भारतीय सेना-एयर इंडिया समझौता: 7 हवाई अड्डों पर शहीद परिवारों को 60 रोजगार, 25 स्कूलों में लैब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना और एयर इंडिया लिमिटेड के बीच 28 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर शहीद सैनिकों की विधवाओं (वीर नारियों) और उनके बच्चों को 60 रोजगार अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह समझौता सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ और इसे रोजगार, सशक्तिकरण तथा पर्यावरण — इन तीन स्तंभों पर आधारित बताया गया है।
समझौते की मुख्य बातें
एयर इंडिया द्वारा वीर नारियों के लिए 20 तथा उनके बच्चों के लिए 40 रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। ये नियुक्तियाँ देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर की जाएंगी। इस पहल का मूल उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।
25 आशा स्कूलों में व्यावसायिक प्रयोगशालाएँ
इस समझौते के अंतर्गत भारतीय सेना द्वारा संचालित 25 आशा स्कूलों में आधुनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में बेहतर करियर अवसर प्राप्त कर सकें। गौरतलब है कि ये स्कूल मुख्यतः सैन्य परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए संचालित होते हैं।
सेना के अस्पतालों में ई-कार्ट सुविधा
पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना के अस्पतालों में बैटरी-चालित ई-कार्ट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनका उपयोग विशेष रूप से बुजुर्ग, घायल तथा गंभीर रूप से बीमार मरीजों की अस्पताल परिसर में आवाजाही को सुगम बनाने के लिए किया जाएगा। यह कदम हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।
सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
यह ऐसे समय में आया है जब सैन्य परिवारों, विशेषकर शहीदों की विधवाओं के पुनर्वास और आर्थिक सुरक्षा को लेकर लंबे समय से माँग उठती रही है। भारतीय सेना के अनुसार, यह साझेदारी सैन्य समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगी और कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा हरित परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी। आगे चलकर इस मॉडल को और अधिक कंपनियों और क्षेत्रों तक विस्तारित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।