10 अगस्त 2026
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एमपी सीएम मोहन यादव पर जमीन सौदे के आरोप: भाजपा का बचाव, कांग्रेस की न्यायिक जांच की मांग

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एमपी सीएम मोहन यादव पर जमीन सौदे के आरोप: भाजपा का बचाव, कांग्रेस की न्यायिक जांच की मांग

सारांश

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव के परिजनों पर सरकारी योजनाओं वाली जगहों पर जमीन खरीद के आरोप लगे हैं। भाजपा ने बचाव किया, पर खुद पार्टी के मंत्री राकेश सिंह ने कहा — 'सबूत हों तो जांच हो।' सीएम अब तक चुप हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर सरकारी योजनाओं वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद के आरोप लगे हैं।
कांग्रेस ने भोपाल और नई दिल्ली दोनों जगह मुद्दा उठाते हुए न्यायिक जांच की माँग की है।
वरिष्ठ भाजपा मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर में कहा — सबूत हों तो जांच पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने वीडियो संदेश जारी कर आरोपों को भ्रामक बताया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अब तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर लगे जमीन खरीद के आरोपों को लेकर राजनीतिक घमासान बुधवार, 24 जून 2026 को और तेज हो गया। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री का पुरजोर बचाव किया, वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस मामले में न्यायिक जांच की माँग दोहराई।

मंत्री राकेश सिंह का संतुलित बयान

मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता राकेश सिंह ने जबलपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यदि किसी संपत्ति या जमीन लेनदेन में गड़बड़ी के सबूत हैं, तो जांच पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि गलत तरीके से संपत्ति अर्जित की गई है, तो वह सामने आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे का इस्तेमाल केवल बदनामी या गलत प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए — तथ्यों को जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

आरोपों का स्वरूप

कथित तौर पर आरोप है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों ने उन स्थानों पर बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है, जहाँ बाद में विभिन्न सरकारी योजनाओं को मंजूरी दी गई। यह विवाद पिछले दो दिनों में तेजी से उभरा है — कांग्रेस ने पहले भोपाल और फिर नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में यह मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चूँकि मामला एक सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष न्यायिक जांच अनिवार्य है।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे विपक्ष का राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार रात एक वीडियो संदेश जारी कर आरोपों को भ्रामक करार दिया और मुख्यमंत्री का बचाव किया। बुधवार को कई वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता भी मुख्यमंत्री के समर्थन में सामने आए।

सीएम मोहन यादव की चुप्पी

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अब तक इस पूरे विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपना रही है। गौरतलब है कि सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी एक मंत्री का यह कहना कि 'जांच पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए', राजनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के बाद यह देखना होगा कि क्या कोई जांच एजेंसी स्वतः संज्ञान लेती है या न्यायालय में कोई याचिका दायर होती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले हफ्तों में और गर्म हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राष्ट्रीय मुद्दा बनाना चाहती है। असली सवाल यह है कि क्या कोई स्वतंत्र जांच तंत्र सक्रिय होगा, या यह विवाद अगले चुनावी चक्र तक केवल आरोप-प्रत्यारोप बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम मोहन यादव पर क्या आरोप लगे हैं?
कथित तौर पर आरोप है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों ने उन स्थानों पर बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है जहाँ सरकारी योजनाओं को मंजूरी मिली है। यह आरोप कांग्रेस ने भोपाल और नई दिल्ली में उठाए हैं।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या माँग की है?
कांग्रेस ने इस मामले में न्यायिक जांच की माँग की है। पार्टी का तर्क है कि चूँकि मामला एक सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
भाजपा ने इन आरोपों पर क्या कहा?
भाजपा ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे विपक्ष का राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने वीडियो संदेश जारी कर आरोपों को भ्रामक करार दिया।
मंत्री राकेश सिंह ने क्या कहा?
वरिष्ठ मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर में कहा कि यदि जमीन लेनदेन में गड़बड़ी के सबूत हैं तो जांच पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे का इस्तेमाल केवल बदनामी के लिए नहीं होना चाहिए।
क्या सीएम मोहन यादव ने इस विवाद पर कोई बयान दिया है?
नहीं, 24 जून 2026 तक मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। पार्टी के अन्य नेता और मंत्री उनके बचाव में सामने आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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