बंगाल-गुजरात चुनाव नतीजों पर दिलीप घोष का हमला: 'डबल इंजन सरकार पर जनता का भरोसा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और मंत्री दिलीप घोष ने 14 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल उपचुनाव और गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस और उनके नेताओं को एक-एक कर निशाने पर लिया और BJP की जीत को 'डबल इंजन सरकार' की नीतियों का प्रमाण बताया।
बंगाल उपचुनाव पर घोष का बयान
पश्चिम बंगाल उपचुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए दिलीप घोष ने कहा, 'यह सच है कि बंगाल में लंबे समय तक निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए। जैसे ही निष्पक्ष चुनाव होने शुरू हुए, नतीजे पूरी तरह से बदल गए।' उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने पिछले 15 वर्षों तक राज्य पर शासन किया, उसे 3 प्रतिशत वोट भी नहीं मिले। घोष ने कहा, 'जिन्होंने वोट चुराए, वे ही अब वोट चोरी का शोर मचा रहे हैं — यह बात अब सभी के सामने साफ हो गई है।'
गुजरात निकाय चुनाव: डबल इंजन सरकार को श्रेय
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों में BJP की जीत पर घोष ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे 'डबल इंजन सरकार' के विकास मॉडल का परिणाम है। उनके अनुसार, गुजरात के लोगों को बेहतर बुनियादी ढाँचे और प्रशासन का लाभ मिल रहा है, इसीलिए वे हर चुनाव में BJP के पक्ष में मतदान करते हैं। घोष ने दावा किया, 'जहाँ भी डबल इंजन की सरकार है, वहाँ इसी तरह के नतीजे आएंगे।'
ममता बनर्जी पर तीखी टिप्पणी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित चाकू हमले की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा, 'किसी को नहीं पता कि उन पर हमला कहाँ और कैसे होता है। कभी वह घर पर गिर जाती हैं, कोई कहता है कि उन्हें धक्का दिया गया।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ममता को थोड़ा आराम करना चाहिए और जनता की भावना को समझना चाहिए। यह टिप्पणी विवादास्पद मानी जा रही है और विपक्ष ने इस पर आपत्ति जताई है।
राहुल गांधी और खड़गे पर हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर घोष ने कहा कि वे 'जिंदगी भर छात्र ही बने रहेंगे' और जो सीखते हैं उसे अमल में नहीं लाते। उन्होंने राहुल की पुलिस हिरासत का उल्लेख करते हुए व्यंग्यपूर्वक कहा, 'पुलिस ने उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें हटाया, नहीं तो वे गिरकर घायल हो सकते थे।' कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के युवाओं के साथ होने के दावे पर घोष ने कहा, 'उन्हें नहीं लगता कि खड़गे के साथ कोई युवा है।' उन्होंने खड़गे को 'जमीनी हकीकत समझने' की सलाह दी।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और BJP-TMC के बीच सियासी तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि घोष का यह बयान BJP के उस बड़े आख्यान का हिस्सा है जिसमें राज्य-स्तरीय चुनाव नतीजों को राष्ट्रीय नेतृत्व की स्वीकृति के रूप में पेश किया जाता है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले महीनों में बंगाल में BJP की जमीनी मजबूती की असली परीक्षा होगी।