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दिलीप घोष ने राहुल गांधी को घेरा, कहा— उम्र के साथ जिम्मेदारी से बोलें

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दिलीप घोष ने राहुल गांधी को घेरा, कहा— उम्र के साथ जिम्मेदारी से बोलें

सारांश

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने राहुल गांधी के 'गैर-कानूनी कानून' वाले बयान को बेजिम्मेदाराना करार दिया और कहा कि उम्र के साथ परिपक्वता आनी चाहिए। साथ ही, CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में इस्तीफे की माँग कर सियासी पारे को और चढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 25 सितंबर 2026 को कोलकाता में राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
राहुल गांधी ने दावा किया था कि 'वोट चोरी' से चुने गए सांसदों के बनाए कानून गैर-कानूनी हैं।
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफे की माँग की।
घोष ने आरोप लगाया कि विपक्ष हर 4-6 महीने में नया मुद्दा उठाकर संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश करता है।
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 25 सितंबर 2026 को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। घोष की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि वोट चोरी हुई है, तो ऐसे वोटों से चुने गए सांसदों द्वारा बनाए गए कानून और संस्थागत बदलाव भी गैर-कानूनी होंगे।

दिलीप घोष ने क्या कहा

मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया के सामने कहा, 'पता नहीं उन्हें कौन सलाह देता है और वे क्या बोलते हैं। जब मैं सोशल मीडिया पर उनके बारे में लोगों की टिप्पणियाँ देखता हूँ, तो लगता है कि आम लोग भी उनसे ज़्यादा समझदारी से सोचते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी अब 'उम्रदराज हो चुके हैं' और जल्द ही वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आ जाएँगे, इसलिए उन्हें अधिक परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ बयान देने चाहिए।

राहुल गांधी का मूल बयान और विवाद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया था कि 'वोट चोरी, कानून चोरी है।' उनका तर्क था कि इस तरह से चुने गए जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्मित कानून और संस्थागत बदलाव स्वतः गैर-कानूनी हो जाते हैं। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी।

CJP की माँग और विपक्ष का विरोध

इसी बीच, सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की माँग की है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस/INC) सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चुनावी निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर राष्ट्रीय बहस तीव्र हो रही है।

घोष का विपक्ष पर बड़ा आरोप

दिलीप घोष ने विपक्षी गतिविधियों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि 'विपक्ष हर चार से छह महीने में एक नया मुद्दा उठाता है।' उनका आरोप था कि ये मुद्दे देश के हित के विरुद्ध होते हैं, संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं।

घोष ने कहा, 'धीरे-धीरे जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट हो रही है। यह सिर्फ एक दिखावा है। पहले जेन-जी का मुद्दा उछाला गया और अब ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया जा रहा है। इसके पीछे देश की सभी मज़बूत संस्थाओं को कमज़ोर करने की सोची-समझी साज़िश चल रही है।' उन्होंने दावा किया कि इस तरह की राजनीति से भविष्य में विपक्ष के लिए चुनाव लड़ना और भी कठिन हो जाएगा।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी विरोध और CJP की इस्तीफे की माँग के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। सत्तारूढ़ पक्ष और विपक्ष के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उस पर बहस की जगह सत्तारूढ़ पक्ष व्यक्तिगत आलोचना को प्राथमिकता दे रहा है। CJP की 48 घंटे की इस्तीफे की माँग यह भी दर्शाती है कि विपक्षी खेमे के भीतर भी एक समन्वित रणनीति बन रही है। मुख्यधारा की कवरेज इस वाकयुद्ध को सनसनी की तरह पेश कर रही है, जबकि असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर उठती आशंकाओं का संस्थागत जवाब क्या होगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि राहुल गांधी 'उम्रदराज' हो चुके हैं और उन्हें अधिक जिम्मेदारी व परिपक्वता के साथ बयान देने चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की साज़िश कर रहा है।
राहुल गांधी ने कौन सा विवादित बयान दिया?
राहुल गांधी ने कहा था कि यदि वोट चोरी हुई है, तो उससे चुने गए सांसदों द्वारा बनाए गए कानून और संस्थागत बदलाव भी गैर-कानूनी होंगे। यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार पर हमले के दौरान दिया गया।
CJP ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग क्यों की?
CJP (सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफे की माँग की है। यह माँग चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आई है।
दिलीप घोष कौन हैं और इस मामले में उनकी भूमिका क्या है?
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने राहुल गांधी के बयान और विपक्षी विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए सरकारी पक्ष का बचाव किया।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का रुख क्या है?
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे को विपक्ष ने एक व्यापक संस्थागत चिंता के रूप में प्रस्तुत किया है।
राष्ट्र प्रेस
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