14 अगस्त 2026
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योगी सरकार की 'उन्नति' पहल: तकनीक आधारित ऑनलाइन निगरानी से शिक्षक प्रशिक्षण में आएगी नई जान

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योगी सरकार की 'उन्नति' पहल: तकनीक आधारित ऑनलाइन निगरानी से शिक्षक प्रशिक्षण में आएगी नई जान

सारांश

योगी सरकार की 'उन्नति' पहल सिर्फ एक और प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है — यह शिक्षक प्रशिक्षण को तकनीक से जोड़ने का प्रयोग है। हर बैच की वीडियो निगरानी, अनिवार्य वेबकैम और अलग ऑनलाइन लिंक के ज़रिए सरकार 'कैस्केड लॉस' की पुरानी समस्या से निपटने की कोशिश कर रही है।

मुख्य बातें

योगी सरकार ने 'उन्नति' (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) के ज़रिए शिक्षक प्रशिक्षण में तकनीक-आधारित ऑनलाइन पर्यवेक्षण लागू किया।
प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए FLN और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
प्रत्येक प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा , माइक्रोफोन/साउंड सिस्टम और हाई-स्पीड इंटरनेट अनिवार्य किया गया है।
प्रत्येक बैच का अलग ऑनलाइन लिंक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रशिक्षण से दो दिन पहले जारी किया जाएगा।
राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि इस पहल से शिक्षण गुणवत्ता और शिक्षक क्षमता दोनों बेहतर होंगी।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 14 अगस्त 2026 को लखनऊ से प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'उन्नति' (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) नामक तकनीक-आधारित ऑनलाइन पर्यवेक्षण प्रणाली के ज़रिए शिक्षक प्रशिक्षण को नई दिशा देने की घोषणा की। इस पहल का मूल उद्देश्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सीधे बच्चों की सीख से जोड़ना और 'कैस्केड लॉस' की समस्या को न्यूनतम करना है।

उन्नति क्या है और कैसे काम करती है

'उन्नति' एक ऑनलाइन पर्यवेक्षण व्यवस्था है जो शिक्षक प्रशिक्षण को केवल एक निर्धारित कार्यक्रम तक सीमित न रखकर उसकी गुणवत्ता और प्रभावशीलता की निरंतर निगरानी से जोड़ती है। इसके अंतर्गत प्रत्येक प्रशिक्षण बैच का अलग ऑनलाइन लिंक होगा, जिसे खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाएगा और प्रशिक्षण शुरू होने से दो दिन पूर्व संबंधित माध्यमों से उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं कंसल्टेंट्स द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन पर्यवेक्षण किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा, माइक्रोफोन/साउंड सिस्टम और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

प्रशिक्षण की विषयवस्तु और लक्ष्य

बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों की अकादमिक क्षमता को मजबूत किया जा रहा है। शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर और कक्षा की ज़रूरत के अनुरूप पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को गतिविधियों एवं प्रभावी शिक्षण प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है।

प्रशिक्षण में भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षण परिणामों को लेकर गंभीर चिंताएँ व्यक्त की जाती रही हैं।

कैस्केड लॉस की समस्या और तकनीकी समाधान

गौरतलब है कि पारंपरिक प्रशिक्षण व्यवस्थाओं में 'कैस्केड लॉस' एक बड़ी चुनौती रही है — यानी प्रशिक्षण की मूल विषयवस्तु, शैक्षणिक समझ और प्रभावी शिक्षण पद्धतियाँ एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुँचते-पहुँचते कमज़ोर पड़ जाती हैं। 'उन्नति' इसी कमी को दूर करने का प्रयास करती है।

ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से प्रशिक्षण की गतिविधियों पर नज़र रखने के साथ-साथ सामने आने वाली प्रशिक्षण संबंधी ज़रूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उसके प्रभाव को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक कदम समय पर उठाए जा सकेंगे।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाकर उसकी गुणवत्ता का सीधा लाभ बच्चों की सीख तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि 'उन्नति' के माध्यम से प्रशिक्षण की ऑनलाइन निगरानी को मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और शिक्षक की क्षमता दोनों बेहतर होंगी।

आगे की राह

तकनीक-आधारित ऑनलाइन पर्यवेक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि शिक्षक प्रशिक्षण का वास्तविक प्रभाव प्रशिक्षण कक्ष तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षक की शैक्षणिक दक्षता और बच्चों के सीखने के परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे। योगी सरकार का फोकस शिक्षक की तैयारी, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बच्चों की सीख — तीनों को एक साथ मजबूत करने पर है, और इस दिशा में 'उन्नति' एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — ग्रामीण और दूरदराज़ के प्राथमिक विद्यालयों में हाई-स्पीड इंटरनेट और वेबकैम की उपलब्धता अभी भी एक बड़ी चुनौती है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के परिणाम राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे हैं और 'कैस्केड लॉस' की समस्या वर्षों से चली आ रही है। ऑनलाइन निगरानी प्रशिक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बना सकती है, परंतु बिना स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र के यह जानना मुश्किल होगा कि क्या बच्चों के सीखने के परिणामों में वास्तविक सुधार हो रहा है। सरकार को प्रशिक्षण के बाद कक्षा-स्तरीय परिणामों की माप के लिए एक सत्यापन-योग्य ढाँचा भी सार्वजनिक करना चाहिए।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'उन्नति' क्या है और यह शिक्षक प्रशिक्षण में कैसे मदद करेगी?
'उन्नति' (यूनिफाइड नेटवर्क फॉर नर्चरिंग एकेडमिक ट्रेनिंग एंड इनोवेशंस) उत्तर प्रदेश सरकार की तकनीक-आधारित ऑनलाइन पर्यवेक्षण प्रणाली है, जो शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करती है। इसका मुख्य लक्ष्य 'कैस्केड लॉस' को न्यूनतम करना और प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ बच्चों की सीख तक पहुँचाना है।
उन्नति के तहत शिक्षकों को किस विषय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा?
प्रशिक्षण में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पाँच दिवसीय प्रशिक्षण प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए है, जिसमें भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करना प्रमुख लक्ष्य है।
ऑनलाइन पर्यवेक्षण के लिए क्या तकनीकी व्यवस्था की गई है?
प्रत्येक प्रशिक्षण हॉल में हाई-रिजॉल्यूशन वेब कैमरा, माइक्रोफोन/साउंड सिस्टम और हाई-स्पीड इंटरनेट अनिवार्य किया गया है। राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारी, विशेषज्ञ एवं कंसल्टेंट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण की निगरानी करेंगे।
प्रत्येक बैच का ऑनलाइन लिंक कैसे और कब मिलेगा?
प्रत्येक प्रशिक्षण बैच का अलग ऑनलाइन लिंक खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जनरेट किया जाएगा। यह लिंक प्रशिक्षण शुरू होने से दो दिन पूर्व संबंधित माध्यमों से उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि समय पर निगरानी की तैयारी हो सके।
कैस्केड लॉस क्या है और 'उन्नति' इसे कैसे रोकेगी?
कैस्केड लॉस वह समस्या है जिसमें प्रशिक्षण की मूल विषयवस्तु और शैक्षणिक समझ एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुँचते-पहुँचते कमज़ोर पड़ जाती है। 'उन्नति' की ऑनलाइन निगरानी प्रणाली हर बैच की गतिविधियों पर सीधी नज़र रखकर इस कमी को पहचानने और समय पर सुधार करने में मदद करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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