उपलब्धता के अनुसार स्वचालित रूप से एक टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट समय आवंटित किया जाएगा। इससे सचिवालय के बाहर लगने वाली लंबी कतारों और प्रतीक्षा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
नई प्रणाली को समझने में नागरिकों की सहायता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के निर्देश मंत्री कार्यालय के बाहर प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए हैं।
प्रशासनिक दक्षता और पर्यावरण लाभ
अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल वर्कफ्लो से याचिका दर्ज करने में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, रिकॉर्ड प्रबंधन बेहतर होगा और शिकायतों की ट्रैकिंग आसान होगी। इसके अतिरिक्त, कागज के उपयोग में कटौती से यह पहल पर्यावरण के अनुकूल भी है।
गौरतलब है कि मंत्री राजमोहन तमिलनाडु सरकार के उन पहले मंत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने क्यूआर कोड आधारित शिकायत निवारण प्रणाली को अपने कार्यालय में लागू किया है।
आगे की राह: अन्य विभागों के लिए मॉडल
अधिकारियों का मानना है कि यह पहल उन सरकारी विभागों के लिए एक प्रतिकृति-योग्य मॉडल बन सकती है जो नागरिक सेवाओं को आधुनिक बनाना चाहते हैं। यह ऐसे समय में आई है जब केंद्र और राज्य सरकारें डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों के तहत ई-गवर्नेंस को व्यापक रूप से अपनाने की दिशा में काम कर रही हैं। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो तमिलनाडु के अन्य मंत्रालय भी इसे अपना सकते हैं।