MP विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति बैठक 19 जुलाई को, उमंग सिंघार बोले — सरकार जवाब दे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और उससे एक दिन पहले, 19 जुलाई को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 16 जुलाई को बताया कि इस बैठक में सदन के भीतर मोहन यादव सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने की ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा
सिंघार के अनुसार, 19 जुलाई की बैठक में कई गंभीर विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। इनमें मुख्यमंत्री एवं उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि घोटाले का मामला, किसान संकट, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता के लिए वार्षिक जॉब कैलेंडर जारी करने की माँग, युवाओं की भर्ती परीक्षाओं में व्यापक सुधार और समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़े सवाल प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा आदिवासियों एवं दलितों के अधिकार, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार तथा प्रदेश में सामने आ रहे विभिन्न घोटाले एवं भ्रष्टाचार के मामलों पर भी चर्चा होगी।
उमंग सिंघार का बयान
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, 'कांग्रेस विधायक दल जनता की आवाज़ को पूरी मज़बूती के साथ विधानसभा में उठाएगा। प्रदेश में बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, केन-बेतवा सहित आदिवासियों और दलितों के अधिकारों पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।'
उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा का आगामी सत्र जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और सरकार से जवाब माँगने का सत्र होगा। कांग्रेस विधायक दल पूरी तैयारी और एकजुटता के साथ प्रदेश के हर वर्ग की अपेक्षाओं को सदन में रखेगा।
सरकार पर दबाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार को विपक्ष की ओर से कई मोर्चों पर चुनौती मिल रही है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ी जीत मिली थी, जिसके बाद कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है। विपक्ष के लिए विधानसभा सत्र ही वह प्रमुख मंच है जहाँ वह सरकार को सार्वजनिक रूप से जवाबदेह ठहरा सकता है।
आलोचकों का कहना है कि प्रदेश में रोज़गार, कानून-व्यवस्था और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से अनसुलझे हैं और सरकार ने इन पर ठोस जवाब नहीं दिया है।
आगे क्या होगा
20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में कांग्रेस की रणनीति कितनी प्रभावी रहती है, यह सदन की कार्यवाही के दौरान स्पष्ट होगा। सत्र में प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के ज़रिए विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करेगा।