मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की चुनौतियाँ: उमंग सिंघार का सत्ताधारी सरकार पर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा पर कांग्रेस विधायकों को खरीदने का आरोप।
- राजेंद्र भारती को २५ साल पुराने मामले में सजा।
- लोकतंत्र के लिए सत्ता का दुरुपयोग एक गंभीर चिंता।
भोपाल, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायकों की बढ़ती चुनौतियों को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता के दुरुपयोग का खुला खेल चल रहा है। आगामी समय में राज्यसभा के चुनाव होने वाले हैं और नेता प्रतिपक्ष ने विधायकों की बढ़ती मुश्किलों को इसी से जोड़ा है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में मई में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की योजनाएं अब स्पष्ट हो रही हैं। चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस विधायकों को तोड़ने और खरीदने का प्रयास किया जा रहा है, और जब यह प्रयास विफल होता है, तो उनके खिलाफ पुराने मामलों का सहारा लिया जा रहा है।
दतिया विधायक राजेंद्र भारती के न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि दतिया से कांग्रेस विधायक को २५ साल पुराने मामले में सजा सुनाई गई, जबकि पूर्व भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा का पेड न्यूज मामला वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, यह दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
उमंग सिंघार ने आगे कहा कि विजयपुर (श्योपुर) से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता समाप्त कर उन्हें राज्यसभा चुनाव में मतदान से वंचित किया गया। साथ ही, सेमरिया विधायक अभय मिश्रा और भोपाल मध्य विधायक आरिफ मसूद के पुराने मामलों को अचानक सक्रिय करना भाजपा की सत्ता के लिए भूख को स्पष्ट करता है। यह घटनाएं स्पष्ट संकेत देती हैं कि जो विधायक भाजपा के दबाव में नहीं आ रहे, उन्हें जबरन पुराने या झूठी कार्यवाही के जरिए चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की साजिश रची जा रही है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का एक उदाहरण है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधायकों को डराकर, सजा दिलाकर और सदस्यता छीनकर चुनाव जीतने का प्रयास भाजपा की जनता के विश्वास को तोड़ता है। इतिहास गवाह है कि ऐसे हथकंडे लंबे समय तक नहीं चलते। जनता सब देख रही है, और समय आने पर उत्तर भी देगी।