सीएम मोहन यादव पर जमीन घोटाले के आरोप: कांग्रेस ने मांगा 30 घंटे में जवाब, 'इनसाइडर ट्रेडिंग' का लगाया इल्जाम
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद 24 जून 2026 को विपक्षी दलों ने तीखा हमला बोला। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा तक — सभी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से 30 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण माँगा। आरोप हैं कि मुख्यमंत्री बनने से पहले और बाद में यादव परिवार ने रणनीतिक रूप से सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी, जिनमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जहाँ सरकारी परियोजनाएँ प्रस्तावित थीं।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि BJP 30 घंटे के भीतर इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देती, तो उसे उस मीडिया संस्थान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए जिसने यह रिपोर्ट प्रकाशित की। उन्होंने कहा, जब देशभर के मीडिया और मध्य प्रदेश के सोशल मीडिया पर इस मामले की बाढ़ आ गई हो, तब चुप्पी खुद में एक जवाब है।
गौरतलब है कि मोहन यादव 13 दिसंबर 2023 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। विपक्ष का आरोप है कि इस नियुक्ति से पहले और बाद में उनके परिवार ने बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण किया।
महाकुंभ क्षेत्र में 111 एकड़ की खरीद का आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यादव परिवार ने उस क्षेत्र में 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन खरीदी, जहाँ महाकुंभ आयोजित होने वाला है। खेड़ा ने कहा, 'मुख्यमंत्री बनने से पहले ही आपके परिवार ने सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद, उनके परिवार ने उस इलाके में 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन खरीदी, जहाँ महाकुंभ होने वाला है।' उन्होंने इसे शेयर बाज़ार की भाषा में 'इनसाइडर ट्रेडिंग' करार दिया — यह कहते हुए कि सरकारी योजनाओं की अग्रिम जानकारी का उपयोग निजी लाभ के लिए किया गया।
अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में अयोध्या से लेकर महाकाल की नगरी तक धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो जमीन किसानों के हित में काम आ सकती थी, उससे सीएम के परिवार को फायदा पहुँचाया जा रहा है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि BJP शासन में 'विकसित भारत' का अर्थ नेताओं का व्यक्तिगत विकास बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 300 से अधिक प्लॉट खरीदकर करोड़ों रुपये परिवार में बाँटे गए। मोल्लाह ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों का भी उल्लेख किया और कहा कि नए मुख्यमंत्री ने वही सिलसिला जारी रखा है।
BJP की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
अभी तक BJP या मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक खंडन या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 घंटे के भीतर जवाब नहीं मिला, तो वे इस मुद्दे को और तेज़ करेंगे। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं और राजनीतिक माहौल पहले से गरमाया हुआ है।