उज्जैन भूमि विवाद: कांग्रेस ने CM मोहन यादव से माँगा जवाब, न्यायिक जाँच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में बड़े पैमाने पर हुई कथित भूमि खरीद-फरोख्त को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 23 जून 2025 को मुख्यमंत्री मोहन यादव पर सीधा निशाना साधा और इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र न्यायिक निगरानी में जाँच की माँग की। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हितों के टकराव के गंभीर आरोप लगाए।
मुख्य आरोप: विकास परियोजनाओं के आसपास भूमि खरीद
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सबसे गंभीर सवाल यह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जिन क्षेत्रों में नई सड़कों, कॉरिडोर, बायपास और विकास परियोजनाओं की घोषणाएँ हुईं, उन्हीं इलाकों के आसपास बड़े पैमाने पर भूमि खरीद की खबरें क्यों सामने आईं।
उन्होंने विशेष रूप से उज्जैन-बदनावर रोड, उज्जैन-इंदौर रोड, पंचकोशी परिक्रमा मार्ग, उज्जैन-मक्सी रोड, उज्जैन-नागदा रोड, उज्जैन-देवास रोड और गरोठ ग्रीन फील्ड कॉरिडोर जैसे प्रस्तावित विकास क्षेत्रों का नाम लेते हुए कहा कि इन इलाकों में हुई भूमि खरीद को लेकर जनता के मन में स्वाभाविक रूप से संदेह उत्पन्न होता है।
फर्जी दस्तावेज और ग्रामीणों के आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि उज्जैन के एक गाँव में कथित तौर पर एक मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर भूमि रजिस्ट्री कराने की शिकायत भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने दबाव और भूमि हड़पने के प्रयासों के आरोप लगाए हैं, जिनकी निष्पक्ष जाँच होना आवश्यक है।
सिंघार ने इस प्रकरण को भाजपा शासन में सामने आए कथित घोटालों की एक कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि परिवहन घोटाले और आयुष्मान योजना में कथित अनियमितताओं के बाद अब उज्जैन भूमि प्रकरण ने नए और गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सिंहस्थ की आड़ में हजारों करोड़ के विकास कार्य
उमंग सिंघार ने यह भी कहा कि सिंहस्थ जैसे महापर्व के नाम पर हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। ऐसे में यदि सत्ता से जुड़े लोगों और कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर भूमि खरीदी जाती है, तो जनता का संदेह स्वाभाविक है। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री यादव स्पष्ट करें कि इन कंपनियों और भूमि सौदों से उनका अथवा उनके परिवार का क्या संबंध है।
कांग्रेस की तीन सूत्रीय माँग
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं: पहली, पूरे भूमि प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायिक निगरानी में जाँच; दूसरी, मुख्यमंत्री के परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा खरीदी गई भूमि का पूरा विवरण सार्वजनिक करना; और तीसरी, विकास परियोजनाओं और भूमि खरीद के बीच संभावित संबंधों की जाँच।
आगे क्या होगा
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे के विकास की योजनाएँ बनाई जा रही हैं। कांग्रेस के इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।