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चुनाव आयोग विवाद पर दिलीप घोष का पलटवार — 'राहुल गांधी क्या अदालत बन गए हैं?'

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चुनाव आयोग विवाद पर दिलीप घोष का पलटवार — 'राहुल गांधी क्या अदालत बन गए हैं?'

सारांश

दिलीप घोष ने चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों को 'सबूतहीन' बताया और राहुल गांधी को संविधान से बड़ा बताने के दावे पर तीखा जवाब दिया। साथ ही न्यू टाउन में अदाणी ग्रुप के 2,000 बेड के निःशुल्क अस्पताल के भूमि पूजन की जानकारी दी।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने विपक्ष के उन दावों पर सबूत माँगे कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार आयोग के निर्णयों पर आपत्ति जताई थी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR सहित सभी निर्णय तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए।
घोष ने राहुल गांधी की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की माँग को असंवैधानिक बताया।
अदाणी ग्रुप कोलकाता के न्यू टाउन में 2,000 बेड का अस्पताल स्थापित करने जा रहा है; 1,000 बेड गरीबों के लिए निःशुल्क होंगे।
राज्य सरकार ने कहा कि भूमि न उपयोग करने वाली कंपनियों से ज़मीन वापस ली जाएगी।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को कोलकाता में विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने की अवधि में चुनाव आयोग के निर्णयों पर 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। घोष ने इन रिपोर्टों को आधारहीन बताते हुए विपक्ष से सबूत माँगे।

मुख्य घटनाक्रम

पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, 'एसआईआर का मुद्दा अदालत में भी उठा और लोगों ने अदालतों का रुख भी किया था, लेकिन कहीं भी कोई रुकावट नहीं आई। किसी के पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि क्या गलत हुआ।' उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यदि किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाया गया हो और वह दस्तावेज़ प्रस्तुत करे, तो उसका नाम बहाल किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग स्वयं यह स्पष्ट कर चुका है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) सहित सभी निर्णय तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।

राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा निशाना

दिलीप घोष ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की माँग पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'क्या राहुल गांधी अदालत और न्यायपालिका बन गए हैं? क्या वे स्वयं संविधान बन गए हैं कि उन्हें यह तय करने का अधिकार है कि किसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए — वो भी ऐसे व्यक्ति को जिसने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाए।'

विपक्ष की लगातार आलोचना पर घोष ने व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा, 'आज विपक्ष के पास करने को कुछ नहीं है। जो उपचुनाव में उम्मीदवार तक नहीं उतार सकते, उनकी बात कौन सुनेगा?'

चुनाव हार का ज़िम्मेदार कौन

घोष ने विपक्ष पर यह आरोप भी लगाया कि वह अपनी चुनावी हार का ठीकरा संस्थाओं पर फोड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'यदि आप चुनाव हार जाओगे, जनता आपको वोट नहीं देगी — तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

न्यू टाउन में अदाणी ग्रुप का 2,000 बेड का अस्पताल

इसी अवसर पर दिलीप घोष ने कोलकाता के न्यू टाउन में अदाणी ग्रुप द्वारा स्थापित किए जा रहे प्रस्तावित 2,000 बेड के अस्पताल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गुरुवार को इस परियोजना का भूमि पूजन समारोह आयोजित किया जा रहा है और इसमें से 1,000 बेड गरीब मरीजों के लिए निःशुल्क होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों और व्यापारिक समूहों का स्वागत करती है और उन्हें क्रमशः भूमि आवंटित की जाएगी। साथ ही, उन कंपनियों से भूमि वापस ली जाएगी जिन्होंने पहले ज़मीन तो ले ली थी, लेकिन कोई कार्य आरंभ नहीं किया।

आगे की स्थिति

चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, विशेष रूप से जब संसद का अगला सत्र नज़दीक आएगा। घोष की टिप्पणियाँ सत्तारूढ़ दल की उस रणनीति को रेखांकित करती हैं, जिसमें विपक्षी आरोपों को सबूत के अभाव में निराधार बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस मूल प्रश्न को दरकिनार करती है जो विपक्ष उठा रहा है — SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव। चुनाव आयोग का 'सर्वसम्मति' का दावा और विपक्ष का 'आपत्तियाँ दबाई गईं' का आरोप — दोनों एक साथ सच नहीं हो सकते, और इस विरोधाभास की स्वतंत्र जाँच ही असली लोकतांत्रिक उत्तर है। राहुल गांधी की गिरफ्तारी की माँग को निशाना बनाकर घोष ने बहस को व्यक्तिगत बना दिया, जो संस्थागत जवाबदेही के मूल सवाल से ध्यान हटाती है। अदाणी अस्पताल की घोषणा को इसी प्रेस वार्ता में जोड़ना — जो स्पष्ट रूप से एक अलग मुद्दा है — एक सोची-समझी कथा-परिवर्तन की कोशिश दिखती है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों पर क्या कहा?
दिलीप घोष ने विपक्ष के इस दावे को निराधार बताया कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार आयोग के निर्णयों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी के पास यह साबित करने का कोई सबूत नहीं है कि SIR प्रक्रिया में कुछ गलत हुआ।
SIR यानी विशेष गहन संशोधन क्या है और यह विवाद में क्यों है?
SIR (Special Intensive Revision) मतदाता सूचियों की एक विशेष समीक्षा प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाए गए, जबकि चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी निर्णय तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी की माँग क्यों की?
रिपोर्टों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की माँग की, जिसे दिलीप घोष ने असंवैधानिक और न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में अनुचित हस्तक्षेप बताया।
न्यू टाउन कोलकाता में अदाणी ग्रुप का अस्पताल कैसा होगा?
अदाणी ग्रुप कोलकाता के न्यू टाउन में 2,000 बेड का अस्पताल स्थापित करने जा रहा है, जिसका भूमि पूजन 24 सितंबर 2026 को हुआ। दिलीप घोष के अनुसार इसमें से 1,000 बेड गरीब मरीजों के लिए निःशुल्क होंगे।
राज्य सरकार उन कंपनियों के बारे में क्या करेगी जिन्होंने जमीन लेकर काम शुरू नहीं किया?
दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल सरकार उन कंपनियों से भूमि वापस लेगी जिन्होंने आवंटित जमीन पर कोई काम शुरू नहीं किया। नई आवंटन नीति के तहत जमीन केवल उन समूहों को दी जाएगी जो वास्तव में निवेश और रोजगार सृजन करें।
राष्ट्र प्रेस
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