मोहन यादव पर जमीन घोटाले के आरोप निराधार, विपक्ष की हताशा का प्रमाण: भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने 24 जून 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए गए जमीन घोटाले के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें विपक्ष की 'बेबुनियाद और कुंठित' राजनीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से इन आरोपों का स्पष्ट जवाब पहले ही दिया जा चुका है।
मुख्य घटनाक्रम: जमीन घोटाले के आरोपों पर BJP का पलटवार
प्रतुल शाह देव ने रांची में बातचीत के दौरान कहा कि अलग-अलग राज्यों में मिल रही हार की वजह से कांग्रेस पूरी तरह हताश हो चुकी है और इसी निराशा में आकर सीएम मोहन यादव पर इस तरह के आरोप थोपे जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'मुख्यमंत्री के करीबियों का मानना है कि जो भी हुआ है, वह नियमों के दायरे में हुआ है।' उन्होंने विपक्ष को सुझाव दिया कि यदि उन्हें कोई संदेह है, तो वे औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं, ताकि 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो सके।
राम मंदिर दान पात्र घोटाला: SIT जांच पर भाजपा का रुख
राम मंदिर के कथित दान पात्र घोटाले में SIT द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतुल शाह देव ने कहा कि सरकार पूरे मामले की तह तक जाएगी। उन्होंने कहा, 'अगर राम मंदिर के दान से चोरी की घटना सामने आई है तो इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कांग्रेस की सरकार नहीं है — BJP की सरकार किसी आरोपी को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेगी।
मौलाना मदनी के बयान और 'काफिर' विवाद पर प्रतिक्रिया
मौलाना अरशद मदनी के कथित 'जिहादी' बयान पर शाह देव ने कहा कि ऐसे वक्तव्य 'कुंठित मानसिकता' वाले लोगों की उपज हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिहाद की अवधारणा का दुरुपयोग कर 'सनातन पर प्रहार' करने की कोशिश की जा रही है।
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा इंदौर में 'काफिर' शब्द पर जताई गई कड़ी आपत्ति का समर्थन करते हुए प्रतुल शाह देव ने कहा कि BJP सभी धर्मों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार की किसी भी योजना का लाभ देते समय धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।' उन्होंने उज्ज्वला योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बिना किसी भेद के बहनों की मदद की है।
TMC विभाजन और जंतर-मंतर प्रदर्शन पर टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक टकराव पर शाह देव ने दावा किया कि 'असली TMC अब ऋतुब्रत बनर्जी के साथ है,' और कुछ TMC सांसदों के त्रिपुरा के एक दल में विलय का हवाला देते हुए कहा कि ममता बनर्जी के साथ अब बहुत कम नेता बचे हैं।
जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने NEET परीक्षा में किसी भी गड़बड़ी की संभावना को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करके पहले ही समाप्त कर दिया था। उनके अनुसार, परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होने से प्रदर्शनकारियों की 'ख्वाहिश' पूरी नहीं हुई।
आगे क्या
जमीन घोटाले के आरोपों पर विपक्ष के अगले कदम और SIT की अंतिम रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल का केंद्र बनी रहेगी। BJP का यह पलटवार संकेत देता है कि मध्य प्रदेश में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव और तीखा होने की संभावना है।