अनिल चौधरी: क्रिकेट अंपायर से फिल्म जगत तक का सफर
सारांश
Key Takeaways
- अनिल चौधरी का जन्म 12 मार्च 1965 को दिल्ली में हुआ था।
- उन्होंने 2013 से 2025 के बीच अंपायरिंग की।
- उनका यूट्यूब चैनल क्रिकेट नियमों की जानकारी देता है।
- वे अब फिल्म इंडस्ट्री में भी सक्रिय हैं।
- अंपायरिंग में दबाव के मुकाबले एक्टिंग में गलती को एडिट किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। किसी भी व्यक्ति के लिए अपने उस पेशे को छोड़ना आसान नहीं होता जिसमें उसने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा समर्पित किया हो, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें हर मोड़ पर कुछ नया करने की चाह होती है। क्रिकेट अंपायर अनिल चौधरी की कहानी भी इसी तरह की है।
अनिल चौधरी का जन्म 12 मार्च 1965 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग के माध्यम से दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई। 2013 में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग करने वाले अनिल ने 2023 के बाद अंतरराष्ट्रीय और 2025 के बाद घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग को अलविदा कहा।
उनका आखिरी घरेलू मैच फरवरी 2025 में नागपुर में खेला गया रणजी ट्रॉफी फाइनल था, जिसमें विदर्भ और केरल आमने-सामने थे। वहीं, उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच 27 सितंबर 2025 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया वनडे था।
ईएसपीएन के अनुसार, 2013 से 2025 के बीच उन्होंने 12 टेस्ट, 49 वनडे, 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय और 131 आईपीएल मैचों में अंपायरिंग की। इसके साथ ही, उन्होंने एस रवि के साथ किसी भी अंपायर द्वारा सबसे अधिक मैचों में अंपायरिंग का रिकॉर्ड भी बनाया। घरेलू क्रिकेट में उनके रिकॉर्ड में 91 फर्स्ट-क्लास मैच, 114 लिस्ट-ए मुकाबले और 278 टी20 मैच शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2022 में उन्हें ए प्लस श्रेणी के चुनिंदा 10 अंपायरों में स्थान दिया था।
अंपायरिंग से संन्यास लेने के बाद, अनिल चौधरी अपने यूट्यूब चैनल 'अंपायर कॉल बाई अनिल चौधरी' पर काफी सक्रिय हैं, जहां वे क्रिकेट से जुड़े नियमों को सरल भाषा में समझाते हैं। इसके साथ ही, वे क्रिकेट और क्रिकेटरों से जुड़ी रोचक कहानियाँ भी साझा करते हैं।
एक सफल अंपायर और यूट्यूब पर सफलता के बाद, अनिल चौधरी ने फिल्म इंडस्ट्री की ओर कदम बढ़ाया है। हाल ही में उनका एक हरियाणवी संगीत वीडियो रिलीज हुआ है, जिसमें उनके अभिनय ने क्रिकेट प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों को चौंका दिया है। 'गोली तो चलेगी' वीडियो में उनका अंदाज अलग है। चौधरी घोड़े की सवारी करते हुए और बंदूक उठाए हरियाणवी गैंगस्टर स्टाइल में नजर आते हैं।
मुंबई में गाने के लॉन्च के दौरान चौधरी ने कहा कि इस नए रोल में ढलना उनके लिए आसान था, क्योंकि वे पहले से ही स्पॉटलाइट में रहने के आदी हैं। अंपायरिंग के मुकाबले इस काम में दबाव कम होता है। अगर एक्टिंग में कोई गलती होती है, तो उसे एडिट किया जा सकता है, जबकि अंपायरिंग में ऐसा नहीं होता।
भविष्य में अनिल चौधरी अन्य फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं या अपने यूट्यूब चैनल पर क्रिकेट से जुड़ी कहानियाँ सुनाते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।