क्या एसआईआर पर टीकाराम जूली ने भाजपा को घेरा, राजस्थान में हो रहा कांग्रेस वोटर रिमूवल?

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क्या एसआईआर पर टीकाराम जूली ने भाजपा को घेरा, राजस्थान में हो रहा कांग्रेस वोटर रिमूवल?

सारांश

राजस्थान में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के नामांकन को लेकर टीकाराम जूली ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह सब एक ड्रामा है और भाजपा कभी भी दलित को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना सकती। क्या राजस्थान में हो रहा है कांग्रेस वोटर रिमूवल? जानें पूरी खबर।

Key Takeaways

  • टीकाराम जूली ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • राजस्थान में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।
  • कांग्रेस वोटर रिमूवल पर चिंता जताई गई है।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सब उनका ड्रामा है। भाजपा का लोकतंत्र से कोई लेना-देना नहीं है। ये लोग कभी किसी दलित को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना सकते।

कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, “देखिए, यह सब उनका ड्रामा है। पूरी भाजपा को सिर्फ दो लोग चलाते हैं और उसी हिसाब से वे अपनी पसंद का अध्यक्ष चुनते हैं और पार्टी को अपनी मर्जी से चलाते हैं। भाजपा सच में किसी दलित को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना सकती, वे सिर्फ नाम के लिए ऐसा करते हैं।”

एसआईआर पर टीकाराम जूली ने कहा, "चुनाव निष्पक्ष तरीके से होने चाहिए। राजस्थान में लाखों वोटर्स के लिए एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो गई थी, सत्यापन और ड्राफ्ट पब्लिकेशन हो गया था और आपत्तियां मंगाई गई थीं। अमित शाह के दौरे तक सब कुछ ठीक चल रहा था, जिसके बाद नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने लगे।"

उन्होंने कहा कि मुझे अकेले ही ऐसे करीब 25,000 आवेदन मिले, जिनमें से कई पर गलत हस्ताक्षर थे। यह एक गंभीर गड़बड़ी लगती है। मैं चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से इन फॉर्म के सोर्स और गलत हस्ताक्षर की जांच का आदेश देने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील करता हूं।

टीकाराम जूली ने कहा, "राजस्थान में एक कैंपेन चल रहा है। वहां कांग्रेस वोटर रिमूवल (सीवीआर) हो रहा है, एसआईआर नहीं। राजस्थान में इस कैंपेन को कांग्रेस वोटर रिमूवल कहा जा रहा है। हमारे राज्य में एसआईआर हुआ था। जैसा कि आपने देखा होगा, बिहार में एसआईआर की वजह से लोगों के नाम हटाने को लेकर काफी विवाद हुआ था। इसी वजह से हम राजस्थान में अलर्ट थे। प्रदेश अध्यक्ष की देखरेख में हर बूथ पर बीएलए तैनात किया गया था। यही वजह है कि जब एसआईआर प्रोग्राम हुआ, तो राजस्थान से कोई शिकायत या गड़बड़ी सामने नहीं आई।

उन्होंने कहा, "वे अलवर के एक बड़े शहर भिवाड़ी या यहां तक ​​कि देश की राजधानी दिल्ली की हालत के बारे में एक शब्द भी नहीं कहते। ये आज गंभीर समस्याएं हैं। वे इस पर जवाब क्यों नहीं देते? वे नहीं देंगे। उनका पूरा ध्यान बंगाल चुनाव जीतने पर है, इसलिए वे उसी के बारे में बात करेंगे। लेकिन असली, ज़रूरी मुद्दों पर उनके पास कोई जवाब नहीं है।"

पश्चिम बंगाल पर टीकाराम जूली ने कहा, “पहले प्रधानमंत्री बंगाल की बात करना बंद करें और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, उस पर बात करें, उसका जवाब दें। ममता बनर्जी ने मजबूती से जवाब दिया है और यह मुद्दा आपके लिए महंगा साबित होगा। राजस्थान में जिस तरह से आप चीजों को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम विपक्ष में मजबूती से खड़े हैं।”

उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान यमुना को दिखावे के लिए साफ किया गया था, लेकिन आज उसकी हालत देखिए। आप दिल्ली में प्रदूषण के बारे में क्यों नहीं बोलते? क्या प्रदूषण सच में थोड़ा भी कम हुआ है? हमारे अलवर से मंत्री आते हैं, फिर भी अरावली में खनन के लिए मंजूरी दी जा रही है। यही सच्चाई है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि टीकाराम जूली ने भाजपा पर जो आरोप लगाए हैं, वे राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पार्टी के भीतर लोकतंत्र के सवाल उठाना और वोटर रिमूवल जैसी प्रक्रियाओं पर चिंता जताना, दर्शाता है कि राजस्थान में चुनावी राजनीति किस दिशा में बढ़ रही है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

टीकाराम जूली ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
टीकाराम जूली ने भाजपा को एक ड्रामा करने का आरोप लगाया है और कहा है कि भाजपा कभी भी दलित को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बना सकती।
राजस्थान में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान क्या हुआ?
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई आवेदन आए, जिनमें गलत हस्ताक्षर थे, जिससे चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग की गई है।
कांग्रेस वोटर रिमूवल क्या है?
यह एक कैंपेन है जिसमें कांग्रेस के वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे जनता में चिंता और विवाद उत्पन्न हो रहा है।
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