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ओडिशा को 'इंडिया केम 2026' में ₹53,893 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 20,210 नौकरियों की संभावना

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ओडिशा को 'इंडिया केम 2026' में ₹53,893 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 20,210 नौकरियों की संभावना

सारांश

मुख्यमंत्री माझी की मुंबई यात्रा सिर्फ एक कॉन्क्लेव नहीं थी — यह ओडिशा की औद्योगिक पहचान बदलने की रणनीति थी। ₹53,893 करोड़ के प्रस्ताव और 'ओडिशा केम 2027' की घोषणा के साथ राज्य धातु-निर्भरता से रसायन-आधारित इकोसिस्टम की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की 22-23 अक्टूबर की मुंबई यात्रा में ओडिशा को ₹53,893.51 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले।
कुल 9 एमओयू और 4 निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर; 20,210 नौकरियों के अवसर सृजित होने की संभावना।
सबसे बड़ा समझौता 'नवरत्न' उपक्रम एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ — केमिकल और ऊर्जा क्षेत्र में ₹36,763.51 करोड़ का प्रस्तावित निवेश।
पोस्को इंडिया , जेएसडब्ल्यू , एलएंडटी तथा अमेरिका व यूरोपीय संघ की कंपनियों के साथ 25 वन-टू-वन बैठकें हुईं।
केंद्र सरकार और FICCI की सहमति से अक्टूबर 2027 में 'ओडिशा केम 2027' के आयोजन की घोषणा।
माझी ने केंद्रीय मंत्री जे.पी.
नड्डा के समर्थन के लिए आभार जताया।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 23 अक्टूबर 2026 को बताया कि मुंबई में आयोजित 'इंडिया केम 2026' केमिकल और पेट्रोकेमिकल कॉन्क्लेव के दौरान राज्य को ₹53,893.51 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और 20,210 नौकरियों के अवसर सृजित होने की संभावना है। दो दिवसीय (22-23 अक्टूबर) इस यात्रा में नौ समझौता ज्ञापन (एमओयू) और चार निवेश प्रस्ताव दर्ज किए गए।

मुख्य समझौते और निवेश

सबसे बड़ा समझौता एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ हुआ, जो कोयला मंत्रालय के अधीन एक 'नवरत्न' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है। यह एमओयू केमिकल और ऊर्जा क्षेत्र में ₹36,763.51 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के लिए किया गया — जो कुल प्राप्त निवेश प्रस्ताव का लगभग 68% है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री माझी ने कार्यक्रम के दौरान पोस्को इंडिया, जेएसडब्ल्यू और एलएंडटी जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा अमेरिका और यूरोपीय संघ की कंपनियों के साथ भी विस्तृत वार्ता की।

उद्योग जगत के साथ वन-टू-वन बैठकें

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 'टीम ओडिशा' ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ 25 आमने-सामने बैठकें कीं। माझी ने कहा, 'इन चर्चाओं के ज़रिए उनकी ज़रूरतों को समझने के साथ-साथ उन्हें यह भी पता चला कि ओडिशा में निवेश करने के लिए क्या सुविधाएं और अवसर मौजूद हैं। इन कंपनियों की ओडिशा में निवेश करने में गहरी रुचि है।'

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इन कंपनियों के साथ बैठकें संभव कराने में मज़बूत सहयोग दिया।

ओडिशा की औद्योगिक रणनीति

माझी ने स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन राज्य की अर्थव्यवस्था को धातु-आधारित से रसायन-आधारित बनाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, 'ओडिशा में धातु, मेटल डाउनस्ट्रीम, रसायन, पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक जैसे परस्पर जुड़े उद्योगों की स्थापना करके एक संपूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।' उनके अनुसार, इस इकोसिस्टम के ज़रिए ओडिशा 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में एक मज़बूत स्तंभ बन सकता है।

गौरतलब है कि ओडिशा पारंपरिक रूप से लौह अयस्क और इस्पात उद्योग पर निर्भर रहा है। यह नई दिशा राज्य के औद्योगिक विविधीकरण के प्रयासों को दर्शाती है।

