रणजी ट्रॉफी 2025-26 के टॉप स्कोरर और विकेट-टेकर अफगानिस्तान टेस्ट टीम से बाहर, BCCI की चयन नीति पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए भारतीय टीम की घोषणा की, लेकिन रणजी ट्रॉफी 2025-26 में सर्वाधिक रन बनाने वाले और सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी इस टीम में जगह नहीं बना पाए। BCCI जिस घरेलू क्रिकेट को टीम इंडिया में प्रवेश की 'अनिवार्य शर्त' बताती आई है, उसी कसौटी पर खरे उतरे खिलाड़ियों को नज़रअंदाज़ किए जाने से चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
BCCI लंबे समय से यह संदेश देती रही है कि रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल और रवींद्र जडेजा जैसे स्थापित खिलाड़ियों को भी घरेलू क्रिकेट खेलना होगा। बीते रणजी सीजन में इन दिग्गजों को अपनी-अपनी राज्य टीमों के लिए मैदान पर उतरते देखा गया था। बावजूद इसके, अफगानिस्तान टेस्ट के लिए चयन समिति ने रणजी ट्रॉफी के शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं को न केवल टीम से बाहर रखा, बल्कि उनके नामों पर विचार तक नहीं किया गया।
आकिब नबी — 60 विकेट, फिर भी नज़रअंदाज़
जम्मू-कश्मीर के 29 वर्षीय दाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 में 10 मैचों की 17 पारियों में 60 विकेट लिए — भारतीय परिस्थितियों में किसी तेज गेंदबाज के लिए असाधारण उपलब्धि। उन्होंने 7 बार पाँच विकेट लेने का कारनामा किया और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 24 रन देकर 7 विकेट रहा। नबी सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में प्लेयर ऑफ द मैच रहे और जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
कुल 41 प्रथम श्रेणी मैचों में 156 विकेट ले चुके नबी को अफगानिस्तान टेस्ट के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा था। पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी BCCI के इस फैसले पर खुलकर निराशा जताई।
रविचंद्रन स्मरण और अभिमन्यु ईश्वरन — बल्लेबाज़ों की भी अनदेखी
कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने 9 मैचों की 14 पारियों में 4 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 950 रन बनाए, जिसमें नाबाद 227 का सर्वोच्च स्कोर शामिल है। इसके बावजूद उन्हें अफगानिस्तान टेस्ट के लिए नहीं चुना गया।
बंगाल के 30 वर्षीय बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन पिछले 13 वर्षों से घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं। उन्होंने 113 प्रथम श्रेणी मैचों में 27 शतकों सहित 8,381 रन बनाए हैं। उन्हें कई बार टीम में शामिल किया गया, लेकिन अब तक टेस्ट डेब्यू का अवसर नहीं मिला। गौरतलब है कि उनके बाद आए कई बल्लेबाज आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय टीम में जगह बना चुके हैं।
घरेलू क्रिकेट पर असर
आलोचकों का कहना है कि यदि BCCI घरेलू क्रिकेट में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की बजाय आईपीएल प्रदर्शन को प्राथमिकता देती रही, तो रणजी ट्रॉफी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की प्रेरणा कमज़ोर होगी। सालों तक बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी राष्ट्रीय टीम का दरवाज़ा न खुलना खिलाड़ियों में गहरी निराशा पैदा कर सकता है और टेस्ट क्रिकेट के लिए प्रतिभा की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
आगे क्या
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट BCCI के लिए नई प्रतिभाओं को परखने का एक दुर्लभ अवसर था। क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों की नज़र अब इस बात पर है कि क्या चयन समिति भविष्य में घरेलू प्रदर्शन को पारदर्शी और सुसंगत कसौटी के रूप में अपनाएगी, या यह विरोधाभास बना रहेगा।