क्या मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे?: जीतू पटवारी

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क्या मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे?: जीतू पटवारी

सारांश

मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। कांग्रेस विधायक सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए तैयार हैं, जीतू पटवारी ने 52 घोटालों के दस्तावेजों का खुलासा किया है। क्या यह सत्र सरकार के लिए चुनौती साबित होगा?

मुख्य बातें

कांग्रेस विधायक सरकार की नाकामियों को उजागर करने की तैयारी में हैं।
28 जुलाई से विधानसभा सत्र शुरू होगा।
52 घोटालों के दस्तावेजों का खुलासा किया जाएगा।
आदिवासियों के मुद्दों को भी उठाया जाएगा।
कांग्रेस की रणनीति सरकार को घेरने की है।

भोपाल, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा का आगामी सत्र 28 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और कांग्रेस इस सत्र के दौरान सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राज्य में हुए घोटालों में से 52 के दस्तावेज उनके पास हैं और कांग्रेस विधायक इसे विधानसभा में मुद्दा बनाएंगे। शुक्रवार को संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस विपक्ष में है और उसकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वह जनता की लड़ाई लड़े। कांग्रेस विधानसभा सत्र में सरकार के 52 घोटालों को उजागर करेगी। इसमें किसान, युवा, चिकित्सा, लोक निर्माण विभाग की गड़बड़ियों से लेकर कई मामले शामिल हैं, जिनके दस्तावेज उनके पास पहुंच चुके हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने कर्ज क्यों लिया, इसका भी विवरण उनके पास है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कैग की जो रिपोर्ट सामने आई है, उसने हर विभाग में भ्रष्टाचार की पहचान की है। उस रिपोर्ट के आधार पर भी मुद्दे उठाए जाएंगे। जल जीवन मिशन योजना में जल के जरिए भ्रष्टाचार आ रहा है; नल से जल नहीं आ रहा, बल्कि भ्रष्टाचार आ रहा है। इस सरकार ने संबल योजना को बंद कर दिया है, वहीं जनसंपर्क विभाग का काम केवल प्रबंधन का बनकर रह गया है। इसके साथ ही इन्वेस्टर समिट पर श्वेत पत्र की हमारी मांग है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी की आगामी योजना की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में आदिवासियों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं, साथ ही आदिवासियों की जमीन की बिक्री भी हो रही है। इन सारे मुद्दों को लेकर कांग्रेस विधायक विधानसभा में जाएंगे। अधिकारियों की कार्यशैली को भी मुद्दा बनाया जाएगा और सर्विस रूल के अनुसार उन्हें काम करने की बात भी उठाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही इन अधिकारियों की कितनी संपत्ति है, इसका विवरण भी हमने मांगा है; उनकी अवैध संपत्तियों का पता लगाने के लिए कांग्रेस अभियान चलाएगी। इसके अतिरिक्त, नगरीय निकायों में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है, इसे भी कांग्रेस उठाएगी।

वास्तव में, राज्य विधानसभा का सत्र 28 जुलाई से शुरू हो रहा है और यह 8 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र के दौरान कांग्रेस की रणनीति सरकार को घेरने की होगी। इससे पहले, पार्टी 21 और 22 जुलाई को धार के मांडव में विधायकों का शिविर भी आयोजित करने जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और सरकार के बीच टकराव की स्थिति है। विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में सफल होती है या नहीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र कब शुरू होगा?
मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 28 जुलाई से शुरू होगा।
कांग्रेस विधायक किस मुद्दे को उठाने जा रहे हैं?
कांग्रेस विधायक सरकार के 52 घोटालों को विधानसभा में उठाएंगे।
जीतू पटवारी ने क्या कहा है?
जीतू पटवारी ने कहा है कि उनके पास राज्य में हुए घोटालों के दस्तावेज हैं।
कांग्रेस की योजना क्या है?
कांग्रेस की योजना विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को घेरने की है।
क्या कांग्रेस आदिवासियों के मुद्दों को उठाएगी?
हां, कांग्रेस आदिवासियों के मुद्दों को भी विधानसभा में उठाने की योजना बना रही है।
राष्ट्र प्रेस