'ओडिशा केम 2027' की घोषणा

मुख्यमंत्री माझी ने यह भी घोषणा की कि अक्टूबर 2027 में 'ओडिशा केम 2027' का आयोजन ओडिशा में ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और फिक्की (FICCI) दोनों ने इस आयोजन के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह आयोजन राज्य के लिए एक बड़ा अवसर होगा, जिससे वैश्विक निवेशकों को सीधे ओडिशा की औद्योगिक क्षमता से परिचित कराया जा सकेगा।

आगे की राह

यह निवेश प्रस्ताव अभी एमओयू और आशय-पत्र के स्तर पर हैं; वास्तविक निवेश तब सुनिश्चित होगा जब कंपनियाँ ज़मीन पर कार्य आरंभ करेंगी। राज्य सरकार के लिए अगली चुनौती इन प्रस्तावों को ठोस परियोजनाओं में बदलना और निवेशकों के लिए अनुकूल नीतिगत माहौल बनाए रखना होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

893 करोड़ के ये निवेश प्रस्ताव प्रभावशाली आँकड़े हैं, लेकिन ओडिशा के पिछले निवेश सम्मेलनों — जैसे 'उत्कर्ष ओडिशा' — में भी बड़े एमओयू हस्ताक्षरित हुए थे, जिनका ज़मीनी क्रियान्वयन अपेक्षाओं से कम रहा। असली कसौटी यह है कि एनएलसी इंडिया जैसे सार्वजनिक उपक्रम के साथ ₹36,763 करोड़ का समझौता कब और किस समयसीमा में परियोजना रूप लेगा। 'ओडिशा केम 2027' की घोषणा राजनीतिक दृष्टि से स्मार्ट है — यह ओडिशा को निवेशकों के नक्शे पर स्थायी रूप से स्थापित करने की कोशिश है — लेकिन रोज़गार के 20,210 अवसरों की वास्तविक प्राप्ति के लिए सरकार को निवेश-से-रोज़गार का पारदर्शी ट्रैकिंग तंत्र बनाना होगा।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'इंडिया केम 2026' में ओडिशा को कितना निवेश मिला?
ओडिशा को 'इंडिया केम 2026' कॉन्क्लेव में कुल ₹53,893.51 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें 9 एमओयू और 4 निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। इससे राज्य में 20,210 नौकरियों के अवसर सृजित होने की संभावना बताई जा रही है।
एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ ओडिशा का समझौता किस क्षेत्र में हुआ?
एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ केमिकल और ऊर्जा क्षेत्र में ₹36,763.51 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के लिए एमओयू हस्ताक्षरित हुआ। यह कुल प्राप्त निवेश प्रस्ताव का सबसे बड़ा हिस्सा है। एनएलसी इंडिया लिमिटेड कोयला मंत्रालय के अधीन एक 'नवरत्न' केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है।
'ओडिशा केम 2027' क्या है और यह कब होगा?
'ओडिशा केम 2027' एक केमिकल और पेट्रोकेमिकल निवेश सम्मेलन है, जिसका आयोजन अक्टूबर 2027 में ओडिशा में किया जाएगा। मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि केंद्र सरकार और FICCI दोनों ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है।
मुख्यमंत्री माझी की मुंबई यात्रा में किन कंपनियों से बात हुई?
मुख्यमंत्री माझी ने पोस्को इंडिया, जेएसडब्ल्यू और एलएंडटी के प्रतिनिधियों के अलावा अमेरिका और यूरोपीय संघ की कंपनियों के साथ भी चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान कुल 25 वन-टू-वन बैठकें आयोजित हुईं।
ओडिशा की केमिकल क्षेत्र में निवेश की रणनीति क्या है?
ओडिशा सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को धातु-आधारित से रसायन-आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री माझी के अनुसार, धातु, मेटल डाउनस्ट्रीम, रसायन, पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक जैसे परस्पर जुड़े उद्योगों की स्थापना करके एक संपूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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