11 अक्टूबर 2026
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दिलीप घोष का वार: 'बंगाल ने ममता को नकारा, प्रासंगिकता के लिए बांग्लादेश जा सकती हैं'

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दिलीप घोष का वार: 'बंगाल ने ममता को नकारा, प्रासंगिकता के लिए बांग्लादेश जा सकती हैं'

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर तीखा वार करते हुए कहा — बंगाल के उपचुनाव में TMC का संयुक्त वोट 3% से भी कम रहा, अब वे दिल्ली में प्रासंगिकता ढूँढ रही हैं, और अगला पड़ाव बांग्लादेश हो सकता है। BJP का यह हमला CJP आंदोलन में ममता की भागीदारी को लेकर और तीखा हो गया है।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 11 अक्टूबर 2026 को ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि बंगाल में नकारे जाने के बाद वे दिल्ली में प्रासंगिकता तलाश रही हैं।
हाल के विधानसभा उपचुनाव में TMC के दोनों धड़ों का संयुक्त वोट प्रतिशत 3% से भी कम रहा।
घोष ने CJP आंदोलन पर विदेशी फंडिंग और राष्ट्रविरोधी साजिश का आरोप लगाया।
BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता के महालया पर दिल्ली दौरे पर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग वाले CJP विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही हैं।

पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जाने के बाद ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बचाने के लिए नई दिल्ली का सहारा ले रही हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी कहा कि यदि दिल्ली से काम न चला, तो ममता पड़ोसी देश बांग्लादेश जाकर किसी आंदोलन में शामिल हो सकती हैं।

घोष का सीधा हमला

मीडिया से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, 'ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल की जनता ने पूरी तरह नकार दिया है। राज्य की दो विधानसभा सीटों पर हाल ही में हुए उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों का संयुक्त वोट प्रतिशत तीन फीसदी से भी कम रहा।' उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का कोई राजनीतिक अस्तित्व नहीं बचा है और इसीलिए ममता मीडिया में बने रहने के लिए दिल्ली पहुँची हैं।

घोष ने व्यंग्य में जोड़ा, 'अब उन्हें पड़ोसी देश बांग्लादेश जाकर वहाँ किसी आंदोलन में शामिल होना चाहिए। हालाँकि, इससे भी उनकी पार्टी को कोई फायदा नहीं होगा।'

सीजेपी आंदोलन पर BJP का पलटवार

ममता बनर्जी इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही हैं जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर नई दिल्ली में चल रहा है। घोष ने इस आंदोलन पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'इस आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग है। राष्ट्रविरोधी ताकतों की साजिश के तहत यह आंदोलन चलाया जा रहा है। देश और उसके लोगों के व्यापक हित में सरकार ने कार्रवाई करके सही कदम उठाया है।'

यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ BJP और ममता के नेतृत्व वाली TMC के बीच कटु राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पश्चिम बंगाल से दिल्ली तक फैलती दिख रही है।

समिक भट्टाचार्य की भी आलोचना

घोष से एक दिन पहले शनिवार को BJP के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने भी कटाक्ष किया था। सीधे नाम लिए बिना उन्होंने कहा था कि CJP आंदोलन के जरिए प्रासंगिक बने रहने के लिए एक 'आधी मरी' राजनीतिक ताकत ने एक 'मृत' राजनीतिक ताकत के साथ हाथ मिला लिया है।

भट्टाचार्य ने महालया के पावन अवसर पर ममता के दिल्ली दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'आज महालया के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल में रहने के बजाय दिल्ली चली गई हैं। हम चाहते हैं कि वह यहाँ रहें और विभिन्न पूजा पंडालों का दौरा करें।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच टकराव लंबे समय से जारी है। हाल के उपचुनाव परिणामों को BJP ने TMC की राजनीतिक कमजोरी के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया है, जबकि TMC के नेता इस व्याख्या को खारिज करते रहे हैं। दिलीप घोष इस विवाद में सबसे मुखर BJP नेताओं में से एक रहे हैं।

आगामी समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि CJP आंदोलन और CEC के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्ष की एकजुटता किस दिशा में जाती है और BJP इस पर अपनी रणनीति कैसे तय करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह BJP के लिए सुविधाजनक है — लेकिन क्या एकाध सीटों के नतीजे पूरे TMC की मृत्यु की घोषणा के लिए पर्याप्त आधार हैं, यह सवाल बाकी है। CJP आंदोलन पर 'विदेशी फंडिंग' का आरोप गंभीर है, जिसके लिए सत्यापन योग्य साक्ष्य की आवश्यकता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि ममता का दिल्ली में उपस्थित रहना BJP के लिए भी राजनीतिक असुविधा का सबब है — अन्यथा इतनी तीखी प्रतिक्रिया की जरूरत न होती।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी और TMC को पूरी तरह नकार दिया है, और हाल के उपचुनाव में TMC के दोनों धड़ों का संयुक्त वोट 3% से भी कम रहा। उन्होंने व्यंग्य में यह भी कहा कि ममता अब प्रासंगिकता के लिए बांग्लादेश जा सकती हैं।
CJP आंदोलन क्या है और ममता का उससे क्या संबंध है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। ममता बनर्जी इस आंदोलन का समर्थन कर रही हैं, जिसे BJP ने राष्ट्रविरोधी और विदेशी फंडिंग से चलाया जा रहा बताया है।
समिक भट्टाचार्य ने ममता के दिल्ली दौरे पर क्या कहा?
BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि महालया जैसे पावन अवसर पर ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में रहने के बजाय दिल्ली क्यों गई हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को राज्य में रहकर दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा करना चाहिए था।
पश्चिम बंगाल के हाल के उपचुनाव में TMC का प्रदर्शन कैसा रहा?
दिलीप घोष के अनुसार, राज्य की दो विधानसभा सीटों पर हाल ही में हुए उपचुनाव में TMC के दोनों धड़ों का संयुक्त वोट प्रतिशत 3% से भी कम रहा। BJP इसे TMC की राजनीतिक कमजोरी का प्रमाण मान रही है।
क्या BJP के अन्य नेताओं ने भी ममता की CJP आंदोलन में भागीदारी की आलोचना की है?
हाँ, दिलीप घोष पश्चिम बंगाल BJP के पहले नेता नहीं हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी की। समिक भट्टाचार्य ने एक दिन पहले ही TMC को 'आधी मरी' राजनीतिक ताकत बताया था जो एक 'मृत' ताकत के साथ मिलकर आंदोलन कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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