दिलीप घोष का CJP प्रदर्शन पर हमला — 'दिल्ली में उत्पात की कोशिश', ममता-अभिषेक पर भी तीखा तंज
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 10 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए नई दिल्ली में सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में 'उत्पात मचाने का प्रयास' हो रहा है, और यह आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। साथ ही उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं — मुख्यतः ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी — की दिल्ली में उपस्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की।
मुख्य बयान: 'उत्पात रोकना ज़रूरी'
घोष ने कहा, 'दिल्ली में उत्पात मचाने का प्रयास हो रहा है। इससे जनता को परेशानी हो रही है और इसीलिए सरकार ने पहले ही पूरी व्यवस्था की है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन करने पर कोई रोक नहीं है, क्योंकि देश में लोकतंत्र है और नागरिक अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हालाँकि उन्होंने जोड़ा, 'कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का जो प्रयास हो रहा है, उसको रोकना चाहिए।'
घोष ने यह भी कहा कि बाहरी लोगों के कारण दिल्ली की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने सारी तैयारी कर ली है और पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
TMC नेताओं पर तीखा तंज
ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी सहित अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITMC) के नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी पर घोष ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'सभी धीरे-धीरे कॉकरोच हो चुके हैं। ये उन्नति हो रही है या अधोगति, पता नहीं। हाथी भी कॉकरोच में मिल जाता है।' यह टिप्पणी कथित तौर पर विपक्षी एकजुटता पर व्यंग्य के रूप में की गई।
राष्ट्रपति से मुलाकात पर प्रतिक्रिया
विपक्षी नेताओं द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात पर घोष ने अपेक्षाकृत सहज रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'जहाँ समाधान निकले, वहाँ जाना चाहिए। यह अच्छी बात है कि राष्ट्रपति ने स्थिति को अपने हाथ में लेकर बातचीत की।' उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की माँगों का समाधान निकलेगा, लेकिन 'जनता को प्रताड़ित करके आंदोलन करना देश की प्रगति और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है।'
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव परिणामों पर
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के नतीजों पर घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आए परिवर्तन में मुस्लिम समुदाय की भूमिका सराहनीय रही। उनके अनुसार, 'पहले मुस्लिम समुदाय को डरा-धमकाकर और भटकाकर उनका वोट लिया जाता था। लोग भ्रष्टाचार के साथ नहीं हैं।' उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस आह्वान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समाज से दोस्ती का हाथ बढ़ाया था।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब बंगाल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और TMC के बीच तनाव चरम पर है। आगामी दिनों में दिल्ली में प्रदर्शन और उस पर प्रशासन की प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण रहेगी।