इंद्रेश कुमार: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का अस्तित्व नहीं, मुसलमान विकास के पक्षधर हैं
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वाराणसी, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख प्रवक्ता इंद्रेश कुमार ने यूसीसी के विरोध में अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तीखी आलोचना की। साथ ही, उन्होंने एलपीजी के मुद्दे और वैश्विक संघर्षों के प्रभाव पर भी खुलकर अपनी बात रखी।
इंद्रेश कुमार ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कोई आधिकारिक संगठन नहीं है। यह एक निजी संस्था है, जिसे कुछ लोगों ने स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि पर्सनल लॉ बोर्ड ने अदालत में हार का सामना किया है। उन्होंने कहा कि मुसलमान इस बोर्ड के साथ नहीं हैं। जब यह बोर्ड मुसलमानों के लिए भी लाभकारी नहीं है, तो दूसरों को इस मामले में विचार करने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए चाहे वक्फ बोर्ड हो या पर्सनल लॉ बोर्ड, देश के मुसलमान सिर्फ शांति चाहते हैं और विकास की आकांक्षा रखते हैं। ऐसे कट्टर दृष्टिकोणों के साथ हिंदुस्तान नहीं चल सकता, इसलिए हमें इन कट्टरताओं को छोड़कर आगे बढ़ना होगा।
देश में ईंधन संकट पर विपक्ष के आरोपों पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि यह एक तथ्य है कि रूस, यूक्रेन, अमेरिका, ईरान और इजरायल के संघर्षों के कारण विश्वभर के लोग संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन भारत ने ईरान, रूस या अन्य स्रोतों से तेल की कमी नहीं होने दी है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष झूठ बोल रहा है। भारत में अब तक तेल की कोई कमी नहीं आई है और तेल की कीमतें यहां सस्ती हो गई हैं। कहीं कोई संकट नहीं दिखाई दे रहा है, इसलिए विपक्ष को झूठ बोलकर देश के लोगों को भड़काने का प्रयास नहीं करना चाहिए। यदि कोई कमी है, तो विपक्ष को सरकार को सलाह देनी चाहिए, न कि लोगों को उकसाना चाहिए।
पश्चिम बंगाल के चुनाव पर उन्होंने कहा कि सीएम ममता बनर्जी किसी के साथ सगी नहीं हैं। उन्हें राज्य के मतदाताओं से कोई लगाव नहीं है और वह उन्हें सीधे धमकी दे रही हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी किसी से भी संबंध नहीं रखना चाहती हैं।