11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी में रोबोटिक्स और ईवी प्रशिक्षण पर जोर, 150 आईटीआई का आधुनिकीकरण और ₹1,000 करोड़ का फंड

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी में रोबोटिक्स और ईवी प्रशिक्षण पर जोर, 150 आईटीआई का आधुनिकीकरण और ₹1,000 करोड़ का फंड

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने रोबोटिक्स, ईवी और सीएनसी प्रशिक्षण को केंद्र में रखकर 150 आईटीआई का आधुनिकीकरण और ₹1,000 करोड़ का फंड तैयार किया है। टाटा टेक्नोलॉजीज की साझेदारी और 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के ज़रिए सरकार डिग्री से आगे, उद्योग-तैयार युवाशक्ति बनाने की दिशा में बड़ा दाँव खेल रही है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने रोबोटिक्स, ईवी, सीएनसी मशीनिंग और कंप्यूटर-आधारित प्रशिक्षण को कौशल विकास रणनीति का केंद्र बनाया।
सरकारी आईटीआई में 1.29 लाख और निजी आईटीआई में 2.77 लाख युवाओं का नामांकन।
टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड (एसएसडीएफ) के तहत ₹1,000 करोड़ का प्रावधान।
' प्रोजेक्ट प्रवीण ' के तहत इंटरमीडिएट छात्रों को तकनीकी दक्षता से जोड़ा जा रहा है; पाँच सी-III केंद्र स्थापित होंगे।
जिला स्तर पर स्किल मैपिंग और रोजगार मेलों के ज़रिए युवाओं को उद्योगों से सीधे जोड़ने की योजना।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 मई 2025 को कौशल विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), सीएनसी मशीनिंग और कंप्यूटर-आधारित तकनीकी प्रशिक्षण को अपनी रोजगार रणनीति के केंद्र में रखा है। राज्य के सरकारी आईटीआई में 1.29 लाख और निजी आईटीआई में 2.77 लाख युवाओं के नामांकन के साथ, सरकार अब पारंपरिक प्रशिक्षण मॉडल से आगे बढ़कर 'न्यू एज स्किल्स' की ओर तेज़ी से अग्रसर है।

मुख्य घटनाक्रम

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने सोमवार को लखनऊ स्थित विधानसभा कार्यालय कक्ष संख्या-58 में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभागीय योजनाओं और भावी रणनीति की विस्तृत समीक्षा की गई।

मंत्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि उद्योगों की माँग के अनुरूप दक्ष और प्रतिस्पर्धी बनाना है।

टाटा टेक्नोलॉजीज साझेदारी और आईटीआई आधुनिकीकरण

टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के 150 आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन संस्थानों को अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकी संसाधनों से लैस किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण सीधे उद्योगों की माँग से जुड़ सके। यह साझेदारी उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें राज्य सरकारें निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता को सार्वजनिक कौशल संस्थानों में समाहित कर रही हैं।

इसके अतिरिक्त, स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड (एसएसडीएफ) के तहत ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किया जा रहा है।

प्रोजेक्ट प्रवीण और सेंटर ऑफ इनोवेशन

'प्रोजेक्ट प्रवीण' के माध्यम से इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी दक्षता से भी जोड़ा जा रहा है। इसके समानांतर, प्रदेश में पाँच 'सेंटर ऑफ इनोवेशन, इंटीग्रेशन एंड इनोवेशन (सी-III)' स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।

आम युवाओं पर असर

रोजगार मेलों के ज़रिए प्रशिक्षित युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ने की प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला स्तर पर स्किल मैपिंग और सर्वेक्षण के माध्यम से स्थानीय उद्योगों की ज़रूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएँगे। गौरतलब है कि सरकार पारंपरिक और अनौपचारिक रूप से कुशल कारीगरों को भी प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्यमिता की ओर ले जाने की योजना पर काम कर रही है।

क्या होगा आगे

मंत्री कपिल देव अग्रवाल के अनुसार, राज्य सरकार का अंतिम लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में कौशल-रोजगार के बीच की खाई को पाटना नीतिगत प्राथमिकता बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि देशभर में आईटीआई आधुनिकीकरण की घोषणाएँ अक्सर बुनियादी ढाँचे तक सिमटकर रह जाती हैं, जबकि प्लेसमेंट दर पिछड़ी रहती है। ₹1,000 करोड़ का एसएसडीएफ फंड और टाटा टेक्नोलॉजीज की साझेदारी संरचनात्मक रूप से सकारात्मक संकेत हैं, परंतु जिला-स्तरीय स्किल मैपिंग और उद्योग-माँग का वास्तविक मिलान तभी सार्थक होगा जब परिणाम सार्वजनिक रूप से सत्यापन-योग्य हों। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 4 लाख से अधिक नामांकित युवाओं में से कितने वास्तव में 'न्यू एज स्किल्स' तक पहुँच पाएँगे, यह स्पष्ट नहीं है — 150 संस्थानों का आधुनिकीकरण पूरे नेटवर्क का एक हिस्सा भर है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश सरकार की नई कौशल विकास रणनीति क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), सीएनसी मशीनिंग और कंप्यूटर-आधारित प्रशिक्षण को केंद्र में रखकर युवाओं को उद्योग-तैयार बनाने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत 150 आईटीआई का आधुनिकीकरण, ₹1,000 करोड़ का फंड और टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी शामिल है।
टाटा टेक्नोलॉजीज और यूपी आईटीआई की साझेदारी से क्या बदलेगा?
टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के 150 आईटीआई संस्थानों को अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकी संसाधनों से लैस किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को सीधे उद्योगों की माँग से जोड़ना है, ताकि पास-आउट युवा तुरंत रोजगार के योग्य हों।
प्रोजेक्ट प्रवीण क्या है और इससे कौन लाभान्वित होगा?
'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी दक्षता से जोड़ा जा रहा है। इससे वे छात्र लाभान्वित होंगे जो उच्च शिक्षा और व्यावसायिक कौशल दोनों एक साथ हासिल करना चाहते हैं।
स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड (एसएसडीएफ) का उपयोग कैसे होगा?
एसएसडीएफ के तहत ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किया जाएगा। यह फंड जिला-स्तरीय स्किल मैपिंग, रोजगार मेलों और उद्यमिता विकास कार्यक्रमों को भी सहारा देगा।
यूपी के आईटीआई में अभी कितने युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सरकारी आईटीआई में लगभग 1.29 लाख और निजी आईटीआई में 2.77 लाख युवाओं ने प्रवेश लिया है। सरकार इन सभी को 'न्यू एज स्किल्स' से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले