सचिन पायलट का CM मोहन यादव पर हमला: उज्जैन भूमि सौदे और राम मंदिर चंदे पर जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने 25 जून को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर कई मोर्चों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परिवार से जुड़े कथित भूमि खरीद मामले, राम मंदिर चंदा विवाद, कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर और इमरजेंसी पर NCERT पाठ्यक्रम में बदलाव — सभी पर अपना पक्ष रखा।
उज्जैन भूमि सौदा: पायलट ने मोहन यादव को घेरा
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने का कथित खुलासा 'बेहद गंभीर' है। उन्होंने कहा, "इतना बड़ा खुलासा सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों का नाम जमीन से जुड़े बड़े मामले में सामने आ रहा है।"
पायलट ने सवाल उठाया कि जब नैतिकता, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की बात आती है तो BJP दोहरे मापदंड क्यों अपनाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के बहुचर्चित नारे 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा' का संदर्भ देते हुए कहा कि लगाए गए कथित आरोपों को देखकर स्थिति इसके "बिल्कुल उलट" दिखाई देती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अखबारों में सामने आए इस कथित खुलासे पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
राम मंदिर चंदा विवाद: निष्पक्ष जांच की मांग
राम मंदिर चंदा प्रकरण पर पायलट ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि "भगवान श्रीराम के चंदे के नाम पर चोरी या गड़बड़ी से बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता।" उनके अनुसार, यदि राजनीतिक दल भगवान के नाम पर वोट माँगने में संकोच नहीं करते, तो भगवान के नाम पर हुए कथित धन के दुरुपयोग की जांच कराने में भी कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।
पायलट ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक न राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार ने कोई जांच कराई है। उन्होंने माँग की कि सरकार निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे, चाहे आरोप किसी भी दल के व्यक्ति पर क्यों न हों।
कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर पर BJP की आलोचना का जवाब
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के लिए चल रहे प्रशिक्षण शिविर को लेकर पायलट ने कहा कि 135 साल पुरानी पार्टी को किसी से सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने BJP नेताओं को सलाह दी कि वे कांग्रेस की चिंता छोड़कर अपनी पार्टी और जनता से किए गए वादों की चिंता करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए जिला अध्यक्षों को BJP की "साजिशों, झूठे वादों और जनता को गुमराह करने वाली राजनीति" को उजागर करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
NCERT और इमरजेंसी: इतिहास को लेकर तीखी टिप्पणी
NCERT की कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में इमरजेंसी से जुड़ा नया अध्याय जोड़े जाने और BJP द्वारा 'संविधान हत्या दिवस' तथा 'काला दिवस' मनाए जाने पर पायलट ने कहा कि इतिहास को हर कोई अपने नजरिए से देख सकता है। उन्होंने आलोचना की कि जब भी BJP की सरकार किसी राज्य या केंद्र में बनती है, तो वह इतिहास, साहित्य और पाठ्यपुस्तकों को अपने तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश करती है।
पायलट ने चेताया कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में लोकतंत्र आज जिस तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है, वैसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि देश को वर्तमान लोकतांत्रिक चुनौतियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
आगे क्या
पायलट की इस प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस और BJP के बीच इन मुद्दों पर राजनीतिक तकरार और तेज होने की संभावना है। उज्जैन भूमि मामले और राम मंदिर चंदा विवाद पर विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी।