1 अक्टूबर 2026
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टीकाराम जूली का भाजपा सरकार पर हमला: ₹3,000 करोड़ पंचायत फंड रोकने और वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम काटने के आरोप

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टीकाराम जूली का भाजपा सरकार पर हमला: ₹3,000 करोड़ पंचायत फंड रोकने और वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम काटने के आरोप

सारांश

राजस्थान में पंचायती राज चुनावों से पहले कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर ₹3,000 करोड़ पंचायत फंड रोकने, वोटर लिस्ट से नाम काटने और फॉर्म नंबर-6 में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए। देशभर में 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का दावा करते हुए उन्होंने नागौर से चुनाव अभियान का बिगुल फूंका।

मुख्य बातें

टीकाराम जूली ने 1 अक्टूबर 2026 को जयपुर में भाजपा सरकार पर पंचायती राज चुनाव दो साल से न कराने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब ₹3,000 करोड़ का फंड पंचायतों तक नहीं पहुँचा।
जूली ने देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने का दावा किया।
एसआईआर और फॉर्म नंबर-6 में बदलाव पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने इसके खिलाफ अभियान की घोषणा की।
जूली ने कहा कि उनके पास वोटर डिटेल्स मांगने के पुख्ता सबूत हैं, जो उन्होंने एक्स पर पोस्ट किए हैं।
कांग्रेस ने नागौर से पंचायती राज चुनाव अभियान की शुरुआत की, जहाँ पंडित नेहरू ने पंचायती राज की नींव रखी थी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 1 अक्टूबर 2026 को जयपुर में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — पंचायती राज चुनाव दो साल से न कराना, पंचायतों तक ₹3,000 करोड़ का फंड न पहुँचाना और वोटर लिस्ट से नाम काटने की साजिश उनके आरोपों के केंद्र में रही। राजस्थान में आसन्न पंचायती राज चुनावों की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने नागौर से चुनाव अभियान की शुरुआत कर यह सियासी आक्रमण तेज किया है।

नागौर से अभियान की शुरुआत: ऐतिहासिक प्रतीक

टीकाराम जूली ने बताया कि कांग्रेस ने पंचायती राज चुनाव के अभियान का आगाज नागौर से किया है, जो ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, राजस्थान के नागौर में ही पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पंचायती राज की नींव रखी थी और वहीं से हम आज इस चुनाव का आगाज कर रहे हैं। पंचायती राज राजनीति के विकेंद्रीकरण के रूप में एक तीसरी शक्ति है।

जूली ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 73वें और 74वें संविधान संशोधन के ज़रिए पंचायती राज को संवैधानिक मजबूती प्रदान की थी, जिसका मूल उद्देश्य था — गाँव की सरकार गाँव के लोग खुद चलाएँ और अपना विकास-एजेंडा स्वयं तय करें।

भाजपा सरकार पर आरोप: दो साल में ₹3,000 करोड़ फंड अटका

जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आने के बाद पिछले दो वर्षों से प्रदेश में पंचायती राज चुनाव नहीं कराए गए, जिसके कारण गाँवों की प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है। उनके अनुसार, इस अवधि में करीब ₹3,000 करोड़ का फंड पंचायतों तक नहीं पहुँचा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन समय पर नहीं मिल रही, पालनहार योजना की राशि नहीं आ रही, छात्रवृत्ति और सब्सिडी अटकी हुई है तथा किसानों को न खाद मिल रही है और न बीज। जूली ने दावा किया कि इन विफलताओं के चलते आने वाले पंचायती राज चुनाव में जनता कांग्रेस के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाएगी।

वोटर लिस्ट और एसआईआर पर गंभीर सवाल

टीकाराम जूली ने वोटर लिस्ट से नाम काटने और वोटर डिटेल्स मांगने के मामले में भाजपा सरकार पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया है।

जूली ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार में हिम्मत हो तो जवाब दे कि किसके निर्देश पर वोटर डिटेल्स मांगी जा रही थीं। उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनावों के दौरान भी ऐसी डिटेल्स मांगी गई थीं, परंतु उस समय सबूत उपलब्ध नहीं था।

कांग्रेस नेता ने एसआईआर (SIR) और फॉर्म नंबर-6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि फॉर्म नंबर-6 में वह कॉलम क्यों हटाया गया जो पहले अनिवार्य था। उनका आरोप था कि यह बदलाव सत्ता हथियाने के लिए असली मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश का हिस्सा है।

देशभर में 13 करोड़ वोटर नाम काटे जाने का दावा

जूली ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन नामों को किस आधार पर हटाया गया और क्या इन लोगों को सुनवाई का मौका दिया जाएगा, जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय भी कह चुका है।

गौरतलब है कि वोटर लिस्ट संशोधन का मुद्दा हाल के महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है। जूली के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तारीखों का ऐलान होने वाला है।

नगर निकाय चुनाव परिणाम का हवाला

टीकाराम जूली ने भाजपा पर तानाशाही और लोकतंत्र के हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले नगर निकाय चुनाव में भाजपा को विधानसभा और लोकसभा चुनावों से भी कम मत मिले। उनके अनुसार, भाजपा ने वोट चोरी और अन्य हथकंडों के बावजूद जनादेश नहीं जीता।

आने वाले पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस इन मुद्दों को बड़े स्तर पर उठाने और एसआईआर तथा फॉर्म नंबर-6 में बदलाव के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की घोषणा कर चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय भी नज़रअंदाज़ नहीं कर सका। राजस्थान में दो साल से पंचायती राज चुनाव न होना संवैधानिक ढाँचे पर सीधा सवाल है, क्योंकि 73वाँ संशोधन नियमित चुनाव का आदेश देता है। ₹3,000 करोड़ के फंड का पंचायतों तक न पहुँचना — यदि सत्यापित हो — तो यह केवल राजनीतिक विफलता नहीं, बल्कि जमीनी सेवाओं पर सीधा असर डालने वाला प्रशासनिक संकट है। मुख्यधारा की कवरेज जूली के आरोपों को विपक्षी हमले की तरह पेश करती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच करेगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं?
टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर पिछले दो वर्षों से पंचायती राज चुनाव न कराने, करीब ₹3,000 करोड़ का पंचायत फंड रोकने और वोटर लिस्ट से नाम काटने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने एसआईआर और फॉर्म नंबर-6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव क्यों नहीं हुए?
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली के अनुसार, भाजपा सरकार के आने के बाद राजस्थान में पिछले दो वर्षों से पंचायती राज चुनाव नहीं कराए गए, जिससे ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। यह आरोप है; सरकार की ओर से इस पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम काटने का दावा क्या है?
जूली ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं और इन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की बात कही है। कांग्रेस का आरोप है कि यह सत्ता हथियाने की साजिश का हिस्सा है।
एसआईआर और फॉर्म नंबर-6 में क्या बदलाव किए गए हैं?
जूली के अनुसार, फॉर्म नंबर-6 में एक ऐसा कॉलम हटाया गया है जो पहले अनिवार्य था। उनका कहना है कि एसआईआर और फॉर्म नंबर-6 में ये बदलाव असली मतदाताओं के नाम हटाने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, और कांग्रेस इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी।
कांग्रेस ने पंचायती राज चुनाव अभियान कहाँ से शुरू किया और क्यों?
कांग्रेस ने राजस्थान के नागौर से पंचायती राज चुनाव अभियान की शुरुआत की है, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से नागौर वह स्थान है जहाँ पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पंचायती राज की नींव रखी थी। जूली के अनुसार, यह प्रतीकात्मक चुनाव पार्टी की ग्रामीण विकास की विरासत को आगे बढ़ाता है।
राष्ट्र प्रेस
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