ईवीएम पर सवाल उठाना नेताओं का दिवालियापन: इंद्रेश कुमार का नंगल में बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने 2 अक्टूबर 2026 को नंगल में एक शोक सभा में शिरकत की और उसके बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ईवीएम, समान नागरिक संहिता (UCC), राजनीतिक गठबंधनों और मुसलमानों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि चुनावी हार के बाद ईवीएम को दोषी ठहराना उन नेताओं का 'दिवालियापन' है।
ईवीएम पर इंद्रेश कुमार का स्पष्ट रुख
इंद्रेश कुमार ने याद दिलाया कि देश में पहले बैलेट पेपर से चुनाव होते थे, जिनमें अधिक समय लगता था और मतदान प्रतिशत की समस्याएं भी सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए ईवीएम को चुनाव प्रक्रिया में शामिल किया गया था।
उन्होंने तर्क दिया कि जब अलग-अलग राजनीतिक दल देश के विभिन्न हिस्सों में जीतते और हारते हैं, तो ईवीएम पर संदेह करना तर्कसंगत नहीं है। उनके अनुसार, 'आज ईवीएम को दोष देना उन नेताओं का दिवालियापन है।' साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि सभी राजनीतिक दलों को मिलकर एक ऐसी मजबूत चुनाव प्रणाली पर विचार करना चाहिए जो भारत के लोकतंत्र को और सुरक्षित बनाए।
मुसलमानों के राजनीतिक इस्तेमाल पर कड़ी टिप्पणी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के गठबंधन-संबंधी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि कुछ राजनीतिक समूह और नेता मुसलमानों को 'ब्लैकमेल' करने की राजनीति करते रहे हैं। उनका कहना था कि भारत का मुसलमान अब धीरे-धीरे यह समझने लगा है कि उसके नाम पर उसका राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत का मुसलमान न विदेशी है, न पराया — वह इस देश का पूर्ण नागरिक है। उनके अनुसार, जो दल धर्म के नाम पर हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करते हैं, उन्हें लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता-अखंडता के नजरिये से गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
यूसीसी पर ओवैसी की आलोचना का जवाब
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की समान नागरिक संहिता (UCC) संबंधी आलोचना पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि यूसीसी किसी एक धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि यह सभी धर्मों की हिफाजत करने और उनके बीच समानता, सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करने का कानून है।
उन्होंने उदाहरण दिया कि जब शिया-सुन्नी के बीच या किसी अन्य धर्म के उप-पंथों के बीच तनाव होता है, तब भी यूसीसी की भावना दोनों पक्षों के सम्मान और आपसी समन्वय की रक्षा करती है। उनका आग्रह था कि सभी धर्मों के लोग अपने धर्म का पालन करें, दूसरे धर्म का सम्मान करें और एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में भी सम्मानपूर्वक शिरकत करें।
पंजाब गठबंधन और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर संदेश
पंजाब विधानसभा चुनावों में संभावित राजनीतिक गठबंधनों से जुड़े सवाल पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश के नेता समझदार हैं और जानते हैं कि पंजाब में क्या करना है। उन्होंने सभी दलों को जीत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तालमेल बनाने की शुभकामनाएं दीं।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमलों को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसा करना अपमानजनक है और सभी नेताओं व दलों को एक-दूसरे का अपमान करने के बजाय सम्मानपूर्ण संवाद के जरिये लोकतंत्र की गरिमा बढ़ानी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विभिन्न विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं।