दिलीप घोष ने राहुल गांधी को घेरा, कहा— उम्र के साथ जिम्मेदारी से बोलें
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 25 सितंबर 2026 को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। घोष की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि वोट चोरी हुई है, तो ऐसे वोटों से चुने गए सांसदों द्वारा बनाए गए कानून और संस्थागत बदलाव भी गैर-कानूनी होंगे।
दिलीप घोष ने क्या कहा
मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया के सामने कहा, 'पता नहीं उन्हें कौन सलाह देता है और वे क्या बोलते हैं। जब मैं सोशल मीडिया पर उनके बारे में लोगों की टिप्पणियाँ देखता हूँ, तो लगता है कि आम लोग भी उनसे ज़्यादा समझदारी से सोचते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी अब 'उम्रदराज हो चुके हैं' और जल्द ही वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आ जाएँगे, इसलिए उन्हें अधिक परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ बयान देने चाहिए।
राहुल गांधी का मूल बयान और विवाद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया था कि 'वोट चोरी, कानून चोरी है।' उनका तर्क था कि इस तरह से चुने गए जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्मित कानून और संस्थागत बदलाव स्वतः गैर-कानूनी हो जाते हैं। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी।
CJP की माँग और विपक्ष का विरोध
इसी बीच, सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की माँग की है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस/INC) सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चुनावी निष्पक्षता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर राष्ट्रीय बहस तीव्र हो रही है।
घोष का विपक्ष पर बड़ा आरोप
दिलीप घोष ने विपक्षी गतिविधियों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि 'विपक्ष हर चार से छह महीने में एक नया मुद्दा उठाता है।' उनका आरोप था कि ये मुद्दे देश के हित के विरुद्ध होते हैं, संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं।
घोष ने कहा, 'धीरे-धीरे जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट हो रही है। यह सिर्फ एक दिखावा है। पहले जेन-जी का मुद्दा उछाला गया और अब ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया जा रहा है। इसके पीछे देश की सभी मज़बूत संस्थाओं को कमज़ोर करने की सोची-समझी साज़िश चल रही है।' उन्होंने दावा किया कि इस तरह की राजनीति से भविष्य में विपक्ष के लिए चुनाव लड़ना और भी कठिन हो जाएगा।
आगे क्या होगा
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी विरोध और CJP की इस्तीफे की माँग के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। सत्तारूढ़ पक्ष और विपक्ष के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।