रणजी ट्रॉफी में अंपायरिंग का अनुभव अविस्मरणीय: ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर ने कहा है कि भारत में रणजी ट्रॉफी के दौरान अंपायर के तौर पर बिताया गया समय उनके जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक रहा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अंपायर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ट्रेलोर ने अक्टूबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में भारत में दो रणजी ट्रॉफी मैचों में अंपायरिंग की और फिर सिडनी लौट गए।
किन मैचों में की अंपायरिंग
ट्रेलोर ने नई दिल्ली के पालम एयर फोर्स 'बी' ग्राउंड पर दिल्ली और गुजरात के बीच दूसरे राउंड के एलीट ग्रुप सी मैच में अंपायरिंग की। इसके बाद मुंबई के बीकेसी ग्राउंड पर मुंबई और हरियाणा के बीच तीसरे राउंड के मैच में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई। पालम मैच हाई-स्कोरिंग ड्रॉ रहा, जिसमें ट्रेलोर चार दिनों में 318.5 ओवर तक मैदान पर मौजूद रहे।
मैदान पर यादगार पल
ट्रेलोर ने बताया, 'मेरी सबसे प्यारी यादों में प्रियांश आर्य की 199 रन की पारी, दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी का दोहरा शतक, मुंबई में अंगकृष रघुवंशी, मुशीर खान, निशांत सिंधु के शतक और तनुश कोटियन का 81 रन देकर 8 विकेट लेना शामिल है।' उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों का साक्षी बनना उनके लिए अत्यंत विशेष अनुभव था।
दोनों पिचों का तुलनात्मक अनुभव
ट्रेलोर ने दोनों शहरों की पिचों के बीच स्पष्ट अंतर रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'दिल्ली की काली मिट्टी पर गेंदें नीची और धीमी रहती थीं, जबकि मुंबई की लाल मिट्टी ने शुरुआत में तेज गेंदबाजों की मदद की, लेकिन बाद में टूट गई।' उन्होंने बताया कि मैचों से पहले दोनों टीमों के साथ नेट सेशन में शामिल होकर उन्होंने पिच के व्यवहार को समझने की कोशिश की, जिससे मैच के दौरान उन्हें अप्रत्याशित उछाल या मूवमेंट से संभलने में मदद मिली।
टीमवर्क और साथी अंपायरों से सीख
ट्रेलोर ने भारतीय अंपायरों विनोद शेषन और सदाशिव अय्यर के साथ काम करने को एक असाधारण अनुभव बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैं बाहर से आया हूं। उन सभी ने मुझे टीम का हिस्सा महसूस कराया।' उनके अनुसार, अंपायरों के बीच का यह टीमवर्क ही वह सबसे बड़ी सीख है जो वे इन मैचों से अपने साथ ले जा रहे हैं।
अंपायरिंग का सफर और आगे की राह
ट्रेलोर का अंपायरिंग करियर 21 वर्षों से अधिक का है। वे फर्स्ट-क्लास, लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट में 107 पुरुष मैचों के साथ-साथ दो महिला वनडे और सात महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी अंपायरिंग कर चुके हैं। उन्होंने न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट अंपायर्स एंड स्कोरर्स एसोसिएशन से लेवल 2 एक्रेडिटेशन हासिल किया है और लगभग छह वर्षों तक वहाँ एजुकेशन ऑफिसर के रूप में फुल-टाइम कार्य किया। फिलहाल वे सिडनी में प्रीमियर क्रिकेट और शेफील्ड शील्ड मैचों में अंपायरिंग जारी रखेंगे, लेकिन परिवार के साथ भारत लौटना उनकी विश लिस्ट में सबसे ऊपर है। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भारत के अंपायर पराशर जोशी दो शेफील्ड शील्ड और एक वन डे कप मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया जाएंगे।