हरभजन सिंह बोले — PM मोदी को इटली का एग्रीकोला पदक पूरे देश का सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा सांसद और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह 21 मई को मुंबई में आयोजित 'बिलियनेयर्स फॉर पीस कॉन्क्लेव' में शामिल हुए, जहाँ समाज में शांति स्थापित करने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। हरभजन स्वयं भी इस सम्मान के प्राप्तकर्ताओं में शामिल थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इटली दौरे पर मिले एग्रीकोला पदक को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम और सम्मान पर हरभजन की प्रतिक्रिया
हरभजन सिंह ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा, 'समाज की बेहतरी के लिए काम करने वालों को सम्मानित करना बेहतरीन काम है। समाज में शांति के लिए काम करने वाले और भी लोग चाहिए। यहां आकर और सम्मानित होकर अच्छा लग रहा है। मैं इन लोगों के साथ रहूंगा और अपने स्तर से जो भी बेहतर हो सकेगा, करूंगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस पहल से जुड़े रहने के इच्छुक हैं।
वैश्विक महंगाई और युद्ध पर चिंता
दुनिया में बढ़ती महंगाई के सवाल पर हरभजन ने कहा, 'मौजूदा समय में विश्व तेल और सोने की बढ़ती कीमतों की वजह से परेशान है। इस परेशानी की वजह दुनिया में शांति का न होना है। अगर ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध नहीं होता, तो ये समस्याएं नहीं होतीं।' उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान जल्द निकलेगा और वैश्विक महंगाई से राहत मिलेगी।
PM मोदी को एग्रीकोला पदक — देश का सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाल ही में इटली दौरे के दौरान प्रतिष्ठित एग्रीकोला पदक से नवाज़ा गया। हरभजन सिंह ने इस पर कहा कि प्रधानमंत्री का सम्मान पूरे देश का सम्मान है और इस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। गौरतलब है कि इटली यात्रा के दौरान मोदी ने वहाँ की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को उपहार स्वरूप चॉकलेट भेंट की थी।
विपक्ष की आलोचना पर पलटवार
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी द्वारा मेलोनी को चॉकलेट देने की आलोचना करते हुए कहा था कि देश कई समस्याओं से जूझ रहा है। इस पर हरभजन ने तीखा जवाब देते हुए कहा, 'विपक्ष का काम हर बात की आलोचना करना है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। अगर ये लोग बहुत काबिल थे, तो जब उनके पास सत्ता थी, उस समय काम क्यों नहीं किए।'
वंदे मातरम पर स्पष्ट रुख
पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम को अनिवार्य किए जाने के प्रश्न पर हरभजन ने कहा, 'मुझे लगता है कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि देश के हर हिस्से में वंदे मातरम गाया जाना चाहिए।' यह बयान राष्ट्रीय एकता के संदर्भ में उनकी व्यापक सोच को दर्शाता है। आने वाले समय में इस विषय पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।