5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईवीएम और चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोप हार की खीझ: भाजपा नेता अशोक बाजपेयी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईवीएम और चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोप हार की खीझ: भाजपा नेता अशोक बाजपेयी

सारांश

भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने कहा — जहाँ विपक्ष जीते वहाँ ईवीएम ठीक, जहाँ भाजपा जीते वहाँ आरोप। सपा की 37 लोकसभा सीटें इनके अपने तर्क की काट हैं। CEC निलंबन माँग पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप, मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी और UP सीट-शेयरिंग पर भी भाजपा का पलटवार।

मुख्य बातें

भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने 5 अक्टूबर 2026 को विपक्ष पर EVM और निर्वाचन आयोग को चुनावी हार का बहाना बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने तर्क दिया कि सपा की 37 लोकसभा सीटें और कांग्रेस का खाता खुलना EVM की निष्पक्षता का प्रमाण है।
CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की माँग पर सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप को बाजपेयी ने अंतिम शब्द बताया।
मणिशंकर अय्यर की पाकिस्तान से बातचीत की वकालत पर कांग्रेस को 'दोहरे चरित्र' वाला बताया।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा गठबंधन को केवल सत्ता-लोलुपता करार देते हुए CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की वापसी का दावा किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अशोक बाजपेयी ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद बार-बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और निर्वाचन आयोग को कठघरे में खड़ा करना विपक्ष की हताशा और निराशा का प्रतीक है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख सामने आया है।

ईवीएम और चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोप

बाजपेयी ने कहा कि जिन राज्यों में विपक्षी दल सत्ता में आते हैं — जैसे केरल और तमिलनाडु — वहाँ उन्हें न ईवीएम से आपत्ति होती है, न निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर संदेह। लेकिन जहाँ भाजपा जीतती है, वहीं इन्हीं संस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत विपक्ष को असहज करती है, जबकि अन्य राज्यों में विपक्ष की जीत पर उन्हें कोई एतराज नहीं होता।

उन्होंने आगे तर्क दिया कि चुनाव के बाद जनता को अपनी हार का जवाब देने के बजाय ईवीएम और निर्वाचन आयोग को निशाना बनाना विपक्ष के लिए एक 'आसान रास्ता' बन गया है।

सुप्रीम कोर्ट और CEC निलंबन की मांग

CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की माँग पर सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप को लेकर बाजपेयी ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में अपना निर्णय दिया है और इस पर अतिरिक्त बहस की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तथ्यों के आधार पर फैसला करता है, न कि केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर। विपक्षी नेताओं की यह माँग, उनके शब्दों में, 'अमर्यादित' है।

साक्षी महाराज के बयान और सपा का प्रदर्शन

साक्षी महाराज के एक बयान का समर्थन करते हुए बाजपेयी ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने पहली बार लोकसभा में 37 सीटें जीती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर ईवीएम में गड़बड़ी होती, तो सपा को उत्तर प्रदेश में इतनी सीटें नहीं मिलतीं और कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाती। यह बयान सीधे तौर पर विपक्ष के ईवीएम-विरोधी रुख को चुनौती देता है।

मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी और भारत-पाकिस्तान संबंध

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की भारत-पाकिस्तान संबंधों पर टिप्पणियों को लेकर बाजपेयी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय नागरिकों की हत्या और आतंकवाद को बढ़ावा देने के बावजूद कांग्रेस नेता उससे संवाद की वकालत करते रहे। उन्होंने इसे कांग्रेस का 'दोहरा चरित्र' करार दिया और कहा कि देश के विभाजन के लिए भी कांग्रेस ज़िम्मेदार रही है।

कांग्रेस-सपा गठबंधन और उत्तर प्रदेश की राजनीति

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच सीट-शेयरिंग को लेकर बाजपेयी ने कहा कि दोनों दलों में वैचारिक और संगठनात्मक सामंजस्य का अभाव है। उनके अनुसार, यह गठबंधन केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार पुनः बनेगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। गौरतलब है कि कांग्रेस-सपा का पिछला गठबंधन अनुमानित परिणाम नहीं दे सका था।

असदुद्दीन ओवैसी की अखिलेश यादव पर टिप्पणी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और भाजपा का भय दिखाकर उन्हें लामबंद किया। आने वाले विधानसभा चुनाव में ये बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वह बड़े प्रश्न को टाल देता है — EVM की स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट की माँग चुनावी हार से नहीं, लोकतांत्रिक पारदर्शिता से उठती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि सुप्रीम कोर्ट ने CEC निलंबन की माँग को खारिज नहीं किया, बल्कि मामले में हस्तक्षेप किया — जो सरकार समर्थक आख्यान को पूरी तरह सही नहीं ठहराता। UP में कांग्रेस-सपा के बार-बार टूटने वाले गठबंधन की आलोचना उचित है, लेकिन यह भाजपा के अपने चुनावी गठबंधनों की सुविधाजनक राजनीति पर परदा डालती है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने EVM पर विपक्ष के आरोपों को क्यों खारिज किया?
बाजपेयी ने कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष जीता — जैसे केरल और तमिलनाडु — वहाँ उन्हें EVM से कोई शिकायत नहीं, केवल भाजपा की जीत पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने सपा की 37 लोकसभा सीटों को EVM की निष्पक्षता का प्रमाण बताया।
CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की माँग पर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख है?
बाजपेयी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है और तथ्यों के आधार पर निर्णय करेगा। उन्होंने विपक्ष की माँग को 'अमर्यादित' बताया और कहा कि अदालत केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर नहीं चलती।
मणिशंकर अय्यर की भारत-पाकिस्तान टिप्पणी पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया है?
भाजपा नेता बाजपेयी ने कांग्रेस पर 'दोहरे चरित्र' का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों की निंदा किए बिना उससे बातचीत की वकालत करना देशहित के खिलाफ है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा सीट-शेयरिंग को लेकर भाजपा का क्या कहना है?
बाजपेयी ने कहा कि इन दोनों दलों में वैचारिक और संगठनात्मक सामंजस्य नहीं है और यह गठबंधन केवल सत्ता के लिए होता है। उन्होंने दावा किया कि जनता इसे समझ चुकी है और UP में भाजपा दोबारा सरकार बनाएगी।
क्या ओवैसी ने अखिलेश यादव पर कोई आरोप लगाया है और भाजपा की क्या राय है?
असदुद्दीन ओवैसी की अखिलेश यादव पर टिप्पणी के संदर्भ में बाजपेयी ने कहा कि कांग्रेस और सपा ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, इन दलों ने कल्याण के बजाय भाजपा का भय दिखाकर वोट हासिल किए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले