क्या शहीदों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए ट्यूशन फीस माफ की गई?

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क्या शहीदों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए ट्यूशन फीस माफ की गई?

सारांश

शहीदों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए भारतीय सेना ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहल 148 चयनित स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से है, जिससे शहीद सैनिकों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

Key Takeaways

  • शहीदों के बच्चों को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलेगी।
  • सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलेगी।
  • 148 चयनित स्कूलों में विशेष शैक्षणिक सहायता मिलेगी।
  • पुस्तकें, यूनिफॉर्म, और अन्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • यह पहल भारतीय सेना की परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शहीदों के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कई लाभकारी प्रावधान किए जा रहे हैं। देशभर में स्थापित 148 चयनित स्कूलों में इन छात्रों को विशेष शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी। एक निश्चित संख्या में शहीद सैनिकों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति मिलेगी।

सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 50 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी। भारतीय सेना ने अपने सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके अंतर्गत मुंबई स्थित पोदार एजुकेशन नेटवर्क के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

भारतीय सेना के अनुसार, इस एमओयू का उद्देश्य सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करना है। इस समझौते के अंतर्गत पोदार एजुकेशन नेटवर्क के देशभर में संचालित 148 स्कूलों में सैनिकों के बच्चों को विशेष शैक्षणिक सहायता मिलेगी।

एमओयू के प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में अधिकतम चार बच्चों को ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह सुविधा वे सैनिकों के बच्चे प्राप्त करेंगे जो सेवा के दौरान शहीद हुए या युद्ध में हताहत घोषित किए गए हैं। वहीं, सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों के लिए प्रत्येक स्कूल में अधिकतम 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह सुविधा 10 बच्चों को मिलेगी। सेना के अनुसार, इस सहायता पैकेज में केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि पुस्तकें, स्कूल यूनिफॉर्म, स्कूल किट और एक बार का प्रवेश शुल्क भी शामिल होगा।

इससे सैनिक परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम हो सकेगा। यह पहल भारतीय सेना की अपने सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, यह एमओयू सेना समुदाय के लिए संस्थागत स्तर पर शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करता है। सेना का यह कदम न केवल सैनिक परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में यह संदेश भी देता है कि राष्ट्र अपने रक्षकों और उनके परिजनों के साथ हमेशा खड़ा है।

Point of View

यह पहल न केवल शहीदों के बच्चों के लिए शिक्षा का स्तर बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि यह समाज में एक मजबूत संदेश भी देगी कि हमें अपने रक्षकों का सम्मान करना चाहिए। यह कदम उनके परिवारों को एक सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण है।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या शहीदों के बच्चों को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलेगी?
हाँ, शहीदों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी।
सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को कितनी छात्रवृत्ति मिलेगी?
सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलेगी।
इस एमओयू का उद्देश्य क्या है?
इस एमओयू का उद्देश्य शहीदों और सैनिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।
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