अंगकृष रघुवंशी 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' पर आउट, केकेआर खेमे में भारी नाराजगी
सारांश
Key Takeaways
- अंगकृष रघुवंशी को आईपीएल 2025 के 38वें मैच में 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' पर आउट दिया गया।
- यह घटना केकेआर की पारी के 5वें ओवर की अंतिम गेंद पर घटी, जब डाइव के दौरान थ्रो उनके पैर से लगी।
- कोच अभिषेक नायर और पूरा केकेआर खेमा अंपायर के फैसले से नाखुश रहा, अंगकृष ने बल्ला जमीन पर पटका।
- इससे पहले आईपीएल में अमित मिश्रा, रवींद्र जडेजा और युसूफ पठान को भी इसी नियम पर आउट दिया जा चुका है।
- रिंकू सिंह ने 51 गेंदों में 83 रन (7 चौके, 5 छक्के) की नाबाद पारी से केकेआर को 155 रन तक पहुंचाया।
- कैमरून ग्रीन ने 21 गेंदों में 34 रन का योगदान दिया।
लखनऊ, 26 अप्रैल। आईपीएल 2025 के 38वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेले जा रहे मैच में एक विवादास्पद अंपायरिंग फैसले ने मैदान का माहौल गरमा दिया। केकेआर के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' यानी फील्डिंग में बाधा डालने के आधार पर आउट करार दिया गया, जिससे केकेआर का पूरा खेमा बुरी तरह नाराज हो गया।
कैसे हुई पूरी घटना?
यह विवादास्पद घटना केकेआर की पारी के 5वें ओवर की अंतिम गेंद पर घटी। प्रिंस यादव की गेंद पर अंगकृष रघुवंशी ने मिड-ऑन की दिशा में शॉट खेला और रन लेने के लिए तेज दौड़ लगाई। दूसरे छोर पर खड़े कैमरून ग्रीन ने उन्हें वापस लौटने का संकेत दिया।
क्रीज पर वापस पहुंचने के लिए अंगकृष ने डाइव लगाई। ठीक उसी क्षण फील्डर ने गेंद को थ्रो किया, जो सीधे अंगकृष के पैर से जा टकराई। गेंद लगते ही एलएसजी के कप्तान ऋषभ पंत और उनकी टीम ने तुरंत अंपायर के सामने जोरदार अपील की।
अंपायर का फैसला और केकेआर की प्रतिक्रिया
अपील के बाद अंपायर ने अंगकृष रघुवंशी को 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के नियम के तहत आउट घोषित कर दिया। यह फैसला सुनते ही केकेआर खेमे में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
अंगकृष ने पवेलियन लौटते समय अपना बल्ला जमीन पर जोर से पटका और हेलमेट को बाउंड्री लाइन के पास फेंक दिया — जो उनकी भीतरी निराशा को स्पष्ट दर्शाता था। वहीं, केकेआर के हेड कोच अभिषेक नायर काफी देर तक अंपायर से बातचीत करते नजर आए और उनके चेहरे पर स्पष्ट नाराजगी झलक रही थी।
आईपीएल में 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' का इतिहास
'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' आईपीएल में अत्यंत दुर्लभ तरीके से दिया जाने वाला आउट है। अंगकृष रघुवंशी से पहले आईपीएल में अमित मिश्रा, रवींद्र जडेजा और युसूफ पठान को भी इसी नियम के तहत आउट दिया जा चुका है। क्रिकेट के नियमों के अनुसार यदि कोई बल्लेबाज जानबूझकर या अनजाने में गेंद को फील्डर तक पहुंचने से रोकता है, तो उसे इस नियम के तहत आउट दिया जा सकता है।
हालांकि, इस मामले में केकेआर खेमे का तर्क है कि अंगकृष केवल अपनी क्रीज बचाने के लिए डाइव लगा रहे थे, न कि जानबूझकर गेंद रोकने के लिए। यह विवाद आईपीएल में अंपायरिंग के मानकों पर एक बार फिर बहस छेड़ता है।
केकेआर का स्कोर और प्रमुख प्रदर्शन
अंगकृष रघुवंशी केवल 8 गेंदों में 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे। केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 155 रन का स्कोर खड़ा किया।
टीम के लिए सबसे बेहतरीन पारी रिंकू सिंह ने खेली, जिन्होंने 51 गेंदों में 83 रनों की नाबाद पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, कैमरून ग्रीन ने 21 गेंदों में 34 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विश्लेषण: विवाद के पीछे की बड़ी तस्वीर
यह घटना केवल एक आउट तक सीमित नहीं है — यह आईपीएल जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में अंपायरिंग की जवाबदेही और खिलाड़ियों के आचरण दोनों पर सवाल उठाती है। जब करोड़ों दर्शकों के सामने इस तरह के विवादास्पद फैसले होते हैं, तो थर्ड अंपायर की भूमिका और डीआरएस प्रणाली की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।
आगे देखें तो एलएसजी को 155 रनों के लक्ष्य का पीछा करना होगा। यह मुकाबला दोनों टीमों के प्लेऑफ समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण है और इसका नतीजा पॉइंट्स टेबल पर सीधा असर डालेगा।