21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उज्जैन जमीन खरीदी विवाद: मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा, CM मोहन यादव से जवाब की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उज्जैन जमीन खरीदी विवाद: मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा, CM मोहन यादव से जवाब की माँग

सारांश

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन उज्जैन जमीन खरीदी मामले पर कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाया, हंगामा किया और सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने CM मोहन यादव से सीधा जवाब माँगा, सिंहस्थ की तैयारियों के बीच यह विवाद और गहरा सकता है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ; पहले दिन उज्जैन जमीन खरीदी विवाद छाया रहा।
कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की माँग की, जिसे संसदीय कार्य मंत्री ने प्रक्रियागत आधार पर अस्वीकार किया।
कांग्रेस और BJP विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से उज्जैन जमीन खरीदी के आरोपों पर सार्वजनिक जवाब माँगा।
आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में किसी भी भूमि विवाद का राजनीतिक और सामाजिक असर व्यापक हो सकता है।

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार, 20 जुलाई को उज्जैन जमीन खरीदी मामले पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के विधायकों ने जमकर हंगामा किया और स्थगन प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे पर चर्चा कराने की माँग की। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायक सदन से बाहर निकल गए और नारेबाजी की।

मुख्य घटनाक्रम

मानसून सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया। दल की ओर से उज्जैन जमीन खरीदी मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाया गया, जिसमें सदन की कार्यवाही रोककर इस विषय पर विस्तृत चर्चा की माँग की गई। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने प्रक्रियागत व्यवस्था का हवाला देते हुए स्थगन को अस्वीकार किया, जिसके बाद कांग्रेस और BJP विधायकों के बीच सदन के भीतर तीखी बहस छिड़ गई।

कांग्रेस की सदन से वापसी

स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा न होने से नाराज कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए। विधानसभा परिसर के बाहर उन्होंने सरकार पर पारदर्शिता से बचने का आरोप लगाया और कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने व्यवस्था की आड़ में जवाबदेही से मुँह मोड़ा है।

नेता प्रतिपक्ष का बयान

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पर उज्जैन में जमीन खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं और उन्हें इन आरोपों का सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। सिंघार ने यह भी कहा कि उज्जैन में आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर यदि वहाँ घोटाले के आरोप उठ रहे हैं, तो मुख्यमंत्री की चुप्पी राज्य की छवि को नुकसान पहुँचा रही है।

सरकार की स्थिति

संसदीय कार्य मंत्री ने स्थगन प्रस्ताव को प्रक्रियागत आधार पर अस्वीकार किया। सत्तारूढ़ BJP की ओर से अभी तक उज्जैन जमीन खरीदी के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियाँ जोरों पर हैं और भूमि अधिग्रहण से जुड़े किसी भी विवाद का राजनीतिक असर व्यापक हो सकता है। कांग्रेस के मानसून सत्र में आक्रामक रुख को देखते हुए यह मामला आने वाले दिनों में सदन में और गर्माने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि सरकार आरोपों का ठोस जवाब देती है या प्रक्रियागत बहानों में उलझाए रखती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की चुप्पी जितनी लंबी होगी, विपक्ष को उतना ही राजनीतिक ईंधन मिलता रहेगा। मानसून सत्र की यह शुरुआत संकेत देती है कि यह सत्र टकराव और गतिरोध से भरा रहेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्जैन जमीन खरीदी विवाद क्या है?
उज्जैन में जमीन खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। कांग्रेस ने इस मामले को मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की माँग की।
कांग्रेस ने विधानसभा से वॉकआउट क्यों किया?
कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री द्वारा प्रक्रियागत आधार पर अस्वीकार किए जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने क्या कहा?
उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे आरोपों से राज्य की छवि धूमिल हो रही है और उन्हें सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के मद्देनजर उज्जैन में घोटाले के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस विवाद का सिंहस्थ से क्या संबंध है?
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियाँ चल रही हैं, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण और विकास कार्य हो रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इसी संदर्भ में जमीन खरीदी में अनियमितताएँ हुई हैं, जो एक बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन को विवादास्पद बना सकती हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र कब शुरू हुआ?
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई, सोमवार से शुरू हुआ। पहले ही दिन उज्जैन जमीन खरीदी विवाद पर कांग्रेस के हंगामे ने सत्र की शुरुआत को तनावपूर्ण बना दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 8 महीने पहले