मनन मिश्रा: हमारी विदेश नीति की प्राथमिकता नागरिकों की भलाई है

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मनन मिश्रा: हमारी विदेश नीति की प्राथमिकता नागरिकों की भलाई है

सारांश

भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने भारत की विदेश नीति पर जोर देते हुए कहा कि इसमें पहले अपने नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दी जाती है। यह बयान मध्य पूर्व के संघर्ष के बीच आया है, जिसमें मोदी सरकार की नीतियों की चर्चा की गई है।

मुख्य बातें

विदेश नीति में नागरिकों की भलाई प्राथमिकता है।
मध्य पूर्व के संघर्ष के बीच भारत की स्थिति स्पष्ट है।
भाजपा ने महिलाओं के सम्मान के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
टीएमसी की नीतियों पर आलोचना की गई है।
भारत को अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो रहा है।

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद मनन मिश्रा ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच भारत सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर के वक्तव्य का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति स्पष्ट है, हम पहले अपने नागरिकों की भलाई के बारे में सोचते हैं।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए मनन मिश्रा ने कहा कि हम किसी अन्य का झंडा या बोझ नहीं उठाते। हमारी अपनी स्वतंत्र नीति है। हमारी विदेश नीति पूरी तरह से अलग है। हम तटस्थ रहते हैं और केवल अपने नागरिकों के लाभ पर ध्यान केंद्रित करते हैं। मोदी सरकार इस बात पर जोर देती है कि भारत के लोगों को क्या लाभ पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि हमारे नागरिक शांति, सद्भाव और स्थिरता के साथ कैसे रह सकते हैं, देश का विकास कैसे हो सकता है, तेल की कोई कमी न हो और भंडार सुरक्षित रहें। हमारे संबंध सभी देशों से अच्छे बने रहें। इसीलिए, विदेश मंत्री ने सही कहा है कि हमारी विदेश नीति स्पष्ट है, पहले हम अपने देश के लोगों के बारे में सोचते हैं।

आरजी कर पीड़िता की मां को भाजपा द्वारा टिकट दिए जाने पर मनन मिश्रा ने कहा कि यह एक बहुत अच्छा कदम है। इससे पूरे पश्चिम बंगाल में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। जिनको टीएमसी के गुंडों ने प्रताड़ित किया, उन्हें टिकट देना, देश के नागरिकों और बंगाल की जनता के लिए बहुत अच्छा है। भाजपा इससे और मजबूत होगी। भाजपा हमेशा से महिलाओं के सम्मान के लिए खड़ी रही है।

टीएमसी पर तंज कसते हुए मनन मिश्रा ने कहा कि पत्थरबाजी टीएमसी के गुंडों और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा की जाती है। रामनवमी या किसी भी धार्मिक अवसर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ जाती है तो इसका एकमात्र कारण टीएमसी के कार्यकर्ता, उनके गुंडे और असामाजिक तत्व हैं, जिन्हें पुलिस से भी संरक्षण मिलता है। ममता बनर्जी ने बंगाल की 15 साल में दुर्दशा कर दी है।

ममता बनर्जी के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि वे झूठ बोल रही हैं। टीएमसी के लोग, उनके कार्यकर्ता और गुंडों का यही स्वभाव है। निहत्थे लोगों पर हमला करना, उन्हें परेशान करना और उन्हें तबाह करना ही उनका स्वभाव है। भाजपा के लोग कभी निर्दोषों पर आक्रमण नहीं करते। भाजपा अपने कार्यक्रमों को शांति से करती है।

पीएम मोदी के दुनिया में सबसे लोकप्रिय नेता बनने पर भाजपा सांसद ने कहा कि पूरी दुनिया उनकी तारीफ कर रही है। उनकी नीतियां और जिस तरह से करीब 39-40 देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा है, वह वास्तव में सराहनीय है। यह इस बात को दर्शाता है कि आज भारत को कितना सम्मान प्राप्त है। 2014 से पहले, भारत को अक्सर एक संघर्षरत राष्ट्र के रूप में देखा जाता था। यूपीए ने इसे कमजोर कर दिया था।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी 2047 तक देश को विकसित भारत के रूप में विश्व गुरु के तौर पर स्थापित करने वाले हैं। युद्ध के कारण हर तरफ संकट है। लेकिन, हमारे देश में लोग शांति से रह रहे हैं, यह हमारी विदेश नीति और पीएम मोदी के सराहनीय फैसलों का परिणाम है। यह हमारे लिए गर्व की बात है, हमें खुशी होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता देता है। इस नीति के तहत दीर्घकालिक स्थिरता और विकास का लक्ष्य है, जो देश के हित में है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत की विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य अपने नागरिकों की भलाई और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को सुनिश्चित करना है।
मनन मिश्रा ने किस मुद्दे पर बयान दिया?
मनन मिश्रा ने मध्य पूर्व के संघर्ष के बीच भारत की विदेश नीति पर बयान दिया।
मोदी सरकार की विदेश नीति में क्या खास है?
मोदी सरकार की विदेश नीति में नागरिकों की भलाई को प्राथमिकता दी जाती है और यह तटस्थ रहने पर जोर देती है।
टीएमसी के बारे में मनन मिश्रा का क्या कहना है?
मनन मिश्रा ने टीएमसी पर आरोप लगाया है कि उनके कार्यकर्ता पत्थरबाजी करते हैं और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ते हैं।
भारत के लिए पीएम मोदी का क्या लक्ष्य है?
पीएम मोदी का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है।
राष्ट्र प्रेस