दिलीप घोष का वार: 'बंगाल ने ममता को नकारा, प्रासंगिकता के लिए बांग्लादेश जा सकती हैं'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जाने के बाद ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बचाने के लिए नई दिल्ली का सहारा ले रही हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी कहा कि यदि दिल्ली से काम न चला, तो ममता पड़ोसी देश बांग्लादेश जाकर किसी आंदोलन में शामिल हो सकती हैं।
घोष का सीधा हमला
मीडिया से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, 'ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल की जनता ने पूरी तरह नकार दिया है। राज्य की दो विधानसभा सीटों पर हाल ही में हुए उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों का संयुक्त वोट प्रतिशत तीन फीसदी से भी कम रहा।' उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का कोई राजनीतिक अस्तित्व नहीं बचा है और इसीलिए ममता मीडिया में बने रहने के लिए दिल्ली पहुँची हैं।
घोष ने व्यंग्य में जोड़ा, 'अब उन्हें पड़ोसी देश बांग्लादेश जाकर वहाँ किसी आंदोलन में शामिल होना चाहिए। हालाँकि, इससे भी उनकी पार्टी को कोई फायदा नहीं होगा।'
सीजेपी आंदोलन पर BJP का पलटवार
ममता बनर्जी इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उस विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रही हैं जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर नई दिल्ली में चल रहा है। घोष ने इस आंदोलन पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'इस आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग है। राष्ट्रविरोधी ताकतों की साजिश के तहत यह आंदोलन चलाया जा रहा है। देश और उसके लोगों के व्यापक हित में सरकार ने कार्रवाई करके सही कदम उठाया है।'
यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ BJP और ममता के नेतृत्व वाली TMC के बीच कटु राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पश्चिम बंगाल से दिल्ली तक फैलती दिख रही है।
समिक भट्टाचार्य की भी आलोचना
घोष से एक दिन पहले शनिवार को BJP के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने भी कटाक्ष किया था। सीधे नाम लिए बिना उन्होंने कहा था कि CJP आंदोलन के जरिए प्रासंगिक बने रहने के लिए एक 'आधी मरी' राजनीतिक ताकत ने एक 'मृत' राजनीतिक ताकत के साथ हाथ मिला लिया है।
भट्टाचार्य ने महालया के पावन अवसर पर ममता के दिल्ली दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'आज महालया के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल में रहने के बजाय दिल्ली चली गई हैं। हम चाहते हैं कि वह यहाँ रहें और विभिन्न पूजा पंडालों का दौरा करें।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच टकराव लंबे समय से जारी है। हाल के उपचुनाव परिणामों को BJP ने TMC की राजनीतिक कमजोरी के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया है, जबकि TMC के नेता इस व्याख्या को खारिज करते रहे हैं। दिलीप घोष इस विवाद में सबसे मुखर BJP नेताओं में से एक रहे हैं।
आगामी समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि CJP आंदोलन और CEC के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्ष की एकजुटता किस दिशा में जाती है और BJP इस पर अपनी रणनीति कैसे तय करती है।