30 सितंबर 2026
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चुनाव आयोग पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर दिलीप घोष का पलटवार: 'खुद अध्यक्ष हारे, पार्टी क्या जीतेगी'

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चुनाव आयोग पर कांग्रेस के प्रदर्शन पर दिलीप घोष का पलटवार: 'खुद अध्यक्ष हारे, पार्टी क्या जीतेगी'

सारांश

कांग्रेस जब चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरी, तो दिलीप घोष ने एक सवाल से पूरी बहस पलट दी — जिस आयोग ने पार्टी को 10 साल सत्ता दी, वही अब दोषी कैसे? जब अध्यक्ष खुद चुनाव हारें, तो असली समस्या आयोग में नहीं, पार्टी में है।

मुख्य बातें

मंत्री दिलीप घोष ने 30 सितंबर 2026 को कोलकाता में ECI के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
घोष ने कहा कि इसी चुनाव आयोग ने कांग्रेस को 10 साल सत्ता दिलाई थी; हार का कारण आयोग नहीं, पार्टी की खुद की कमज़ोरी है।
ईवीएम और मतदाता सूची पर शिकायतों के लिए ECI में सुनवाई का प्रावधान है — सड़क प्रदर्शन को घोष ने 'जनता को गुमराह करना' बताया।
SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि बिना वैध दस्तावेज वाले लोगों को सूची से हटाना उचित है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के 'इंडिया' ब्लॉक बैठक के लिए दिल्ली दौरे को घोष ने 'निष्फल' करार दिया।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने तर्क दिया कि जिस चुनाव आयोग को कांग्रेस आज कठघरे में खड़ा कर रही है, उसी ने पार्टी को 10 साल तक सत्ता दिलाई थी।

कांग्रेस पर सीधा हमला

घोष ने कहा, 'बीच में कांग्रेस ने 10 साल तक शासन किया। इसी चुनाव आयोग ने उन्हें जिताया था। जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है, वहाँ वे चुनाव जीतकर आए — तो वहाँ कैसे जीते? चुनाव आयोग तो वही है।' उन्होंने आगे कहा कि हार का सिलसिला शुरू हो चुका है और जब पार्टी के खुद अध्यक्ष ही अपना चुनाव हार जाएँ, तो पार्टी की जीत की उम्मीद बेमानी है।

ईवीएम विवाद पर घोष की प्रतिक्रिया

ईवीएम, वीवीपैट और मतदाता सूची को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों पर घोष ने कहा कि इन सभी शिकायतों के लिए चुनाव आयोग में सुनवाई का प्रावधान है। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी दल सड़क पर प्रदर्शन करने की बजाय वहाँ क्यों नहीं जाते। घोष के अनुसार, यह सब 'जनता को गुमराह करने की कोशिश' है, लेकिन जनता समझ चुकी है कि विपक्ष केवल भागदौड़ में लगा है।

एसआईआर प्रक्रिया का बचाव

विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर घोष ने स्पष्ट किया कि इसके जरिये उन मतदाताओं को सूची से अलग किया गया है जो देश के नागरिक नहीं हैं या जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए विरोध प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं है। गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया हाल के महीनों में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद का केंद्र बनी हुई है।

ममता-अभिषेक के दिल्ली दौरे पर टिप्पणी

'इंडिया' गठबंधन की बैठक के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी के दिल्ली दौरे पर घोष ने कहा कि यह केवल मीडिया के लिए खबर है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'नतीजा क्या है? कुछ नहीं होने वाला है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 'इंडिया' ब्लॉक के भीतर समन्वय को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ

दिलीप घोष की यह प्रतिक्रिया उस पृष्ठभूमि में महत्त्वपूर्ण है जब कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल ECI के कामकाज, विशेषकर मतदाता सूची संशोधन और ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। घोष ने स्पष्ट किया कि जो दल विकास कार्य करेगा, जनता उसके साथ खड़ी रहेगी — विरोध प्रदर्शनों से चुनावी नतीजे नहीं बदलते। आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि यही वह कमज़ोर कड़ी है जिस पर सत्तापक्ष सबसे ज़्यादा दाँव लगाए बैठा है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने चुनाव आयोग पर कांग्रेस के प्रदर्शन के बारे में क्या कहा?
घोष ने कहा कि जिस चुनाव आयोग को कांग्रेस कठघरे में खड़ा कर रही है, उसी ने पार्टी को 10 साल तक सत्ता दिलाई थी। उन्होंने तर्क दिया कि जब पार्टी के अध्यक्ष खुद चुनाव हार जाएँ, तो हार का दोष आयोग पर नहीं डाला जा सकता।
SIR प्रक्रिया क्या है और घोष ने इसका बचाव क्यों किया?
SIR यानी विशेष सारांश पुनरीक्षण, मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। घोष ने कहा कि इसके ज़रिये उन लोगों को सूची से हटाया गया है जो देश के नागरिक नहीं हैं या जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, इसलिए इस पर विरोध का कोई औचित्य नहीं।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के दिल्ली दौरे पर घोष ने क्या कहा?
'इंडिया' गठबंधन की बैठक के लिए TMC नेताओं के दिल्ली जाने पर घोष ने कहा कि यह केवल मीडिया की खबर है और इस दौरे से कोई ठोस नतीजा नहीं निकलेगा। उन्होंने इसे 'आना-जाना' तक सीमित बताया।
ईवीएम पर कांग्रेस की शिकायतों पर घोष का क्या रुख है?
घोष ने कहा कि ईवीएम, वीवीपैट और मतदाता सूची से जुड़ी हर शिकायत के लिए चुनाव आयोग में सुनवाई का प्रावधान है। उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष संस्थागत मंच पर जाने की बजाय सड़क पर क्यों उतरता है, और इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया।
दिलीप घोष वर्तमान में किस पद पर हैं?
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2026 को कोलकाता में मीडिया से बातचीत में ये बयान दिए।
राष्ट्र प्रेस
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