भारतीय सेना का MoU: सैनिकों के बच्चों को देहरादून मेडिकल संस्थान में मिलेगी ट्यूशन फीस में विशेष छूट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना ने 2 सितंबर 2026 को देहरादून स्थित कंबाइंड (पीजी) इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत सेवारत, सेवानिवृत्त और शहीद सैन्यकर्मियों के पात्र बच्चों को उच्च शिक्षा में ट्यूशन फीस पर विशेष छूट मिलेगी। यह कदम सैनिक परिवारों के शैक्षणिक और आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में सेना की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
समझौते का मुख्य घटनाक्रम
इस MoU के अंतर्गत देहरादून के उक्त संस्थान ने भारतीय सेना के सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों के पात्र बच्चों को ट्यूशन फीस में विशेष रियायत देने का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों और बच्चों के लिए और अधिक सहायता सुनिश्चित की गई है।
गौरतलब है कि जब कोई सैनिक सीमा पर तैनात होता है, तो उसके परिवार की जिम्मेदारी — विशेषकर बच्चों की शिक्षा — एक बड़ी चिंता बनी रहती है। यह समझौता उसी चिंता को कम करने की दिशा में एक ठोस संस्थागत प्रयास है।
शहीद परिवारों के लिए विशेष प्रावधान
समझौते में शहीद जवानों के परिजनों के लिए अलग से विशेष सहायता का उल्लेख किया गया है। सेना का मानना है कि जिन परिवारों ने देश की रक्षा में अपना सब कुछ खो दिया, उनके बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना राष्ट्रीय कर्तव्य है। फीस में रियायत इन परिवारों को आर्थिक राहत के साथ-साथ उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक होगी।
सेना की व्यापक कल्याण पहलें
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सेना सैनिक परिवारों के लिए रोज़गार और प्रशिक्षण के मोर्चे पर भी सक्रिय है। इससे पहले एयर इंडिया और सेना के बीच हुए एक समझौते के तहत देशभर से 58 उम्मीदवारों का चयन किया गया था, जिनमें वीर नारियाँ और उनके आश्रित शामिल थे। इनमें से दो महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोज़गार प्राप्त हुआ।
उस पहल के पहले चरण में 16 उम्मीदवारों ने विमानन और हवाई अड्डा सेवाओं से जुड़ा प्रशिक्षण पूरा कर लिया और उन्हें रोज़गार में शामिल किया जा चुका है। इनमें वीर नारियाँ और उनके बच्चे दोनों शामिल हैं।
सेना की प्रतिक्रिया और संदेश
भारतीय सेना ने कहा है कि यह पहल अपने सैन्यकर्मियों और उनके निकटतम परिजनों के कल्याण के प्रति सेना की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। सेना का स्पष्ट संदेश है कि जब जवान देश की सेवा में जुटे हों, तो उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी संस्थाएँ और सेना मिलकर उठाएँगी।
आगे की राह
इस MoU के लागू होने के बाद पात्र सैनिक परिवार देहरादून के इस संस्थान में प्रवेश के समय फीस रियायत का लाभ उठा सकेंगे। भारतीय सेना द्वारा इस प्रकार के शैक्षणिक और व्यावसायिक समझौतों की श्रृंखला यह संकेत देती है कि सैनिक कल्याण नीति अब केवल सेवाकाल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार की दीर्घकालिक सुरक्षा तक विस्तारित हो रही है।