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एमपी सीएम मोहन यादव पर जमीन सौदे के आरोप: भाजपा के राकेश सिंह बोले — सबूत हों तो जांच हो

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एमपी सीएम मोहन यादव पर जमीन सौदे के आरोप: भाजपा के राकेश सिंह बोले — सबूत हों तो जांच हो

सारांश

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव के परिजनों पर सरकारी योजनाओं वाले क्षेत्रों में जमीन खरीद के कथित आरोपों ने सियासत गर्म कर दी है। कांग्रेस न्यायिक जांच पर अड़ी है, BJP ने आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया — और खुद मुख्यमंत्री अब तक खामोश हैं।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों पर सरकारी योजनाओं से जुड़े क्षेत्रों में जमीन खरीद के कथित आरोप लगे हैं।
कांग्रेस ने भोपाल और नई दिल्ली दोनों जगह यह मुद्दा उठाते हुए न्यायिक जांच की माँग की है।
BJP के वरिष्ठ मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर में कहा — सबूत हों तो जांच पर आपत्ति नहीं, लेकिन इसे राजनीतिक प्रचार नहीं बनाया जाए।
भाजपा मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने वीडियो संदेश जारी कर आरोपों को भ्रामक बताया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अब तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता राकेश सिंह ने बुधवार, 24 जून को जबलपुर में पत्रकारों से कहा कि यदि किसी संपत्ति या जमीन लेनदेन में गड़बड़ी के ठोस सबूत हों, तो जांच पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह बयान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिजनों पर सरकारी योजनाओं से जुड़े क्षेत्रों में जमीन खरीद के कथित आरोपों को लेकर उपजे राजनीतिक तूफान के बीच आया है।

आरोप क्या हैं

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का आरोप है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों ने उन स्थानों पर बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है, जहाँ बाद में राज्य सरकार की कई योजनाओं को मंजूरी दी गई। कांग्रेस ने इस मामले में न्यायिक जांच की माँग की है और तर्क दिया है कि चूँकि मामला एक कार्यरत मुख्यमंत्री के परिजनों से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष जांच अनिवार्य है।

गौरतलब है कि यह विवाद पिछले दो दिनों में तेजी से बढ़ा है — मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पहले भोपाल और फिर नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में यह मुद्दा उठाया।

भाजपा की प्रतिक्रिया

BJP ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें विपक्ष का राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान करार दिया है। भाजपा मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार रात एक वीडियो संदेश जारी कर आरोपों को भ्रामक बताया और मुख्यमंत्री का पुरजोर बचाव किया।

बुधवार को कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ BJP नेता भी मुख्यमंत्री के समर्थन में सामने आए। मंत्री राकेश सिंह ने संतुलित लहजे में कहा कि यदि गलत तरीके से संपत्ति अर्जित की गई है तो वह सामने आनी चाहिए, लेकिन इस मुद्दे को महज बदनामी या राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री की चुप्पी

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अब तक इस पूरे विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। जहाँ पार्टी के नेता और मंत्री उनके बचाव में मैदान में उतरे हैं, वहीं स्वयं मुख्यमंत्री की चुप्पी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को तब तक उठाती रहेगी जब तक न्यायिक जांच का आदेश नहीं दिया जाता। दूसरी ओर, BJP का रुख है कि यह आरोप राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं और सरकार की कार्यप्रणाली पर इनका कोई असर नहीं पड़ेगा। आने वाले दिनों में यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो शीर्ष नेता का मौन रणनीतिक है या असमंजस, यह स्पष्ट नहीं। राकेश सिंह का बयान BJP की उस पुरानी रणनीति की याद दिलाता है जिसमें 'जांच से इनकार नहीं' कहकर मुद्दे की धार कुंद की जाती है, बिना वास्तव में जांच का समर्थन किए। कांग्रेस की न्यायिक जांच की माँग तब तक राजनीतिक दबाव से ज़्यादा कुछ नहीं बनेगी, जब तक वह ठोस दस्तावेजी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं करती — अन्यथा यह विवाद भी उन आरोपों की लंबी सूची में शामिल हो जाएगा जो चुनाव से पहले उठते हैं और बाद में ठंडे पड़ जाते हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव पर जमीन सौदे के क्या आरोप हैं?
आरोप है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों ने उन स्थानों पर बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी, जहाँ बाद में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी गई। ये आरोप कांग्रेस ने लगाए हैं और उसने इस मामले में न्यायिक जांच की माँग की है।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या माँग की है?
कांग्रेस ने न्यायिक जांच की माँग की है, यह तर्क देते हुए कि मामला एक कार्यरत मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। पार्टी ने यह मुद्दा भोपाल और नई दिल्ली दोनों जगह उठाया है।
BJP ने इन आरोपों पर क्या कहा?
BJP ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान बताया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने वीडियो संदेश में आरोपों को भ्रामक कहा, जबकि मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सबूत हों तो जांच हो, लेकिन इसे बदनामी का हथियार नहीं बनाया जाए।
क्या सीएम मोहन यादव ने इस विवाद पर कोई बयान दिया है?
नहीं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 जून तक इस पूरे विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। पार्टी के अन्य नेता और मंत्री उनके बचाव में सामने आए हैं।
यह विवाद आगे किस दिशा में जा सकता है?
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह न्यायिक जांच की माँग जारी रखेगी। BJP के इनकार और मुख्यमंत्री की चुप्पी को देखते हुए यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों तक गर्म रह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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